{"_id":"5a4e67e34f1c1b4a198b4cfb","slug":"151508801312-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायतों में उलझी किसानों की ऋणमाफी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायतों में उलझी किसानों की ऋणमाफी
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिकायतों में उलझी किसानों की ऋणमाफी
- बैंकों से हुई त्रुटियों को लेकर शिकायतों का दौर जारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। किसानों को बैंक ऋण से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू हुई ऋणमोचन योजना के चार चरण संपन्न हो चुके हैं। अभी भी शेष किसानों को लाभांवित करने की प्रक्रिया चल रही है। इधर योजना से संबंधित शिकायतों को लेकर नोडल विभाग फिर परेशानियों में उलझकर रह गया है। स्थिति यह है कि तमाम तरह की समस्याओं को लेकर 10 हजार से भी ज्यादा प्रार्थना पत्र विभिन्न माध्यमों से कृषि विभाग को प्राप्त हुए हैं।
जिले में करीब एक लाख 65 हजार किसानों को योजना के तहत लाभान्वित करने के लिए चिन्हित किया गया था। अब तक 80 हजार से अधिक किसानों को ऋण मुक्ति का लाभ मिल चुका है। अब तक योजना के लाभ और बैंकों से हुईं त्रुटियों को लेकर कृषि विभाग को पिछले दो महीनों में 10 हजार से अधिक शिकायतें मिलना विभाग की मुसीबत बन गया है। शासन द्वारा शिकायतों के लिए बनाए गए आरटीजीएस पोर्टल पर सैकड़ों शिकायतें की गईं हैं। शिकायतों के निस्तारण में कृषि विभाग तृतीय चरण में शेष रहे किसानों को लाभान्वित नहीं कर पा रहा है। वहीं शिकायतें भी कम नहीं हो पा रही हैं। शिकायतों में अधिकांश प्रार्थना पत्र इस बात को लेकर हैं कि किसानों ने बैंकों में अपने आधार कार्ड पहले ही उपलब्ध करा दिए, लेकिन जान-बूझकर बैंकों ने उन्हें आधार कार्ड की अनुपलब्धता दर्शाते हुए अब तक लाभांवित हुए पात्रों की सूची में शामिल नहीं किया। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि अभी आरटीजीएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है। इनके निस्तारण के बाद ही अंतिम पात्रों की सूची जारी की जाएगी।
विज्ञापन
- बैंकों से हुई त्रुटियों को लेकर शिकायतों का दौर जारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। किसानों को बैंक ऋण से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू हुई ऋणमोचन योजना के चार चरण संपन्न हो चुके हैं। अभी भी शेष किसानों को लाभांवित करने की प्रक्रिया चल रही है। इधर योजना से संबंधित शिकायतों को लेकर नोडल विभाग फिर परेशानियों में उलझकर रह गया है। स्थिति यह है कि तमाम तरह की समस्याओं को लेकर 10 हजार से भी ज्यादा प्रार्थना पत्र विभिन्न माध्यमों से कृषि विभाग को प्राप्त हुए हैं।
जिले में करीब एक लाख 65 हजार किसानों को योजना के तहत लाभान्वित करने के लिए चिन्हित किया गया था। अब तक 80 हजार से अधिक किसानों को ऋण मुक्ति का लाभ मिल चुका है। अब तक योजना के लाभ और बैंकों से हुईं त्रुटियों को लेकर कृषि विभाग को पिछले दो महीनों में 10 हजार से अधिक शिकायतें मिलना विभाग की मुसीबत बन गया है। शासन द्वारा शिकायतों के लिए बनाए गए आरटीजीएस पोर्टल पर सैकड़ों शिकायतें की गईं हैं। शिकायतों के निस्तारण में कृषि विभाग तृतीय चरण में शेष रहे किसानों को लाभान्वित नहीं कर पा रहा है। वहीं शिकायतें भी कम नहीं हो पा रही हैं। शिकायतों में अधिकांश प्रार्थना पत्र इस बात को लेकर हैं कि किसानों ने बैंकों में अपने आधार कार्ड पहले ही उपलब्ध करा दिए, लेकिन जान-बूझकर बैंकों ने उन्हें आधार कार्ड की अनुपलब्धता दर्शाते हुए अब तक लाभांवित हुए पात्रों की सूची में शामिल नहीं किया। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि अभी आरटीजीएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है। इनके निस्तारण के बाद ही अंतिम पात्रों की सूची जारी की जाएगी।
विज्ञापन