फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   अफसरों ने पकड़ी बड़ी खेप, छोड़ी

अफसरों ने पकड़ी बड़ी खेप, छोड़ी

Thu, 07 Sep 2017 11:36 PM IST
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:36 PM IST
विज्ञापन
अफसरों ने पकड़ी बड़ी खेप, छोड़ी
अफसरों ने पकड़ी बड़ी खेप, छोड़ी
विज्ञापन

नगर के एक ट्रांसपोर्ट में अवैध रूप से दवाइयों का बड़े पैमाने पर स्टॉक रखा होने की सूचना पर औषधि विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद कई मेडिकल व्यापारियों की दवाइयों की खेप होने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं सूत्र मौके पर बड़ी खेप के पकड़े जाने और बाद में उसे छोड़ दिए जाने की बात कह रहे हैं।
गाजियाबाद से बांग्लादेश जाने के लिए कफ सिरप फैंसिड्रिल की करीब 800 से 900 पेटियों की खेप नगर के एक ट्रांसपोर्ट पर लाई गई। खेप को एक ट्रांसपोर्ट मालिक ने अपने ट्रांसपोर्ट के पास अवैध रूप से रख लिया। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में फैंसिड्रिल को नशे के लिए प्रयोग किया जाता है, जिसके चलते बांग्लादेश में यह सीरप प्रिंट कीमत से भी अधिक में बिकता है। सूत्रों के अनुसार तीन दिन पहले ही सीरप की यह खेप जिले में आई, जिसे बांग्लादेश भेजना था। गोपनीय जानकारी पर औषधि प्रशासन के अफसर बुधवार दोपहर पुलिस टीम को लेकर मौके पर पहुंच गए। सूत्रों ने दावा किया कि मौके पर अफसरों को करीब आठ से नौ सौ पेटियां फैंसिड्रिल रखी मिली। लेकिन ट्रांसपोर्ट मालिक ने अफसरों से मिलीभगत कर पूरे प्रकरण को दबा दिया। अफसर भी बिना कोई कार्रवाई किए मौके से वापस लौट आए। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि नियमानुसार किसी भी मेडिकल संचालक को इसकी अधिकतम 30 पेटियां रखने की इजाजत है, लेकिन एक ट्रांसपोर्ट पर इतनी बड़ी मात्रा में दवाई की खेप मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं किया जाना सवाल खड़े करता है।
विज्ञापन


करीब 90 लाख से अधिक है कीमत
दावा किया जा रहा है कि ट्रांसपोर्टर के यहां से जितनी दवाई मौके पर बरामद की गई उसकी कीमत 90 लाख से अधिक है। जानकारी के मुताबिक दवाई विक्रेता अवैध रूप से अन्य क्षेत्रों में प्रिंट रेट से अधिक रेट पर दवाइयों का विक्रय करते हैं, जिसके चलते जिले में शायद ही किसी मेडिकल स्टोर पर फैंसिड्रिल सीरप उपलब्ध हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी पकड़ी गई थी बड़ी खेप
ऐसा नहीं है कि जिले में पहली बार फैंसिड्रिल की खेप पकड़ी गई है। बल्कि इससे पूर्व गत वर्ष भी एक दस टायरा ट्रक में फैंसिड्रिल की खेप वाणिज्य कर विभाग के अफसरों ने पकड़ी थी। हालांकि अफसरों ने सिर्फ कर संबंधी कागजातों की जांच कर जुर्माना वसूलते हुए ट्रक को छोड़ दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed