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Budaun News: अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाओं ने की छठी मइया की पूजा
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कछला गंगा घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मइया की पूजा करती महिलाएं। संवाद
बदायूं। कछला के गंगा घाट पर सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही महिलाओं ने गंगा में खड़े होकर छठी मइया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु व आरोग्य की कामना की।
सोमवार को कछला घाट पर दोपहर बाद से ही श्रद्धालुओं का पहुंचा शुरू हो गया। महिलाओं ने व्रत का निर्वहन करते हुए गंगा स्नान किया। गन्ना, केला आदि मौसमी फल-फूलों के साथ सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और छठ गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया।
उझानी निवासी ज्योति सिंह, रश्मि रावत, प्रियंका विश्वास, सोनी माहेश्वरी और कीर्ति सक्सेना ने बताया कि वे पिछले दस वर्षों से निरंतर छठी मइया की पूजा कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि छठ पर्व से मन को शांति और परिवार को शक्ति मिलती है। कछला कुष्ठ आश्रम से आईं राजेश्वरी देवी और चंद्रकला ने भी विधि-विधान से पूजा अर्चना की।
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वहीं बदायूं के मोहल्ला बजरंग नगर से पहुंचीं वीना पंडित, अंकित पंडित और जितेंद्र ने भी गंगा तट पर अर्घ्य देकर सूर्य देव की आराधना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि छठ पर्व केवल पूजा नहीं, बल्कि यह आत्म-शुद्धि और अनुशासन का प्रतीक है।
इस दौरान नगर पंचायत कर्मी कुलदीप कश्यप, नीरज, नसीम और राजकुमार ने घाट पर साफ-सफाई और व्यवस्था का जिम्मा संभाला। उनकी टीम ने जगह-जगह सफाई कर श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग बनाया। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व का समापन होगा।
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सोमवार को कछला घाट पर दोपहर बाद से ही श्रद्धालुओं का पहुंचा शुरू हो गया। महिलाओं ने व्रत का निर्वहन करते हुए गंगा स्नान किया। गन्ना, केला आदि मौसमी फल-फूलों के साथ सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और छठ गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया।
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उझानी निवासी ज्योति सिंह, रश्मि रावत, प्रियंका विश्वास, सोनी माहेश्वरी और कीर्ति सक्सेना ने बताया कि वे पिछले दस वर्षों से निरंतर छठी मइया की पूजा कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि छठ पर्व से मन को शांति और परिवार को शक्ति मिलती है। कछला कुष्ठ आश्रम से आईं राजेश्वरी देवी और चंद्रकला ने भी विधि-विधान से पूजा अर्चना की।
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वहीं बदायूं के मोहल्ला बजरंग नगर से पहुंचीं वीना पंडित, अंकित पंडित और जितेंद्र ने भी गंगा तट पर अर्घ्य देकर सूर्य देव की आराधना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि छठ पर्व केवल पूजा नहीं, बल्कि यह आत्म-शुद्धि और अनुशासन का प्रतीक है।
इस दौरान नगर पंचायत कर्मी कुलदीप कश्यप, नीरज, नसीम और राजकुमार ने घाट पर साफ-सफाई और व्यवस्था का जिम्मा संभाला। उनकी टीम ने जगह-जगह सफाई कर श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग बनाया। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व का समापन होगा।

कछला गंगा घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मइया की पूजा करती महिलाएं। संवाद

कछला गंगा घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मइया की पूजा करती महिलाएं। संवाद