{"_id":"59610d204f1c1b217c8b4708","slug":"14995326343-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोर्टल तय करेगा किसको मिलेगा योजना का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोर्टल तय करेगा किसको मिलेगा योजना का लाभ
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोर्टल तय करेगा किसको मिलेगा योजना का लाभ
शासन से किसानों को लाभ देने वाली योजनाओं को पारदर्शी और हेराफेरी से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक ऐसा पोर्टल तैयार किया है जो किसानों के ऑनलाइन आवेदन के साथ ही वरीयता क्रम तय कर देगा।
इसी के आधार पर उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। इससे अब विभाग के अधिकारी किसानों के चयन में हेराफेरी नहीं कर पाएंगे। आर्थिक संकट से किसानों को उबारने के उद्देश्य से केंद्र और प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। खाद, बीज और कीटनाशक पर किसानों को सब्सिडी मिलती है।
इसके साथ ही कृषि यंत्रों पर भी सब्सिडी दी जाती है। इसमें कृषि विभाग और मंडी परिषद की कई योजनाएं ऐसी हैं, जिन पर सरकार बहुत अधिक सब्सिडी देती है। इन योजनाओं के लिए पात्र किसानों के चयन को लेकर अधिकारियों पर भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं।
विज्ञापन
इसे देखते हुए सरकार ने अब पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है। सरकार ने ऐसा पोर्टल बना दिया है, जहां किसान जैसे ही किसी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करेंगे तो सॉफ्वेयर उस किसान की वरीयता तय कर देगा। जो किसान पोर्टल पर पहले आवेदन करेगा, उसे पहले लाभ दिया जाएगा।
इसी तरह शासन ने बीज अनुदान योजना में भी बदलाव किया है। पहले पंजीकृत किसान को तीन साल में एक बार सब्सिडी पर नया बीज मिलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
यदि किसान के पास दो हेक्टेयर भूमि है और उसने पिछले साल एक हेक्टेयर भूमि के लिए बीज लिया था तो वह बची भूमि पर भी अगले साल बीज सब्सिडी पर ले सकेंगे।
जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार ने बताया कि शासन से किसानों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ लेने को सभी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। नया पोर्टल बनने से किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने जिले के किसानों ने नए पोर्टल पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन का आह्वान किया है।
विज्ञापन
शासन से किसानों को लाभ देने वाली योजनाओं को पारदर्शी और हेराफेरी से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक ऐसा पोर्टल तैयार किया है जो किसानों के ऑनलाइन आवेदन के साथ ही वरीयता क्रम तय कर देगा।
इसी के आधार पर उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। इससे अब विभाग के अधिकारी किसानों के चयन में हेराफेरी नहीं कर पाएंगे। आर्थिक संकट से किसानों को उबारने के उद्देश्य से केंद्र और प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। खाद, बीज और कीटनाशक पर किसानों को सब्सिडी मिलती है।
विज्ञापन
इसके साथ ही कृषि यंत्रों पर भी सब्सिडी दी जाती है। इसमें कृषि विभाग और मंडी परिषद की कई योजनाएं ऐसी हैं, जिन पर सरकार बहुत अधिक सब्सिडी देती है। इन योजनाओं के लिए पात्र किसानों के चयन को लेकर अधिकारियों पर भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं।
विज्ञापन
इसे देखते हुए सरकार ने अब पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है। सरकार ने ऐसा पोर्टल बना दिया है, जहां किसान जैसे ही किसी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करेंगे तो सॉफ्वेयर उस किसान की वरीयता तय कर देगा। जो किसान पोर्टल पर पहले आवेदन करेगा, उसे पहले लाभ दिया जाएगा।
इसी तरह शासन ने बीज अनुदान योजना में भी बदलाव किया है। पहले पंजीकृत किसान को तीन साल में एक बार सब्सिडी पर नया बीज मिलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
यदि किसान के पास दो हेक्टेयर भूमि है और उसने पिछले साल एक हेक्टेयर भूमि के लिए बीज लिया था तो वह बची भूमि पर भी अगले साल बीज सब्सिडी पर ले सकेंगे।
जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार ने बताया कि शासन से किसानों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ लेने को सभी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। नया पोर्टल बनने से किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने जिले के किसानों ने नए पोर्टल पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन का आह्वान किया है।