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पोखा-बोइंग बीमारी ने रोकी गन्ने की बढ़ोतरी, किसान चिंतित
Updated Sat, 05 Aug 2017 10:20 PM IST
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पोखा-बोइंग बीमारी ने रोकी गन्ने की बढ़ोत्तरी, किसान चिंतित
- पश्चिमी प्रदेश के अधिकांश जनपदों में फैली बीमारी
बुलंदशहर।
क्षेत्र में पोखा-बोइंग बीमारी ने गन्ने की फसल की बढ़ोत्तरी पर ब्रेक लगा दिया है। गन्ने की बढ़ोतरी न होने से किसानों के माथे पर लकीरें खिंच गई हैं। जबकि कृषि विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
क्षेत्र में गन्ने की फसल पर इन दिनों पोखा-बोइंग बीमारी फैली हुई है। किसान राजपाल सिंह, सतीश कुमार सत्येंद्र कुमार, जगवीर और ओमपाल ने बताया कि बीमारी के कारण गन्ने की फसल में पीलापन, सिकुड़न जैसी समस्याएं आ रही हैं। बीमारी के कारण गन्ने की फसल 40 फीसदी तक प्रभावित हो रही है, लेकिन अभी तक कृषि विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी है। देखने में आ रहा है कि गन्ने की प्रजाति 0238 में पोखा-बोइंग बीमारी का प्रकोप सर्वाधिक है। विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार पोखा-बोइंग बीमारी फ्ुजेरियम मोनीलीफज्ञर्मी नामक वायरस से फैलती है।
गर्मी अधिक व कम बारिश बन रही कारण
क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ने तथा कम बारिश होने के कारण पोखा-बोंग बीमारी का बढ़ना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जितनी उमस बढ़ेगी उक्त बीमारी भी उतना ही पैर पसारती जाएगी। जबकि बारिश होने या तापमान में गिरावट आने के बाद बीमारी पर अंकुश लग सकेगा। इसके साथ ही विशेषज्ञ से सलाह भी ली जा सकती है।
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कोट
अभी तक जिले में इस बीमारी की शिकायत किसी किसान ने दर्ज नहीं कराई है। यदि किसी किसान को गन्ने की फसल में बीमारी नजर आती है तो वह कार्बेंडाजिन प्लस मेनकोजेब नामक दवाई का स्प्रे कर फसलों का बचाव कर सकते हैं। - अमरपाल, जिला कृषि रक्षा अधिकारी बुलंदशहर
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- पश्चिमी प्रदेश के अधिकांश जनपदों में फैली बीमारी
बुलंदशहर।
क्षेत्र में पोखा-बोइंग बीमारी ने गन्ने की फसल की बढ़ोत्तरी पर ब्रेक लगा दिया है। गन्ने की बढ़ोतरी न होने से किसानों के माथे पर लकीरें खिंच गई हैं। जबकि कृषि विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
क्षेत्र में गन्ने की फसल पर इन दिनों पोखा-बोइंग बीमारी फैली हुई है। किसान राजपाल सिंह, सतीश कुमार सत्येंद्र कुमार, जगवीर और ओमपाल ने बताया कि बीमारी के कारण गन्ने की फसल में पीलापन, सिकुड़न जैसी समस्याएं आ रही हैं। बीमारी के कारण गन्ने की फसल 40 फीसदी तक प्रभावित हो रही है, लेकिन अभी तक कृषि विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी है। देखने में आ रहा है कि गन्ने की प्रजाति 0238 में पोखा-बोइंग बीमारी का प्रकोप सर्वाधिक है। विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार पोखा-बोइंग बीमारी फ्ुजेरियम मोनीलीफज्ञर्मी नामक वायरस से फैलती है।
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गर्मी अधिक व कम बारिश बन रही कारण
क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ने तथा कम बारिश होने के कारण पोखा-बोंग बीमारी का बढ़ना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जितनी उमस बढ़ेगी उक्त बीमारी भी उतना ही पैर पसारती जाएगी। जबकि बारिश होने या तापमान में गिरावट आने के बाद बीमारी पर अंकुश लग सकेगा। इसके साथ ही विशेषज्ञ से सलाह भी ली जा सकती है।
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अभी तक जिले में इस बीमारी की शिकायत किसी किसान ने दर्ज नहीं कराई है। यदि किसी किसान को गन्ने की फसल में बीमारी नजर आती है तो वह कार्बेंडाजिन प्लस मेनकोजेब नामक दवाई का स्प्रे कर फसलों का बचाव कर सकते हैं। - अमरपाल, जिला कृषि रक्षा अधिकारी बुलंदशहर