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उझानी में मिट्टी की ढांग ढहने से युवक की मौत
ब्यूरो/बदायूं
Updated Wed, 04 Jan 2017 11:26 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र में हरहरपुर के जंगल में पीली बालू की खुदाई उस वक्त जानलेवा साबित हुई जब बुग्गी में बालू भरने के लिए युवक पहुंचा। उसके ऊपर मिट्टी की ढांग ढह के गिर पड़ी। ग्रामीणों ने युवक को मशक्कत कर बाहर तो निकाल लिया लेकिन इलाज को बरेली ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई।
हादसा मंगलवार को पूर्वाह्न हुआ। मोहल्ला गौतमपुरी निवासी तोताराम का 22 वर्षीय पुत्र राजेंद्र अपनी घोड़ा-बुग्गी लेकर पीली बालू भरने के लिए हरहरपुर के जंगल में पहुंचा। राजेंद्र ने गहरे गड्डे के पास ही बालू की खुदाई शुरू कर दी। उसी दौरान राजेंद्र के ऊपर मिट्टी की ढांग ढह कर गिर पड़ी। यह देख पास में बालू खोद रहे लोगों ने राजेंद्र को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। चीख पुकार सुन कई ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मशक्कत कर राजेंद्र को बाहर निकाला तो उसकी सांस चल रही थी।
गंभीर रूप से घायल राजेंद्र को उसके साथी निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए बरेली ले जाने की सलाह दी। इलाज को बरेली ले जाते वक्त रास्ते में ही राजेंद्र ने दम तोड़ दिया। राजेंद्र का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। उधर, घरवालों ने पुलिस को हादसे की सूचना दिए बगैर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बता दें कि हरहरपुर के जंगल में चार दिन पहले खनन करने वालों को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया था लेकिन अगले दिन से पीली बालू की फिर से खुदाई शुरू कर दी गई थी।
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हादसा मंगलवार को पूर्वाह्न हुआ। मोहल्ला गौतमपुरी निवासी तोताराम का 22 वर्षीय पुत्र राजेंद्र अपनी घोड़ा-बुग्गी लेकर पीली बालू भरने के लिए हरहरपुर के जंगल में पहुंचा। राजेंद्र ने गहरे गड्डे के पास ही बालू की खुदाई शुरू कर दी। उसी दौरान राजेंद्र के ऊपर मिट्टी की ढांग ढह कर गिर पड़ी। यह देख पास में बालू खोद रहे लोगों ने राजेंद्र को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। चीख पुकार सुन कई ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मशक्कत कर राजेंद्र को बाहर निकाला तो उसकी सांस चल रही थी।
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गंभीर रूप से घायल राजेंद्र को उसके साथी निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए बरेली ले जाने की सलाह दी। इलाज को बरेली ले जाते वक्त रास्ते में ही राजेंद्र ने दम तोड़ दिया। राजेंद्र का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। उधर, घरवालों ने पुलिस को हादसे की सूचना दिए बगैर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बता दें कि हरहरपुर के जंगल में चार दिन पहले खनन करने वालों को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया था लेकिन अगले दिन से पीली बालू की फिर से खुदाई शुरू कर दी गई थी।
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