{"_id":"59a457f64f1c1bb6018b45fe","slug":"150394265014-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुष्ठ रोगियों का डाटा होगा ऑनलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुष्ठ रोगियों का डाटा होगा ऑनलाइन
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुष्ठ रोगियों का डेटा होगा ऑनलाइन
- सरकार जल्द लांच करेगी निकुष्ठ पोर्टल
- पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद किसी भी अस्पताल से दवा ले सकेंगे कुष्ठ रोगी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
कुष्ठ रोगियों का डेटा जल्द ही ऑनलाइन होने वाला है। अब कुष्ठ रोगियों को दवा लेने के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बस आधार नंबर बता कर वह किसी भी अस्पताल में दवा ले सकेंगे।
सरकार कुष्ठ रोगियों से जुड़ी जानकारी को एक जगह जुटाने के लिए निकुष्ठ नाम का पोर्टल लांच करने की योजना बना रही है। इसमें प्रदेश के सभी कुष्ठ रोगियों का पूर्ण ब्योरा ऑनलाइन फीड होगा। इस पोर्टल के चलन में आने के बाद कुष्ठ रोगियों को दवा लेने के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। कुष्ठ रोग दो प्रकार के होते हैं। पहला एमबी कुष्ठ रोग और दूसरा पीबी कुष्ठ रोग। जिले में कुष्ठ रोगियों की संख्या करीब 800 है। अगर ये बुलंदशहर से दवा लें, इसके बाद ये किसी और जिले में चले गए तो उन्हें दवा लेने के लिए फिर से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। डॉक्टर अपने हिसाब से शरीर में कुष्ठ का प्रतिशत देखकर दवा देता था, लेकिन यह पोर्टल शुरू होने के बाद मरीज को दवा लेने के लिए इन सब प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। डॉक्टर उसके आधार नंबर की मदद से उसके रोग के बारे में पूरी जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। इसके बाद वह मरीज को दवाएं देंगे।
...................
कुष्ठ रोगियों की सहूलियत के लिए सरकार की ओर से निकुष्ठ नाम का पोर्टल शुरू किया जा रहा है। इससे कुष्ठ रोगियों को प्रदेश के अलग-अलग जिले में रजिस्ट्रेशन करवाने से छुटकारा मिल जाएगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
- सरकार जल्द लांच करेगी निकुष्ठ पोर्टल
- पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद किसी भी अस्पताल से दवा ले सकेंगे कुष्ठ रोगी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
कुष्ठ रोगियों का डेटा जल्द ही ऑनलाइन होने वाला है। अब कुष्ठ रोगियों को दवा लेने के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बस आधार नंबर बता कर वह किसी भी अस्पताल में दवा ले सकेंगे।
सरकार कुष्ठ रोगियों से जुड़ी जानकारी को एक जगह जुटाने के लिए निकुष्ठ नाम का पोर्टल लांच करने की योजना बना रही है। इसमें प्रदेश के सभी कुष्ठ रोगियों का पूर्ण ब्योरा ऑनलाइन फीड होगा। इस पोर्टल के चलन में आने के बाद कुष्ठ रोगियों को दवा लेने के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। कुष्ठ रोग दो प्रकार के होते हैं। पहला एमबी कुष्ठ रोग और दूसरा पीबी कुष्ठ रोग। जिले में कुष्ठ रोगियों की संख्या करीब 800 है। अगर ये बुलंदशहर से दवा लें, इसके बाद ये किसी और जिले में चले गए तो उन्हें दवा लेने के लिए फिर से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। डॉक्टर अपने हिसाब से शरीर में कुष्ठ का प्रतिशत देखकर दवा देता था, लेकिन यह पोर्टल शुरू होने के बाद मरीज को दवा लेने के लिए इन सब प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। डॉक्टर उसके आधार नंबर की मदद से उसके रोग के बारे में पूरी जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। इसके बाद वह मरीज को दवाएं देंगे।
विज्ञापन
...................
कुष्ठ रोगियों की सहूलियत के लिए सरकार की ओर से निकुष्ठ नाम का पोर्टल शुरू किया जा रहा है। इससे कुष्ठ रोगियों को प्रदेश के अलग-अलग जिले में रजिस्ट्रेशन करवाने से छुटकारा मिल जाएगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
विज्ञापन