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Budaun News: जलस्तर कम हुआ तो कटान ने पकड़ा जोर

Sun, 30 Jul 2023 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jul 2023 12:40 AM IST
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When the water level decreased, erosion caught hold
सहसवान क्षेत्र के तोफी नगला में खेतों में भरा बाढ़ पानी ।
बिजली भी गुल, उसहैत और सहसवान क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जलस्तर कम हो जाने के बाद गंगा किनारे के गांवों में कटान ने जोर पकड़ लिया है। सहसवान क्षेत्र में बाढ़ का पानी महावा तक पहुंच गया है। महावा किनारे के लोग दिक्कत में आ गए हैं। उसहैत के कई गांवों में बिजली का संकट है। प्रभावित इलाकों के लोगों को घरेलू सामान लाने के लिए जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है।
सहसवान। कटान शुरू होने से इलाके में स्थिति बिगड़ती जा रही है। गंगा का पानी महावा नदी में भी पहुंच गया है। महावा के आसपास के गांव अब्बूनगर, नगला वरन, तोफी नगला, तेलिया नगला आदि में आने-जाने के लिए दिक्कत हो रही हैं। गंगा के कटान से वीरसहाय नगला, परशुराम नगला, टोंटपुर करसरी और खागी नगला के ग्रामीण मुसीबत में हैं।
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कोतलनगला निवासी ग्रामीणों की फसलें डूब गई हैं। तेलियानगा के सौदान सिंह और तोफीनगला निवासी पूरनलाल ने बताया कि कटान की वजह से तलहटी का भूगोल ही बिगड़ गया है।
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इस बीच शनिवार दोपहर एसडीएम प्रेमपाल सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के गांवों में जाकर गामीणों से बातचीत की। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की।
उसहैत। गंगा में जलस्तर कम होने के बाद बेहटी, भुंडी, कमलूनगला, जटा, ठकुरी नगला, बल्लेनगला और असमया रफतपुर आदि गांवों के आसपास कटान ने विकराल रूप ले लिया है। बेहटी के प्राथमिक विद्यालय में तो बाढ़ का पानी घुस गया था। विद्यालय की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
संपर्क मार्ग बाढ़ की चपेट में आ जाने से लोगों को घरेलू जरूरत के सामान के लिए जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। भुंडी और बेहटी समेत आधा दर्जन गांवों में बिजली सप्लाई ठप है। इसके अलावा कादरचौक और कछला के आसपास के गांवों के लोगों की खेती चौपट हो गई है।

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गंगा मे खतरे का निशान- 162 मीटरगेज
गंंगा का जलस्तर- 162.77 मीटरगेज
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नरौरा से पानी छोड़ा गया- 149910 क्यूसेक
बिजनौर से छोड़ा गया- 128445 क्यूसेक
हरिद्वार से छोड़ा गया-94726
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ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे का संकट
गंगा में बाढ़ के बाद सबसे ज्यादा दिक्कत पशुओं के चारे को लेकर आ रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की फसलें पहले ही पानी में समा चुकी हैं। खाली पड़े खेतों में भी बाढ़ का पानी भरा पड़ा है। पशुओं के लिए जंगल में चराने का मौका भी नहीं मिल पा रहा है। महज भूसे के जरिये पशुओं का पेट भरा जा रहा है। ग्रामीणों में नेत्रपाल ने बताया कि हरे चारा के अभाव में दुधारू पशु परेशान हैं।

सहसवान क्षेत्र के तोफी नगला में खेतों में भरा बाढ़ पानी ।

सहसवान क्षेत्र के तोफी नगला में खेतों में भरा बाढ़ पानी ।

सहसवान क्षेत्र के तोफी नगला में खेतों में भरा बाढ़ पानी ।

सहसवान क्षेत्र के तोफी नगला में खेतों में भरा बाढ़ पानी ।

सहसवान क्षेत्र के तोफी नगला में खेतों में भरा बाढ़ पानी ।

सहसवान क्षेत्र के तोफी नगला में खेतों में भरा बाढ़ पानी ।

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