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फर्जी व्यक्ति को दे दिया जमीन अधिग्रहण का मुआवजा
Updated Mon, 18 Dec 2017 01:33 AM IST
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अपात्र को दे दिया जमीन अधिग्रहण का मुआवजा
बुलंदशहर। नेशनल हाईवे - 93 के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजा वितरण में घपला सामने आया है। डिबाई क्षेत्र में अफसर-बाबुओं ने फर्जीवाड़ा कर किसान के बजाये किसी दूसरे व्यक्ति को भुगतान कर दिया। मामला सामने आने पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
एनएच 93 के निर्माण के लिए डिबाई क्षेत्र के कुछ किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। बाबुओं ने अफसरों के साथ मिलकर कई किसानों की जमीन का मुआवजा अपात्र व्यक्तियों को कर धनराशि का बंदरबांट कर लिया। सूत्रों का दावा है कि कुछ समय बाद मौके पर पहुंचे जमीन के मालिक ने मुआवजा न मिलने की शिकायत की तो पता चला कि मुआवजा वितरित कर दिया गया है। जबकि भू स्वामी को वास्तव में जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया था। इसके बाद उसने मामले में डीएम से शिकायत की तो जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया। अभी केवल एक किसान के मुआवजे का फर्जीवाड़ा खुला है। इसके अलावा अभी कई अन्य किसानों के साथ भी धोखा किया गया है। बताया जा रहा है कि पूरे खेल में बाबुओं के साथ कई बड़े अफसरों की कलम भी फंसती जा रही है। एडीएम प्रशासन अरविंद मिश्र ने बताया कि डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम मामले की जांच कर रही है।
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बुलंदशहर। नेशनल हाईवे - 93 के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजा वितरण में घपला सामने आया है। डिबाई क्षेत्र में अफसर-बाबुओं ने फर्जीवाड़ा कर किसान के बजाये किसी दूसरे व्यक्ति को भुगतान कर दिया। मामला सामने आने पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
एनएच 93 के निर्माण के लिए डिबाई क्षेत्र के कुछ किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। बाबुओं ने अफसरों के साथ मिलकर कई किसानों की जमीन का मुआवजा अपात्र व्यक्तियों को कर धनराशि का बंदरबांट कर लिया। सूत्रों का दावा है कि कुछ समय बाद मौके पर पहुंचे जमीन के मालिक ने मुआवजा न मिलने की शिकायत की तो पता चला कि मुआवजा वितरित कर दिया गया है। जबकि भू स्वामी को वास्तव में जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया था। इसके बाद उसने मामले में डीएम से शिकायत की तो जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया। अभी केवल एक किसान के मुआवजे का फर्जीवाड़ा खुला है। इसके अलावा अभी कई अन्य किसानों के साथ भी धोखा किया गया है। बताया जा रहा है कि पूरे खेल में बाबुओं के साथ कई बड़े अफसरों की कलम भी फंसती जा रही है। एडीएम प्रशासन अरविंद मिश्र ने बताया कि डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम मामले की जांच कर रही है।
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