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सुधर जाएं अफसर नहीं तो कार्रवाई को रहे तैयार: प्रमुख सचिव
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:43 PM IST
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सुधर जाएं अफसर या कार्रवाई को रहें तैयार
- प्रमुख सचिव ने किया विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन
- टेक्निकल टीम ने गिनाईं निर्माण कार्य में कमियां
अमर उजाला ब्यूरो
सिकंदराबाद।
विकास कार्यों की निगरानी के लिए जिले के नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए प्रमुख सचिव होमगार्ड कुमार कमलेश ने बृहस्पतिवार को तहसील में विकास कार्यों और योजनाओं का भौतिक सत्यापन किया। खामियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। सुधार न होने पर उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। मुख्य सचिव के साथ उनकी टीम के अलावा पूरा प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा।
शासन ने विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए जनपदवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की थी। प्रमुख सचिव होमगार्ड कुमार कमलेश को जनपद बुलंदशहर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। बृहस्पतिवार को कुमार कमलेश तहसील सिकंदराबाद पहुंचे और विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। प्रमुख सचिव पहले खंड विकास कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने ब्लॉक के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने रिकार्ड की समीक्षा की। बस अड्डे के निर्माण कार्य में देरी पर उन्होेंने नाराजगी जताई। उनके साथ आई टेक्निकल टीम के निर्माण में खामी पकड़ने पर प्रमुख सचिव ने ठेकेदार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने खामी को दूर करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के आदेश दिए। इसके बाद उन्होंने तहसील में सभागार, रिकार्ड रूम, स्ट्रांग रूम, एसडीएम कोर्ट, तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण किया। साथ ही तहसील में मौजूद किसानों से वार्ता की। उन्होंने तहसील की कार्य प्रणाली को संतोषजनक बताया। प्रमुख सचिव ने नगला काला में खुली बैठक में ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवासीय योजना, खड़ंजा निर्माण, विधवा पेंशन आदि योजनाओं की भी समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने गफूर गढ़ी गांव में निर्माणाधीन आईटीआई कॉलेज का निरीक्षण किया। निर्माण में खामी मिलने पर उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान डीएम डॉ. रोशन जैकब, एसएसपी मुनिराज जी., सीडीओ जसजीत कौर, एडीएम प्रशासन अरविंद्र कुमार मिश्रा, आपूर्ति अधिकारी व जनपद के सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीणों से बिजली और बच्चों से जाना शौचालय का हाल
सिकंदराबाद। ग्राम नगला काला में आयोजित खुली बैठक में उन्होंने ग्रामीणों से बिजली आपूर्ति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि 16 घंटे आपूर्ति मिलती है। प्रमुख सचिव ने घर में शौचालयों का सच जानने के लिए बैठक में मौजूद बच्चों को बुलाकर उनसे घर में शौचालय के बारे में पूछा। वहीं, किसान के लिए प्रदेश सरकार की पशु बीमा योजना के अंतर्गत गांव में एक भी पशु स्वामी का बीमा नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। प्रमुख सचिव ने डिप्टी चिकित्सा अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। गांव में कैंप लगाकर किसानों, पशु स्वामियों के पशुओं का बीमा कराने के आदेश दिए। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय में केवल 40 बच्चों की संख्या पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। उन्होंने ग्रामीणों से अपने बच्चों को स्कूल भेजने के साथ ही अध्यापकों को बच्चों के एडमिशन बढ़ाने के निर्देश दिए।
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- प्रमुख सचिव ने किया विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन
- टेक्निकल टीम ने गिनाईं निर्माण कार्य में कमियां
अमर उजाला ब्यूरो
सिकंदराबाद।
विकास कार्यों की निगरानी के लिए जिले के नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए प्रमुख सचिव होमगार्ड कुमार कमलेश ने बृहस्पतिवार को तहसील में विकास कार्यों और योजनाओं का भौतिक सत्यापन किया। खामियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। सुधार न होने पर उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। मुख्य सचिव के साथ उनकी टीम के अलावा पूरा प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा।
शासन ने विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए जनपदवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की थी। प्रमुख सचिव होमगार्ड कुमार कमलेश को जनपद बुलंदशहर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। बृहस्पतिवार को कुमार कमलेश तहसील सिकंदराबाद पहुंचे और विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। प्रमुख सचिव पहले खंड विकास कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने ब्लॉक के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने रिकार्ड की समीक्षा की। बस अड्डे के निर्माण कार्य में देरी पर उन्होेंने नाराजगी जताई। उनके साथ आई टेक्निकल टीम के निर्माण में खामी पकड़ने पर प्रमुख सचिव ने ठेकेदार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने खामी को दूर करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के आदेश दिए। इसके बाद उन्होंने तहसील में सभागार, रिकार्ड रूम, स्ट्रांग रूम, एसडीएम कोर्ट, तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण किया। साथ ही तहसील में मौजूद किसानों से वार्ता की। उन्होंने तहसील की कार्य प्रणाली को संतोषजनक बताया। प्रमुख सचिव ने नगला काला में खुली बैठक में ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवासीय योजना, खड़ंजा निर्माण, विधवा पेंशन आदि योजनाओं की भी समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने गफूर गढ़ी गांव में निर्माणाधीन आईटीआई कॉलेज का निरीक्षण किया। निर्माण में खामी मिलने पर उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान डीएम डॉ. रोशन जैकब, एसएसपी मुनिराज जी., सीडीओ जसजीत कौर, एडीएम प्रशासन अरविंद्र कुमार मिश्रा, आपूर्ति अधिकारी व जनपद के सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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ग्रामीणों से बिजली और बच्चों से जाना शौचालय का हाल
सिकंदराबाद। ग्राम नगला काला में आयोजित खुली बैठक में उन्होंने ग्रामीणों से बिजली आपूर्ति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि 16 घंटे आपूर्ति मिलती है। प्रमुख सचिव ने घर में शौचालयों का सच जानने के लिए बैठक में मौजूद बच्चों को बुलाकर उनसे घर में शौचालय के बारे में पूछा। वहीं, किसान के लिए प्रदेश सरकार की पशु बीमा योजना के अंतर्गत गांव में एक भी पशु स्वामी का बीमा नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। प्रमुख सचिव ने डिप्टी चिकित्सा अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। गांव में कैंप लगाकर किसानों, पशु स्वामियों के पशुओं का बीमा कराने के आदेश दिए। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय में केवल 40 बच्चों की संख्या पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। उन्होंने ग्रामीणों से अपने बच्चों को स्कूल भेजने के साथ ही अध्यापकों को बच्चों के एडमिशन बढ़ाने के निर्देश दिए।
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