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कोषागार में जमा होंगे पुलिस मालखानों में रखे पुराने नोट
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:49 PM IST
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कोषागार में जमा होंगे पुलिस मालखानों में रखे पुराने नोट
- फोटो : अमर उजाला
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-माल मुकदमाती पुराने नोटों पर सीजेएम कोर्ट ने जारी किया आदेश
-एसएसपी ने कोर्ट से विधिक निस्तारण की मांगी थी अनुमति
पुलिस के मालखानों में रखी माल मुकदमाती नगदी बैंक के माध्यम से राजकीय पक्ष कोषागार में जमा कराई जाएगी। एसएसपी की अर्जी पर इस संबंध में शनिवार को सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने आदेश जारी कर दिया। पुराने 500 और 1000 के नोट बैंक के माध्यम से राजकीय पक्ष कोषागार में जमा कराने से पहले इनकी फोटो कॉपी कराई जाएगी। एक छाया प्रति कोर्ट में देनी होगी और एक को सदर मालखाने में रखा जाएगा।
आपराधिक मामलों में जब्त या बरामद नकदी, संपति या अन्य सामान को पुलिस सील कर देती है। कोर्ट में पेश करने के बाद इसे दौराने मुकदमा संबंधित थाने के मालखाने में रखा जाता है। यह सील मजिस्ट्रेट के आदेश पर या फिर जरूरत पड़ने पर उनके समक्ष ही खोली जा सकती है। केंद्र सरकार की ओर से आठ नवंबर 2016 को पुराने 500-1000 के नोटों को लीगल टेंडर न माने जाने की घोषणा की गई। इसके मुताबिक, 31 दिसंबर के बाद यह नोट प्रचलन के बाहर हो जाएंगे। ऐसे में मुकदमे खत्म होने के बाद या फिर कोर्ट के आदेश पर अगर किसी पक्ष को यह पुरानी नकदी दी जाती है तो उसका कोई औचित्य नहीं होगा। इसको देखते हुए डीजीपी के निर्देश पर शनिवार को एसएसपी महेंद्र यादव की ओर से कोर्ट में अर्जी देकर अनुरोध किया कि थानों के मालखानों में रखे मुकदमाती पुराने 500-100 के नोटों के संबंध में विधिक निस्तारण का आदेश दिया जाए। कोर्ट ने इस पर सुनवाई के बाद पुराने 500-100 के नोटों को बैंक के माध्यम से राजकीय पक्ष कोषाकार में जमा कराने का आदेश पारित किया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी को आदेश दिए हैं कि वह माल मुकदमाती 500 और 1000 रुपये के मूल नोटों को राजकीय कोषागार में जमा कराकर धनराशि का प्रमाण कोर्ट को भी उपलब्ध कराएं। इससे पहले राजपत्रित अधिकारी के समक्ष सील तोड़कर सारे माल मुकदमाती नोटों की फोटो कापी कराई जाए। इसकी एक प्रति कोर्ट की पत्रावली में रहेगी और दूसरी सदर मालखाना को उपलब्ध कराई जाएगी।
22 थानों में डेढ़ करोड़ मुकदमाती नकदी का अनुमान
बदायूं। जिले के 22 थानों में कुल माल मुकदमाती नकदी करीब डेढ़ करोड़ रुपये से होने का अनुमान है। हालांकि वास्तविक धनराशि काउंट किए जाने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
-एसएसपी ने कोर्ट से विधिक निस्तारण की मांगी थी अनुमति
पुलिस के मालखानों में रखी माल मुकदमाती नगदी बैंक के माध्यम से राजकीय पक्ष कोषागार में जमा कराई जाएगी। एसएसपी की अर्जी पर इस संबंध में शनिवार को सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने आदेश जारी कर दिया। पुराने 500 और 1000 के नोट बैंक के माध्यम से राजकीय पक्ष कोषागार में जमा कराने से पहले इनकी फोटो कॉपी कराई जाएगी। एक छाया प्रति कोर्ट में देनी होगी और एक को सदर मालखाने में रखा जाएगा।
आपराधिक मामलों में जब्त या बरामद नकदी, संपति या अन्य सामान को पुलिस सील कर देती है। कोर्ट में पेश करने के बाद इसे दौराने मुकदमा संबंधित थाने के मालखाने में रखा जाता है। यह सील मजिस्ट्रेट के आदेश पर या फिर जरूरत पड़ने पर उनके समक्ष ही खोली जा सकती है। केंद्र सरकार की ओर से आठ नवंबर 2016 को पुराने 500-1000 के नोटों को लीगल टेंडर न माने जाने की घोषणा की गई। इसके मुताबिक, 31 दिसंबर के बाद यह नोट प्रचलन के बाहर हो जाएंगे। ऐसे में मुकदमे खत्म होने के बाद या फिर कोर्ट के आदेश पर अगर किसी पक्ष को यह पुरानी नकदी दी जाती है तो उसका कोई औचित्य नहीं होगा। इसको देखते हुए डीजीपी के निर्देश पर शनिवार को एसएसपी महेंद्र यादव की ओर से कोर्ट में अर्जी देकर अनुरोध किया कि थानों के मालखानों में रखे मुकदमाती पुराने 500-100 के नोटों के संबंध में विधिक निस्तारण का आदेश दिया जाए। कोर्ट ने इस पर सुनवाई के बाद पुराने 500-100 के नोटों को बैंक के माध्यम से राजकीय पक्ष कोषाकार में जमा कराने का आदेश पारित किया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी को आदेश दिए हैं कि वह माल मुकदमाती 500 और 1000 रुपये के मूल नोटों को राजकीय कोषागार में जमा कराकर धनराशि का प्रमाण कोर्ट को भी उपलब्ध कराएं। इससे पहले राजपत्रित अधिकारी के समक्ष सील तोड़कर सारे माल मुकदमाती नोटों की फोटो कापी कराई जाए। इसकी एक प्रति कोर्ट की पत्रावली में रहेगी और दूसरी सदर मालखाना को उपलब्ध कराई जाएगी।
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22 थानों में डेढ़ करोड़ मुकदमाती नकदी का अनुमान
बदायूं। जिले के 22 थानों में कुल माल मुकदमाती नकदी करीब डेढ़ करोड़ रुपये से होने का अनुमान है। हालांकि वास्तविक धनराशि काउंट किए जाने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
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