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मातृत्व योजना का विवरण नहीं ले रहा पोर्टल
Updated Sun, 24 Dec 2017 10:34 PM IST
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प्रसूताओं को मातृत्व योजना का लाभ मिलने में अड़चन
बुलंदशहर। जनवरी 2017 से जुलाई 2017 तक की प्रसूताओं को मातृत्व योजना का लाभ मिलने में अड़चन आ गई है। स्वास्थ्य विभाग के जिस पोर्टल पर प्रसूताओं का विवरण दर्ज करना है, उस पोर्टल पर डाटा दर्ज नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अब उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगे हैं।
डेढ़ माह पूर्व केंद्र सरकार ने प्रसूताओं को लाभ देने के लिए मातृत्व योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत जनवरी 2017 के बाद सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को छह हजार रुपये की धनराशि तीन किश्तों में सहायता के रूप में दी जानी थी। सरकार ने आदेश दिए थे कि जनवरी 2017 से जितनी भी महिलाओं की डिलीवरी हुई है, सभी को योजना का लाभ दिया जाए। सरकार के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने प्रसूताओं का ब्यौरा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना शुरू किया। लेकिन पोर्टल पर पांच माह से अधिक पुराने विवरण को स्वीकार नहीं किया गया। इस कारण जनवरी से जुलाई 2017 के बीच हुईं कुल 4361 डिलीवरी का लाभ प्रसूताओं का नहीं मिल पा रहा है। पोर्टल पर ब्यौरा अपलोड न होने से परेशान स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। बताया जा रहा है कि उच्चाधिकारियों ने सभी प्रसूताओं का ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस बाबत सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। शीघ्र ही वंचित प्रसूताओं को भी योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
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बुलंदशहर। जनवरी 2017 से जुलाई 2017 तक की प्रसूताओं को मातृत्व योजना का लाभ मिलने में अड़चन आ गई है। स्वास्थ्य विभाग के जिस पोर्टल पर प्रसूताओं का विवरण दर्ज करना है, उस पोर्टल पर डाटा दर्ज नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अब उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगे हैं।
डेढ़ माह पूर्व केंद्र सरकार ने प्रसूताओं को लाभ देने के लिए मातृत्व योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत जनवरी 2017 के बाद सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को छह हजार रुपये की धनराशि तीन किश्तों में सहायता के रूप में दी जानी थी। सरकार ने आदेश दिए थे कि जनवरी 2017 से जितनी भी महिलाओं की डिलीवरी हुई है, सभी को योजना का लाभ दिया जाए। सरकार के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने प्रसूताओं का ब्यौरा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना शुरू किया। लेकिन पोर्टल पर पांच माह से अधिक पुराने विवरण को स्वीकार नहीं किया गया। इस कारण जनवरी से जुलाई 2017 के बीच हुईं कुल 4361 डिलीवरी का लाभ प्रसूताओं का नहीं मिल पा रहा है। पोर्टल पर ब्यौरा अपलोड न होने से परेशान स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। बताया जा रहा है कि उच्चाधिकारियों ने सभी प्रसूताओं का ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस बाबत सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। शीघ्र ही वंचित प्रसूताओं को भी योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
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