फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   अब हर गांव में होगी जैविक खेती

अब हर गांव में होगी जैविक खेती

Thu, 04 Jan 2018 11:13 PM IST
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:13 PM IST
विज्ञापन
अब हर गांव में होगी जैविक खेती
अब हर गांव में होगी जैविक खेती
विज्ञापन

- प्रत्येक आबाद राजस्व गांव में एक-एक किसान को मिलेगा लाभ
- वर्मी कंपोस्ट के लिए 75 फीसदी सरकार से मिलेगा अनुदान
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। मिट्टी की सेहत सुधारने के साथ ही रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम करने के लिए अब हर गांव में जैविक खेती होगी। प्रयोग के तौर पर प्रत्येक आबाद राजस्व गांव में एक-एक किसान को इसका लाभ दिया जाएगा। कृषि विभाग चयनित किसानों को वर्मी कंपोस्ट के लिए 75 फीसदी का अनुदान उपलब्ध कराएगा।
अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसान रासायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध प्रयोग करते हैं। इससे अनाज का उत्पादन तो बढ़ता है, लेकिन गुणवत्ता कम होने के साथ ही मिट्टी की उर्वराशक्ति क्षीण होती जा रही है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को जैविक खेती की तरफ मोड़ने के लिए अनुदान देने का फैसला लिया है। पहले चरण में सूबे के सभी राजस्व गांवों में एक-एक किसान चयनित किए जाएंगे। ग्राम पंचायत किसानों का चयन करने के बाद कृषि विभाग को सूची उपलब्ध कराएगी। इसके बाद किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद वर्मी कंपोस्ट बेड का निर्माण कराएगा। वर्मी कंपोस्ट यूनिट पहले स्वयं किसान बनाएगा। इसे तैयार करने में आठ हजार की लागत आएगी। इस राशि की 75 फीसदी छह हजार अनुदान की धनराशि निर्माण के बाद सीधे किसान के खाते में भेजी जाएगी। इस योजना को शुरू करने के लिए कृषि विभाग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इस संबंध में कृषि उप निदेशक आरपी सिंह ने बताया कि जैविक खेती के लिए प्रत्येक गांव से एक-एक किसान का चयन किया जाएगा। ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर किसानों को वर्मी कंपोस्ट बेड निर्माण कराने पर अनुदान मिलेगा। इसके लिए ग्राम प्रधानों को पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन


जिस वर्ग का होगा प्रधान, उसी वर्ग को मिलेगा लाभ
योजना के तहत लाभ लेने के लिए किसानों के चयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को दी गई है। गांव में जिस वर्ग का प्रधान होगा, उसी वर्ग के किसान का चयन किया जाएगा। किसान के पास पशु के साथ ही कम से कम एक एकड़ खेती होनी चाहिए। यदि लाभार्थी महिला है तो पति के नाम खेत होना अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed