{"_id":"59aae8e64f1c1b0f278b4e50","slug":"150437297610-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ड्रिप और स्प्रे विधि से करें खेती, पाए अधिक उत्पादन और मुनाफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ड्रिप और स्प्रे विधि से करें खेती, पाए अधिक उत्पादन और मुनाफा
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ड्रिप और स्प्रे विधि से करें खेती, पाएं अधिक उत्पादन
- खेत में ड्रिप व स्प्रे की पाइप बिछाने के लिए सरकार दे रही सब्सिडी
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मिलेगी 90 फीसदी तक सब्सिडी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलदशहर।
किसान यदि ड्रिप और स्प्रे विधि से खेती करें तो अधिक उत्पादन के साथ मुनाफा भी अधिक पा सकते हैं। खेत में ड्रिप व स्प्रे पाइप बिछाने के लिए सरकार सब्सिडी दे रही है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 90 फीसदी तक की सब्सिडी देने का प्रावधान है।
केंद्र सरकार ने फसलों की सिंचाई में उपयोग होने वाले पानी को बचाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना बनाई है। इस योजना से फसलों में ड्रिप और स्प्रे से सिंचाई करने के लिए खेत में पाइप आदि उपकरण लगाए जाते हैं। इन उपकरणों पर सरकार से सब्सिडी मिलती है। सब्सिडी का लाभ दो तरीके से मिलेगा। लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी और बड़े किसानों को 80 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान है। शासन ने जिले में 533 हेक्टेयर भूमि में ड्रिप और स्प्रे से सिंचाई करने के लिए उपकरण लगाने का लक्ष्य दिया है। किसान इसके लिए जिला उद्यान विभाग में अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। पहले किसान को अपने पास से उपकरण लगाने होंगे। बाद में विभाग द्वारा किसान के खाते में सब्सिडी ट्रांसफर होगी। कृषि अधिकारियों के अनुसार फसलों में ड्रिप और स्प्रे से सिंचाई करने से बहुत कम पानी की जरूरत होती है। खरपतवार नहीं उगते। जमीन में खाद और कीटनाशक आदि ज्यादा नीचे नहीं पहुंच पाता है। खास बात यह है कि फसलों में खाद की जरूरत कम होती है और पैदावार भी दुगनी होती है। भूमि की उर्वरा शक्ति भी बरकरार रहती है। जबकि फसलों में सीधे सिंचाई से अधिक पानी खर्च होता है। पानी भर जाने से भूमि सांस नहीं ले पाती है। खाद आदि भी जमीन के नीचे चले जाते हैं और खरपतवार भी जल्द उग आते हैं। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह ने कहा कि फसलों में ड्रिप और स्प्रे विधि से सिंचाई करने के लिए पाइप आदि उपकरणों पर सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सब्सिडी दे रही है। इस विधि से खेती करने वाले किसान विभाग में अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
विज्ञापन
- खेत में ड्रिप व स्प्रे की पाइप बिछाने के लिए सरकार दे रही सब्सिडी
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मिलेगी 90 फीसदी तक सब्सिडी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलदशहर।
किसान यदि ड्रिप और स्प्रे विधि से खेती करें तो अधिक उत्पादन के साथ मुनाफा भी अधिक पा सकते हैं। खेत में ड्रिप व स्प्रे पाइप बिछाने के लिए सरकार सब्सिडी दे रही है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 90 फीसदी तक की सब्सिडी देने का प्रावधान है।
केंद्र सरकार ने फसलों की सिंचाई में उपयोग होने वाले पानी को बचाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना बनाई है। इस योजना से फसलों में ड्रिप और स्प्रे से सिंचाई करने के लिए खेत में पाइप आदि उपकरण लगाए जाते हैं। इन उपकरणों पर सरकार से सब्सिडी मिलती है। सब्सिडी का लाभ दो तरीके से मिलेगा। लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी और बड़े किसानों को 80 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान है। शासन ने जिले में 533 हेक्टेयर भूमि में ड्रिप और स्प्रे से सिंचाई करने के लिए उपकरण लगाने का लक्ष्य दिया है। किसान इसके लिए जिला उद्यान विभाग में अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। पहले किसान को अपने पास से उपकरण लगाने होंगे। बाद में विभाग द्वारा किसान के खाते में सब्सिडी ट्रांसफर होगी। कृषि अधिकारियों के अनुसार फसलों में ड्रिप और स्प्रे से सिंचाई करने से बहुत कम पानी की जरूरत होती है। खरपतवार नहीं उगते। जमीन में खाद और कीटनाशक आदि ज्यादा नीचे नहीं पहुंच पाता है। खास बात यह है कि फसलों में खाद की जरूरत कम होती है और पैदावार भी दुगनी होती है। भूमि की उर्वरा शक्ति भी बरकरार रहती है। जबकि फसलों में सीधे सिंचाई से अधिक पानी खर्च होता है। पानी भर जाने से भूमि सांस नहीं ले पाती है। खाद आदि भी जमीन के नीचे चले जाते हैं और खरपतवार भी जल्द उग आते हैं। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह ने कहा कि फसलों में ड्रिप और स्प्रे विधि से सिंचाई करने के लिए पाइप आदि उपकरणों पर सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सब्सिडी दे रही है। इस विधि से खेती करने वाले किसान विभाग में अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
विज्ञापन