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10 खंड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को चिन्हित करने में फिसड्डी
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:54 PM IST
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10 खंड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को चिह्नित करने में फिसड्डी
- आगरा विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले शिक्षकों का मामला
- अब तक छह खंड शिक्षा अधिकारी ही दे पाए हैं शिक्षकों का ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
परिषदीय स्कूलों में संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी के शैक्षणिक दस्तावेजों पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर लिया गया, लेकिन अब तक आगरा विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले शिक्षकों को चिह्नित नहीं किया जा सका है। अब तक छह खंड शिक्षा अधिकारियों ने ही शिक्षकों के नाम दिए हैं, जबकि 10 खंड शिक्षा अधिकारी फिसड्डी साबित हो रहे हैं।
शासन को शिकायत मिली थी कि आगरा विश्वविद्यालय और संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के फर्जी शैक्षणिक कागजातों से कुछ लोग परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बन गए हैं। इसकी जांच विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है। एसआईटी के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दोनों विश्वविद्यालयों के कागजात पर वर्ष 2004 से अब तक नौकरी पाने वाले शिक्षकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। अब तक संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से डिग्री लेने वाले 35 शिक्षक चिह्नित किए जा चुके हैं, जबकि आगरा विश्वविद्यालय के स्याना से तीन, ऊंचागांव से एक, पहासू से नौ, शिकापुर से दो, सिकंदराबाद से दस और लखावठी ब्लॉक से एक शिक्षक चिह्नित किया गया है। इनमें से चार शिक्षकों के कागजात फर्जी होने की भी पुष्टि हो गई है। अब तक अनूपशहर, अगौता, अरनिया, खुर्जा, डिबाई, दानपुर, बुलंदशहर, जहांगीराबाद, बीबीनगर और गुलावठी के खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक चिह्नित नहीं किए हैं। इस संबंध में बीएसए अजीत कुमार का कहना है कि इन सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को सोमवार तक का समय दिया गया है। इसके बाद इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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- आगरा विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले शिक्षकों का मामला
- अब तक छह खंड शिक्षा अधिकारी ही दे पाए हैं शिक्षकों का ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
परिषदीय स्कूलों में संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी के शैक्षणिक दस्तावेजों पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर लिया गया, लेकिन अब तक आगरा विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले शिक्षकों को चिह्नित नहीं किया जा सका है। अब तक छह खंड शिक्षा अधिकारियों ने ही शिक्षकों के नाम दिए हैं, जबकि 10 खंड शिक्षा अधिकारी फिसड्डी साबित हो रहे हैं।
शासन को शिकायत मिली थी कि आगरा विश्वविद्यालय और संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के फर्जी शैक्षणिक कागजातों से कुछ लोग परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बन गए हैं। इसकी जांच विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है। एसआईटी के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दोनों विश्वविद्यालयों के कागजात पर वर्ष 2004 से अब तक नौकरी पाने वाले शिक्षकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। अब तक संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से डिग्री लेने वाले 35 शिक्षक चिह्नित किए जा चुके हैं, जबकि आगरा विश्वविद्यालय के स्याना से तीन, ऊंचागांव से एक, पहासू से नौ, शिकापुर से दो, सिकंदराबाद से दस और लखावठी ब्लॉक से एक शिक्षक चिह्नित किया गया है। इनमें से चार शिक्षकों के कागजात फर्जी होने की भी पुष्टि हो गई है। अब तक अनूपशहर, अगौता, अरनिया, खुर्जा, डिबाई, दानपुर, बुलंदशहर, जहांगीराबाद, बीबीनगर और गुलावठी के खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक चिह्नित नहीं किए हैं। इस संबंध में बीएसए अजीत कुमार का कहना है कि इन सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को सोमवार तक का समय दिया गया है। इसके बाद इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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