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अंबिकापुर मॉडल से दूर होगा शहर का कचरा
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:20 PM IST
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अंबिकापुर मॉडल से दूर होगा शहर का कचरा
- प्लांट के लिए जमीन तलाश रहे नगर पालिका अफसर
- शुरुआत में दो वार्डों का कूड़ा-कचरा होगा दूर
- गीला व सूखा कचरा अलग-अलग किया जाएगा निस्तारित
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। नगर क्षेत्र में प्रतिदिन निकलने वाले हजारों टन कूड़े के निस्तारण के लिए अब नगर पालिका छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मॉडल को अपनाने का प्रयास कर रही है। योजना के तहत एनजीओ के माध्यम से एक प्लांट लगाया जाएगा। जहां पर घर-घर से कूड़ा लाकर गीले व सूखे कूड़े को अलग-अलग छांटकर उससे लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
नगर पालिका एक एनजीओ के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मॉडल पर कूड़े के निस्तारण के लिए एक प्लांट लगाने जा रही है। हालांकि योजना की शुुरुआत नगर के दो वार्डों से की जाएगी। सफलता मिलने पर इसे पूरे नगर के लिए लागू कर दिया जाएगा। एनजीओ के अधिकारियों के साथ मिलकर नगर पालिका अफसरों ने प्लांट के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। एनजीओ की टीम घर-घर से कूड़ा लाकर उसे गीले व सूखे कूड़े में छांटकर अलग-अलग करेगी। प्लांट के शुरू होने के बाद कूड़े को छांटने तथा लाने-ले जाने के लिए वह गरीब तबके के लोगों को रोजगार भी देंगे। नौकरी करने वाले लोगों का वेतन कूड़े से ही निकाला जाएगा।
- कूड़े से आमदनी के लिए मशहूर है अंबिकापुर
छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर शहर घरों से निकलने वाले कूड़े से कमाई करने के लिए जाना जाता है। शहर में सबसे पहले योजना की शुरुआत की गई थी। जहां पर योजना सौ फीसदी सफल रही। जिसके चलते वहां के लोगों ने अपने घरों में लाल व हरे रंग के दो-दो डस्टबिन रखे हुए हैं, जिनमें लोग गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग डालते हैं। योजना के सफल होने के बाद से शहर में कोई भी डलाव घर नहीं है।
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- विभिन्न वर्गों में बांटा जाएगा कचरा
घरों से निकलने वाले कचरे को प्लांट पर लाकर करीब 156 वर्गों में बांटा जाएगा। जहां पर दोबारा प्रयोग हो सकने वाली वस्तुओं की धुलाई व सफाई करने के बाद उन्हें बेचने लायक बनाया जाएगा। वहीं अन्य वस्तुओं को खाद व रीसाइकिल तथा गैस बनाने के लिए प्रयोग किया जाएगा।
कोट----
कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट लगाया जाएगा। जिसके लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। फिलहाल नगर के दो वार्डों से योजना संचालित की जाएगी। सफल संचालन के बाद पूरे शहर के लिए बड़ा प्लांट लगाया जाएगा। -- एके सिंह, ईओ, नगर पालिका बुलंदशहर
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- प्लांट के लिए जमीन तलाश रहे नगर पालिका अफसर
- शुरुआत में दो वार्डों का कूड़ा-कचरा होगा दूर
- गीला व सूखा कचरा अलग-अलग किया जाएगा निस्तारित
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। नगर क्षेत्र में प्रतिदिन निकलने वाले हजारों टन कूड़े के निस्तारण के लिए अब नगर पालिका छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मॉडल को अपनाने का प्रयास कर रही है। योजना के तहत एनजीओ के माध्यम से एक प्लांट लगाया जाएगा। जहां पर घर-घर से कूड़ा लाकर गीले व सूखे कूड़े को अलग-अलग छांटकर उससे लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
नगर पालिका एक एनजीओ के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मॉडल पर कूड़े के निस्तारण के लिए एक प्लांट लगाने जा रही है। हालांकि योजना की शुुरुआत नगर के दो वार्डों से की जाएगी। सफलता मिलने पर इसे पूरे नगर के लिए लागू कर दिया जाएगा। एनजीओ के अधिकारियों के साथ मिलकर नगर पालिका अफसरों ने प्लांट के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। एनजीओ की टीम घर-घर से कूड़ा लाकर उसे गीले व सूखे कूड़े में छांटकर अलग-अलग करेगी। प्लांट के शुरू होने के बाद कूड़े को छांटने तथा लाने-ले जाने के लिए वह गरीब तबके के लोगों को रोजगार भी देंगे। नौकरी करने वाले लोगों का वेतन कूड़े से ही निकाला जाएगा।
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- कूड़े से आमदनी के लिए मशहूर है अंबिकापुर
छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर शहर घरों से निकलने वाले कूड़े से कमाई करने के लिए जाना जाता है। शहर में सबसे पहले योजना की शुरुआत की गई थी। जहां पर योजना सौ फीसदी सफल रही। जिसके चलते वहां के लोगों ने अपने घरों में लाल व हरे रंग के दो-दो डस्टबिन रखे हुए हैं, जिनमें लोग गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग डालते हैं। योजना के सफल होने के बाद से शहर में कोई भी डलाव घर नहीं है।
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- विभिन्न वर्गों में बांटा जाएगा कचरा
घरों से निकलने वाले कचरे को प्लांट पर लाकर करीब 156 वर्गों में बांटा जाएगा। जहां पर दोबारा प्रयोग हो सकने वाली वस्तुओं की धुलाई व सफाई करने के बाद उन्हें बेचने लायक बनाया जाएगा। वहीं अन्य वस्तुओं को खाद व रीसाइकिल तथा गैस बनाने के लिए प्रयोग किया जाएगा।
कोट----
कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट लगाया जाएगा। जिसके लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। फिलहाल नगर के दो वार्डों से योजना संचालित की जाएगी। सफल संचालन के बाद पूरे शहर के लिए बड़ा प्लांट लगाया जाएगा। -- एके सिंह, ईओ, नगर पालिका बुलंदशहर