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पांच ब्लॉकों के 577 स्कूल नहीं भेज रहे सेल्फी
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:20 PM IST
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पांच ब्लॉकों के 577 स्कूल नहीं भेज रहे सेल्फी
- सेल्फी न भेजने वाले शिक्षकों पर विभाग मेहरबान
- अनुपस्थित शिक्षकों का पता करने के लिए हुई थी सेल्फी की शुरूआत
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति का पता करने के लिए शुरू की गई सेल्फी को लेकर शिक्षक सजग नहीं हैं। सेल्फी न भेजकर वह अफसरों के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। इस समय जिले के पांच ब्लॉकों के 577 स्कूलों ने सेल्फी देना लगभग बंद कर दिया है। चर्चा है कि सेल्फी न भेजने वाले शिक्षकों पर विभाग मेहरबान है।
जिले में प्राइमरी और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 2300 के आसपास है। इनमें इस समय अब दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। अधिकतर शिक्षक स्कूल से बंक मारते रहे हैं। इस तरह की शिकायत समय-समय पर विभाग को मिलती रही। विगत वर्ष तत्कालीन डीएम ने स्कूल में शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति का पता करने के लिए सेल्फी की शुरूआत की थी। जब मोबाइल से सेल्फी की शुरूआत हुई तो उस समय इसके सार्थक परिणाम सामने आए। मगर, इसके बाद शिक्षकों ने विभागीय अफसरों से साठगांठ कर सेल्फी से मुंह मोड़ना शुरू कर दिया। यहीं कारण है कि इस समय जिले के 16 ब्लॉकों में से 11 ब्लाकों के शिक्षक ही कंट्रोल रूम में सेल्फी भेज रहे हैं। जबकि स्याना के 122, ऊंचागांव के 131, अगौता के 107, बीबीनगर के 85 और जहांगीराबाद ब्लॉक के 132 स्कूलों ने सेल्फी भेजनी बंद कर दी है। इन स्कूलों की सुबह, दोपहर और छुट्टी के समय की सेल्फी न आने के कारण शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की संख्या का पता नहीं चल रहा है। वहीं, एनपीआरसी भी इन स्कूलों की रिपोर्ट बीएसए को नहीं दे रहे, जिससे इन स्कूलों के शिक्षकों पर अफसरों के मेहरबान होने की चर्चा जोरों पर है। उधर, बीएसए अजीत कुमार का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि शिक्षक सेल्फी नहीं भेज रहे तो वह इसकी जांच करवाएंगे और संबंधित एनपीआरसी से रिपोर्ट तलब करेंगे। सभी स्कूलों को सेल्फी हरहाल में भेजनी होगी। इस कार्य में कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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- सेल्फी न भेजने वाले शिक्षकों पर विभाग मेहरबान
- अनुपस्थित शिक्षकों का पता करने के लिए हुई थी सेल्फी की शुरूआत
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति का पता करने के लिए शुरू की गई सेल्फी को लेकर शिक्षक सजग नहीं हैं। सेल्फी न भेजकर वह अफसरों के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। इस समय जिले के पांच ब्लॉकों के 577 स्कूलों ने सेल्फी देना लगभग बंद कर दिया है। चर्चा है कि सेल्फी न भेजने वाले शिक्षकों पर विभाग मेहरबान है।
जिले में प्राइमरी और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 2300 के आसपास है। इनमें इस समय अब दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। अधिकतर शिक्षक स्कूल से बंक मारते रहे हैं। इस तरह की शिकायत समय-समय पर विभाग को मिलती रही। विगत वर्ष तत्कालीन डीएम ने स्कूल में शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति का पता करने के लिए सेल्फी की शुरूआत की थी। जब मोबाइल से सेल्फी की शुरूआत हुई तो उस समय इसके सार्थक परिणाम सामने आए। मगर, इसके बाद शिक्षकों ने विभागीय अफसरों से साठगांठ कर सेल्फी से मुंह मोड़ना शुरू कर दिया। यहीं कारण है कि इस समय जिले के 16 ब्लॉकों में से 11 ब्लाकों के शिक्षक ही कंट्रोल रूम में सेल्फी भेज रहे हैं। जबकि स्याना के 122, ऊंचागांव के 131, अगौता के 107, बीबीनगर के 85 और जहांगीराबाद ब्लॉक के 132 स्कूलों ने सेल्फी भेजनी बंद कर दी है। इन स्कूलों की सुबह, दोपहर और छुट्टी के समय की सेल्फी न आने के कारण शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की संख्या का पता नहीं चल रहा है। वहीं, एनपीआरसी भी इन स्कूलों की रिपोर्ट बीएसए को नहीं दे रहे, जिससे इन स्कूलों के शिक्षकों पर अफसरों के मेहरबान होने की चर्चा जोरों पर है। उधर, बीएसए अजीत कुमार का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि शिक्षक सेल्फी नहीं भेज रहे तो वह इसकी जांच करवाएंगे और संबंधित एनपीआरसी से रिपोर्ट तलब करेंगे। सभी स्कूलों को सेल्फी हरहाल में भेजनी होगी। इस कार्य में कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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