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प्रदर्शनी ने दिया वन्य जीव और पौधे बचाने का संदेश
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:15 PM IST
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फोटो समाचार
प्रदर्शनी ने दिया वन्य जीव और पौधेे बचाने का संदेश
- वन्य जीव सप्ताह के तहत लगाई गई जैव विविधता पर आधारित प्रदर्शनी
- आईपी कॉलेज प्रथम परिसर में गोष्ठी का भी हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नेशनल विल्डलाइफ फाउंडेशन की ओर से घोषित वन्य जीव सप्ताह के तहत शनिवार को आईपी कॉलेज में वन्य जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जैव विविधता पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसके माध्यम से वन्य जीवन और पौधे बचाने का संदेश दिया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके अग्रवाल, शिक्षक डॉ. एमएस कसाना और डॉ. राजीव गोविला ने किया। डॉ. रूपनारायण ने बताया कि जीवन के लिए पेड़-पौधे अति आवश्यक है। मुख्य वक्ता पर्यावरणविद् डॉ. यशवंत राय ने वन्य जीव सप्ताह से अवगत कराते हुए कहा कि यदि पेड़ों की इसी तरह कटाई जारी रही तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने आर्थिक और विकास संगठन एवं भारतीय वन सर्वेक्षण देहरादून की रिपोर्ट पर भी प्रकाश डाला। डॉ. एमएस कसाना ने कहा कि सुनामी, फेलिन, हुदहुद और केदारनाथ जैसी प्राकृतिक घटनाओं से सबब लेना चाहिए। इन प्राकृतिक आपदाओं के सामने सभी टेक्नोलॉजी भी बेबस हो जाती है। डॉ. राजीव गोविला ने बताया कि वनों में औषधियों का खजाना है और आज वन क्षेत्र घटने से औषधीय पौधे संकट में हैं। प्राचार्य डॉ. वीके अग्रवाल ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए कुछ परिवर्तन करने होंगे। एक व्यक्ति 10 हजार वर्ग मीटर की जगह पर कंकरीट की चादर फैला रहा है। दूसरा 50 मीटर की जगह पर फैला रहा है। इसका दायरा कम करना होगा। सभी अतिथियों का डॉ. पूनम पालीवाल ने धन्यवाद किया। इस दौरान डॉ. अजय कुमार गोयल, डॉ. अलका गुप्ता, डॉ. चारू शर्मा, रिचा गर्ग, लवली पाठक आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शनी ने दिया वन्य जीव और पौधेे बचाने का संदेश
- वन्य जीव सप्ताह के तहत लगाई गई जैव विविधता पर आधारित प्रदर्शनी
- आईपी कॉलेज प्रथम परिसर में गोष्ठी का भी हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नेशनल विल्डलाइफ फाउंडेशन की ओर से घोषित वन्य जीव सप्ताह के तहत शनिवार को आईपी कॉलेज में वन्य जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जैव विविधता पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसके माध्यम से वन्य जीवन और पौधे बचाने का संदेश दिया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके अग्रवाल, शिक्षक डॉ. एमएस कसाना और डॉ. राजीव गोविला ने किया। डॉ. रूपनारायण ने बताया कि जीवन के लिए पेड़-पौधे अति आवश्यक है। मुख्य वक्ता पर्यावरणविद् डॉ. यशवंत राय ने वन्य जीव सप्ताह से अवगत कराते हुए कहा कि यदि पेड़ों की इसी तरह कटाई जारी रही तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने आर्थिक और विकास संगठन एवं भारतीय वन सर्वेक्षण देहरादून की रिपोर्ट पर भी प्रकाश डाला। डॉ. एमएस कसाना ने कहा कि सुनामी, फेलिन, हुदहुद और केदारनाथ जैसी प्राकृतिक घटनाओं से सबब लेना चाहिए। इन प्राकृतिक आपदाओं के सामने सभी टेक्नोलॉजी भी बेबस हो जाती है। डॉ. राजीव गोविला ने बताया कि वनों में औषधियों का खजाना है और आज वन क्षेत्र घटने से औषधीय पौधे संकट में हैं। प्राचार्य डॉ. वीके अग्रवाल ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए कुछ परिवर्तन करने होंगे। एक व्यक्ति 10 हजार वर्ग मीटर की जगह पर कंकरीट की चादर फैला रहा है। दूसरा 50 मीटर की जगह पर फैला रहा है। इसका दायरा कम करना होगा। सभी अतिथियों का डॉ. पूनम पालीवाल ने धन्यवाद किया। इस दौरान डॉ. अजय कुमार गोयल, डॉ. अलका गुप्ता, डॉ. चारू शर्मा, रिचा गर्ग, लवली पाठक आदि मौजूद रहे।
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