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आखिर कहां गई इंदिरा आवास की दूसरी किस्त

Mon, 09 Mar 2015 08:26 PM IST
badaun
badaun Updated Mon, 09 Mar 2015 08:26 PM IST
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इंदिरा आवासों में अलग प्रकार का घपला सामने आया है। वर्ष 2011 में इंदिरा आवास के लिए दी गई दूसरी किस्त बैंक से नहीं मिल सकी है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक ने भी इस संबंध में बैंक प्रबंधक को पत्र लिखा है। इसके बावजूद लाभार्थी की दूसरी किस्त का पता नहीं लग सकी है। इस मसले को लेकर भाकियू आगे आई है। उसने लाभार्थियों की समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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विकास खंड कादरचौक के गांव ककोड़ा निवासी इंदिरा आवास के लाभार्थी वीरेश पुत्र श्याम लाल के खाते में वर्ष 2010-11 में दूसरी की किस्त के रूप में 11,250 रुपये भेजे गए थे। धनराशि बैंक ऑफ बड़ौदा, असरासी के खाते में थी। कहा गया कि खातेदार राशि न निकालने पर धनराशि को वापस कर दिया गया था, लेकिन बैंक यह नहीं बता रहा है कि किस चेक किस खाते में धनराशि वापस की गई है। दूसरी किस्त न मिलने के कारण वर्ष 2010-11 का इंदिरा आवास भी अधूरा पड़ा है। लाभार्थियों ने इस संबंध में शिकायतें भी कीं। जिला ग्राम्यविकास अभिकरण के परियोजना निदेशक राम रक्षपाल यादव ने इस संबंध में बैंक शाखा के प्रबंधक को पत्र लिखा है, लेकिन इसका भी कोई जवाब नहीं मिला है। लाभार्थी अधबने आवास में ही जिंदगी गुजर-बसर कर रहा है।
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इधर, भाकियू लाभार्थी के पक्ष में उतर आई है। बैंक के खिलाफ प्रदर्शन करने के बाद भाकियू (अंबावता) के नेताओं ने तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है कि समाधान न होने पर आंदोलन किया जाएगा। भाकियू जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंंह, ब्रजभूषण सिंह, सुरेंद्र आदि ने इस मामले को गंभीर माना है।

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