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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   When the crowd's anger erupted, the police were forced to retreat, and attempts were made to block the road.

Budaun News: भीड़ का गुस्सा फूटा तो पुलिस बैकफुट पर आई, जाम लगाने की कोशिश

Tue, 13 Jan 2026 11:50 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:50 PM IST
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When the crowd's anger erupted, the police were forced to retreat, and attempts were made to block the road.
उझानी। भारत मिंट केमिकल फैक्टरी में सुपरवाइजर समेत तीन सुरक्षा गार्डों के मंगलवार सुबह केबिन में शव मिलने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस कर्मियों ने परिजनों के आने का इंतजार करने के बजाय शवों को उठा ले जाने की कोशिश शुरू कर दी। मृतकों में एक गार्ड को जिंदा बताकर शव एंबुलेंस के जरिये अस्पताल भी पहुंचा दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों समेत मृतकों के परिजनों में गुस्सा फूटा तो पुलिस बैकफुट पर आ आ गई। भीड़ ने हंगामे के बाद हाईवे पर जाम लगाने की भी कोशिश की।
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मेंथा फैक्टरी के बाहरी छोर पर बने केबिन में सुपरवाइजर मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बसावनपुर निवासी जुगेंद्र यादव (30) पुत्र रामबहादुर, मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव मुड़सेना खुर्द निवासी सुरक्षा गार्ड वीरभान उर्फ भानु (32) पुत्र श्रीपाल और कादरचौक क्षेत्र के गांव पसेई निवासी विवेक यादव (28) पुत्र रजिस्टर सिंह के शव पड़े होने का शोर मंगलवार सुबह में करीब आठ बजे मचा था।
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इसके बाद कोतवाली से एक दरोगा समेत चार पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। विवेक को जिंदा बताकर शव एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचवा दिया। चश्मदीद चंद्रपाल ने बताया कि उसने पुलिस कर्मियों से मृतकों के परिजनों के मौके पर आने तक रुक जाने को कहा, लेकिन पुलिस वीरभान और जुगेंद्र के शव भी अस्पताल ले जाने की जिद करने लगी। इसी बात पर कुड़ानरसिंहपुर निवासी ग्रामीण भड़क गए।
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इसके बाद पुलिस अफसरों के सामने ही भीड़ में शामिल लोगों ने दो-तीन बार हंगामा किया। एसडीएम मोहित कुमार और सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार ने आसपास थानों से पुलिस फोर्स को भी बुला लिया। फिर भी भीड़ का गुस्सा शांत नहीं पड़ा। भीड़ में शामिल लोग और मृतक के परिजन फैक्टरी मालिक को मौके पर बुलाने समेत उनके खिलाफ हत्या में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर अड़ गए।
इस दौरान कुछ लोगों ने दिल्ली हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश भी की। हालांकि पुलिस कर्मियों ने जाम लगने से पहले ही भीड़ को हाईवे से हटा दिया। इसी के चलते पुलिस को मौके पर से शव उठाने में छह घंटे लगे। शव तभी उठाने दिए गए, जब पुलिस कर्मी एफआईआार की कॉपी लेकर मौके पर पहुंचे।

परिजन मेडिकल कॉलेज से सीएचसी ले आए विवेक का शव
मेंथा फैक्टरी के सामने ग्रामीणों की भीड़ और मृतक के परिजनों के हंगामा होने की सुरक्षा गार्ड विवेक यादव के परिजनों को भी भनक लग गई। परिवार के लोग उस वक्त विवेक के शव के साथ मेडिकल कॉलेज में थे। उन्होंने दोनों अन्य मृतकों के परिजनों से फोन पर बात की और वह भी शव लेकर फैक्टरी की ओर निकल पड़े। बाद में फैक्टरी की बजाय वह सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे और शव रख दिया। विवेक का शव भी बाद में पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा गया।


मृतकों के परिजनों के साथ दिखे जिला पंचायत सदस्य समेत भाकियू कार्यकर्ता
सुपरवाइजर जुगेंद्र यादव समेत तीन सुरक्षा गार्डों के शव मिलने के बाद भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के जिलाध्यक्ष अतुल तोमर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। वह भी शव उठने से पहले फैक्टरी मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। जिला पंचायत सदस्य सुनील यादव ने भी मृतकों के परिजनों से वार्ता की। मौके पर से शव उठाए जाने तक उन्होंने भी मृतकों के परिजनों का साथ दिया।
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