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शौचालय बनवाएं, अपनी कंपनी की खुद ब्रांडिंग कराएं
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:09 PM IST
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शौचालय बनवाएं, अपनी कंपनी की ब्रांडिंंग कराएं
- निजी कंपनियों के सीएसआर फंड से होगा शौचालय निर्माण
- शासन ने डीएम को जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शौचालय निर्माण में आ रही बजट की कमी को दूर करने के लिए शासन ने नया तरीका ढूंढा है। अब शासन ने निजी कंपनियों व संस्थाओं के मालिकों से शौचालय निर्माण कराकर अपनी ब्रांडिंग कराने का आवाहन किया है। इससे अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश को ओडीएफ करने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। योजना के तहत अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन फंड की कमी इसमें बाधा बन रही है। अब फंड की कमी से निजात पाने के लिए शासन ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत शासन ने निजी कंपनियों, संस्थाओं के सीएसआर फंड से शौचालय निर्माण का आह्वान किया है। इसमें शासन ने कंपनियों को छूट दी है कि वह अपने द्वारा बनाए गए शौचालयों पर खुद की ब्रांडिंग कर सकेंगी। योजना के तहत कोई भी कंपनी या संस्था ग्राम पंचायतों को गोद ले सकती है। उसके बाद संबंधित पंचायत में सभी लाभार्थियों के व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराकर उसे खुले में शौच मुक्त बनाया जाए। अपने प्रचार-प्रसार के लिए कंपनी या संस्था ग्राम पंचायतों में बोर्ड भी लगवा सकती है। इसके अलावा अगर कोई कंपनी या संस्था ऐसा नहीं चाहती है तो इसके अलावा एक तरीका और भी है। कंपनी सीएसआर फंड की धनराशि स्टेट सैनिटेशन मिशन उत्तर प्रदेश या जिला स्वच्छता समिति को हस्तांतरित कर सकती है। हस्तांतरित की गई धनराशि से शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। योजना को सफल बनाने के लिए अपर मुख्य सचिव चंचल तिवारी ने डीएम को आदेश जारी कर दिए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह का कहना है कि शासन की इस पहल से जहां जरूरतमंदों को शौचालय की सौगात मिलेगी, वहीं कंपनियों को अपनी ब्रांडिंग का मौका भी मिलेगा। शासन की ओर से जारी किए गए आदेशों का पालन किया जाएगा।
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- निजी कंपनियों के सीएसआर फंड से होगा शौचालय निर्माण
- शासन ने डीएम को जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शौचालय निर्माण में आ रही बजट की कमी को दूर करने के लिए शासन ने नया तरीका ढूंढा है। अब शासन ने निजी कंपनियों व संस्थाओं के मालिकों से शौचालय निर्माण कराकर अपनी ब्रांडिंग कराने का आवाहन किया है। इससे अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश को ओडीएफ करने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। योजना के तहत अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन फंड की कमी इसमें बाधा बन रही है। अब फंड की कमी से निजात पाने के लिए शासन ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत शासन ने निजी कंपनियों, संस्थाओं के सीएसआर फंड से शौचालय निर्माण का आह्वान किया है। इसमें शासन ने कंपनियों को छूट दी है कि वह अपने द्वारा बनाए गए शौचालयों पर खुद की ब्रांडिंग कर सकेंगी। योजना के तहत कोई भी कंपनी या संस्था ग्राम पंचायतों को गोद ले सकती है। उसके बाद संबंधित पंचायत में सभी लाभार्थियों के व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराकर उसे खुले में शौच मुक्त बनाया जाए। अपने प्रचार-प्रसार के लिए कंपनी या संस्था ग्राम पंचायतों में बोर्ड भी लगवा सकती है। इसके अलावा अगर कोई कंपनी या संस्था ऐसा नहीं चाहती है तो इसके अलावा एक तरीका और भी है। कंपनी सीएसआर फंड की धनराशि स्टेट सैनिटेशन मिशन उत्तर प्रदेश या जिला स्वच्छता समिति को हस्तांतरित कर सकती है। हस्तांतरित की गई धनराशि से शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। योजना को सफल बनाने के लिए अपर मुख्य सचिव चंचल तिवारी ने डीएम को आदेश जारी कर दिए हैं।
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जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह का कहना है कि शासन की इस पहल से जहां जरूरतमंदों को शौचालय की सौगात मिलेगी, वहीं कंपनियों को अपनी ब्रांडिंग का मौका भी मिलेगा। शासन की ओर से जारी किए गए आदेशों का पालन किया जाएगा।
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