फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   World Sparrow Day 2023 Badaun Rakesh made nests for sparrows in the courtyard

World Sparrow Day 2023: बदायूं के राकेश ने आंगन में गौरैया के लिए बनाए घोंसले, 20 साल से कर रहे संरक्षित

Mon, 20 Mar 2023 10:52 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 20 Mar 2023 10:52 AM IST
सार

करीब 20 साल पहले राकेश सिंह को पक्षियों से ऐसी लगन लगी कि विलुप्त होती जा रही गौरैया को संरक्षित करने का प्रयास शुरू कर दिया। उनके पास मौजूदा समय में करीब तीन सौ गौरैया हैं। 

विज्ञापन
World Sparrow Day 2023 Badaun Rakesh made nests for sparrows in the courtyard
दाना चुगती गौरैया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विलुप्त होती जा रही गौरैया को बदायूं के शिवपुरम में रहने वाले राकेश सिंह 20 साल से संरक्षित कर रहे हैं। उन्होंने अपने आंगन में गौरैया के लिए दाना-पानी के इंतजाम किया है। छत पर गौरैया हाउस ही बना दिया है। गौरैया के लिए घोंसले बनाए गए हैं। बगीचा बनाकर अपने घर को पक्षी विहार का रूप दिया है। सुबह को गौरैया की चहचहाहट से ही उनकी दिनचर्या शुरू होती है। पर्यावरण और पक्षी प्रेमी के रूप में वह अपनी पहचान बना चुके हैं।

विज्ञापन


करीब 20 साल पहले राकेश सिंह को पक्षियों से ऐसी लगन लगी कि विलुप्त होती जा रही गौरैया को संरक्षित करने का प्रयास शुरू कर दिया। उनके पास मौजूदा समय में करीब तीन सौ गौरैया हैं जो सुबह होते ही दाना-पानी खाने के बाद अपना बसेरा छोड़ देती हैं और शाम ढलते ही वापस आ जाती हैं।

विज्ञापन

आंगन में दिखती है प्राकृतिक सुंदरता

राकेश बताते हैं कि उनकी सुबह की नींद गौरैया की चहचहाहट से ही खुलती है। सुबह को उनके आंगन में प्राकृतिक सुंदरता दिखाई देती है। गौरैया को संरक्षित रखने के लिए उन्होंने अपनी छत पर अलग-अलग घोंसले तैयार कराए हैं तो उनके दाना-पानी का भी पूरा इंतजाम कराया है। उनका मानना है कि पक्षियों को संरक्षित करने वाले पर्यावरण की रक्षा भी कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन्हीं पक्षियों के बहाने सभी को अपने घर आंगन और छत पर हरे पौधे लगाने चाहिए, ताकि पक्षी गर्मी के मौसम में धूप से व्याकुल न रहें। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से भी शहर में अलग-अलग स्थानों पर पक्षी विहार बनाए जाने की मांग उठाई है। इस काम में उनकी पत्नी गीता सिंह का भी पूरा सहयोग रहता है। पति-पत्नी पर्यावरण के साथ ही पक्षी प्रेमी के रूप में कार्य कर रहे हैं।

राधाकृष्ण ने पिता से ली गौरैया को संरक्षित करने की सीख

शिवपुरम मोहल्ले के ही रहने वाले राधा कृष्ण भी गौरैया को संरक्षित किए हुए हैं। राधा कृष्ण बताते हैं कि उन्होंने यह सीख अपने पिता से ली थी। उनके पिता स्वर्गीय राधेश्याम पर्यावरण प्रेमी थे। उन्होंने घर के अंदर बगीचा लगाया और गौरैया को संरक्षित करने लगे। सुबह-शाम वह गौरैया को दाना-पानी देने के बाद ही अपना निजी कार्य निपटाते थे। मौजूदा समय में उनके पास करीब 80 गौरैया हैं।,जो उनके आंगन की शोभा बढ़ा रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed