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छात्र-छात्रा कॉलेज पहुंचे या नहीं, जानेंगे अभिभावक
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:32 PM IST
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छात्र-छात्रा कॉलेज पहुंचे या नहीं, जानेंगे अभिभावक
-पोस्टकार्ड और मोबाइल पर एसएमएस से अभिभावकों को मिलेगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। छात्र-छात्रा घर से कॉलेज पहुंचे या नहीं, अब अभिभावक भी जान सकेंगे। इसकी शुरूआत डीएवी कॉलेज की ओर से की जा रही है। विद्यार्थियों की कॉलेज में अनुपस्थिति की जानकारी अभिभावकों को पोस्टकार्ड और मोबाइल पर एसएमएस से मिलेगी।
देखने में आता है कि कुछ विद्यार्थी घर से निकलने के बाद कॉलेज नहीं पहुंचते। जबकि यूनिवर्सिटी का नियम है कि कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थित दर्ज होने के बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है। उपस्थिति कम होने पर उसे पूरा करने के लिए चक्कर लगाते हैं और इससे अभिभावक अंजान रहते हैं। विद्यार्थियों के बंक मारने के बाद उनकी अनुपस्थिति की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने के लिए डीएवी कॉलेज ने कदम बढ़ा दिए हैं। प्राचार्य डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि कॉलेज की प्रबंधन समिति ने निर्णय लिया है कि अनुपस्थित छात्र-छात्राओं की जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी। यह जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने को पोस्टकार्ड और मोबाइल पर एसएमएस भेजे जाएंगे। इस व्यवस्था को कामयाब बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। सभी प्रोफेसरों को भी अवगत करवा दिया है कि वह अपनी कक्षा के अनुपस्थित छात्र-छात्राओं की जानकारी समय-समय पर उन्हें देते रहे।
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-पोस्टकार्ड और मोबाइल पर एसएमएस से अभिभावकों को मिलेगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। छात्र-छात्रा घर से कॉलेज पहुंचे या नहीं, अब अभिभावक भी जान सकेंगे। इसकी शुरूआत डीएवी कॉलेज की ओर से की जा रही है। विद्यार्थियों की कॉलेज में अनुपस्थिति की जानकारी अभिभावकों को पोस्टकार्ड और मोबाइल पर एसएमएस से मिलेगी।
देखने में आता है कि कुछ विद्यार्थी घर से निकलने के बाद कॉलेज नहीं पहुंचते। जबकि यूनिवर्सिटी का नियम है कि कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थित दर्ज होने के बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है। उपस्थिति कम होने पर उसे पूरा करने के लिए चक्कर लगाते हैं और इससे अभिभावक अंजान रहते हैं। विद्यार्थियों के बंक मारने के बाद उनकी अनुपस्थिति की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने के लिए डीएवी कॉलेज ने कदम बढ़ा दिए हैं। प्राचार्य डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि कॉलेज की प्रबंधन समिति ने निर्णय लिया है कि अनुपस्थित छात्र-छात्राओं की जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी। यह जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने को पोस्टकार्ड और मोबाइल पर एसएमएस भेजे जाएंगे। इस व्यवस्था को कामयाब बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। सभी प्रोफेसरों को भी अवगत करवा दिया है कि वह अपनी कक्षा के अनुपस्थित छात्र-छात्राओं की जानकारी समय-समय पर उन्हें देते रहे।
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