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Budaun News: सम्मान की बात आई तो सबक सिखाने का लिया था प्रण
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बदायूं। पंजाब नेशनल बैंक की बिल्सी शाखा के बैंक मित्र मनीष कुमार ने शिकायकर्ता तेज प्रताप से अभद्र व्यवहार किया था। उससे तेज आहत हुआ उसे सबक सिखाने का प्रण लिया। उसने गूगल से सीबीआई लखनऊ का नंबर निकालकर फोन किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उसके बाद सीबीआई की एंटी करप्शन टीम सक्रिय हो गई। सीबीआई ने कार्रवाई के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति को सूचना न देने की बात कही थी।
एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई के दौरान 500 के नौ नोटों पर पाउडर लगाकर तेज सिंह को दिए थे। उसने नोट बैंक मित्र मनीष को दे दिए। इस दौरान टीम ने मनीष के हाथ को पानी से धुलवाया तो पानी लाल हो गया। उसके बाद शिकायतकर्ता का हाथ एक टब में धुलवाया तो वह भी लाल हो गया। दोनों पानी को टीम ने अलग-अलग डिब्बे में भर लिया। सहसवान पीएनबी के बैंक मैनेजर राजीव गंगवार और दफ्तरी दयाराम को जेल भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक सीबीआई की ओर से अधिकारिक रूप से जानकारी पीएनबी के अफसरों को नहीं दी गई। इस वजह से उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसी तरह मनीष के खिलाफ भी कार्रवाई की भी जानकारी नहीं दी है। सीबीआई ने मनीष कुमार मामले की जांच इंस्पेक्टर आरएन सिटोरिया और सहसवान पीएनबी के बैंक मैनेजर राजीव गंगवार और दफ्तरी दयाराम की जांच डिप्टी एसपी विपिन कुमार दुबे को दी गई है।
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बैंक मैनेजर ने फोन कर बुलाया, दी रकम
तेज ने बताया कि सीबीआई की कार्रवाई होने के बाद बृहस्पतिवार को पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर पवन गंगवार ने उन्हें फोन किया। कहा कि आकर खाते से रुपये निकाल ले जाय। इसपर तेज बैंक पहुंचे और खाते से 80 हजार रुपये निकालकर मैनेजर ने उन्हें दे दिए।
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1.72 लाख रुपये है केसीसी की लिमिट
जगन्नाथ और डाल सिंह का संयुक्त किसान क्रेडिट कार्ड के खाते की लिमिट 1.72 लाख रुपये है। इसमें से अप्रैल के पहले सप्ताह में जगन्नाथ ने 80 हजार रुपये निकाल लिए थे। इसके 15 दिन बाद फिर से जगन्नाथ अपने भतीजे तेज के साथ खाते से रुपये निकालने के लिए पहुंचे थे। जगन्नाथ और डाल सिंह भाई-भाई हैं।
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एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई के दौरान 500 के नौ नोटों पर पाउडर लगाकर तेज सिंह को दिए थे। उसने नोट बैंक मित्र मनीष को दे दिए। इस दौरान टीम ने मनीष के हाथ को पानी से धुलवाया तो पानी लाल हो गया। उसके बाद शिकायतकर्ता का हाथ एक टब में धुलवाया तो वह भी लाल हो गया। दोनों पानी को टीम ने अलग-अलग डिब्बे में भर लिया। सहसवान पीएनबी के बैंक मैनेजर राजीव गंगवार और दफ्तरी दयाराम को जेल भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक सीबीआई की ओर से अधिकारिक रूप से जानकारी पीएनबी के अफसरों को नहीं दी गई। इस वजह से उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसी तरह मनीष के खिलाफ भी कार्रवाई की भी जानकारी नहीं दी है। सीबीआई ने मनीष कुमार मामले की जांच इंस्पेक्टर आरएन सिटोरिया और सहसवान पीएनबी के बैंक मैनेजर राजीव गंगवार और दफ्तरी दयाराम की जांच डिप्टी एसपी विपिन कुमार दुबे को दी गई है।
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बैंक मैनेजर ने फोन कर बुलाया, दी रकम
तेज ने बताया कि सीबीआई की कार्रवाई होने के बाद बृहस्पतिवार को पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर पवन गंगवार ने उन्हें फोन किया। कहा कि आकर खाते से रुपये निकाल ले जाय। इसपर तेज बैंक पहुंचे और खाते से 80 हजार रुपये निकालकर मैनेजर ने उन्हें दे दिए।
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1.72 लाख रुपये है केसीसी की लिमिट
जगन्नाथ और डाल सिंह का संयुक्त किसान क्रेडिट कार्ड के खाते की लिमिट 1.72 लाख रुपये है। इसमें से अप्रैल के पहले सप्ताह में जगन्नाथ ने 80 हजार रुपये निकाल लिए थे। इसके 15 दिन बाद फिर से जगन्नाथ अपने भतीजे तेज के साथ खाते से रुपये निकालने के लिए पहुंचे थे। जगन्नाथ और डाल सिंह भाई-भाई हैं।