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Budaun News: सड़क हादसे रोकने के लिए लगाए जाएंगे चेतावनी सूचक बोर्ड
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मेडिकल कॉलेज स्थित तिराहा। संवाद
- परिवहन विभाग चिह्नित कराएगा तीव्र मोड़, संकरी पुलिया और दुर्घटना बहुल क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में तेजी से बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए परिवहन विभाग कीओर से चेतावनी सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे पहले उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं। तीव्र मोड़ और संकरी पुलियों के पास भी चेतावनी वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।
यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार हर माह जिले में 40 से 60 हादसे हो रहे हैं। इनमें 25-30 लोग जान गंवा रहे हैं। पिछले दिनों कुछ ऐसे सड़क हादसे भी हुए हैं, जिनमें वाहनों की फिटनेस, सड़कों के गड्ढे और क्षमता से अधिक लोगों का बैठा जाना वजह रही। उसावां में स्कूल बस और स्कूल वैन की भिड़ंत में पांच मौतें होने के बाद हादसे की वजह जानने के लिए प्रशासनिक अमले ने खासी माथापच्ची की।
आखिर में यह निष्कर्ष निकला कि अगर दुर्घटनास्थल के मोड़ पर चेतावनी सूचक बोर्ड लगा होता और सड़क किनारे हो रहा गड्ढा समय रहते ठीक करा दिया गया होता तो हादसा नहीं होता। इसके बाद उझानी में हुए हादसे में पिता-पुत्र और दो स्कूली बच्चों की मौत ने लोगों को झकझोर दिया। परिवहन विभाग ने अब निर्णय लिया है कि जहां सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं, वहां चेतावनी सूचक बोर्ड लगवाए जाएंगे।
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इससे पहले जिले भर में सर्वे कराया जाएगा। जहां सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं, वहां तीव्र मोड़, संकरी पुलिया या फिर किसी अन्य वजह से हादसे होने वाले स्थानों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद वहां चेतावनी सूचक बोर्ड लगाने का अभियान शुरू होगा। सर्वे का काम जल्द ही शुरू होगा।
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जिले में हैं 35 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट
जिले में हर साल ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाते हैं, लेकिन वहां सुधार के कार्य कराने में ढिलाई बरती जाती है। पिछले साल भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। इनमें से कुछ पर अब तक सुधार के काम नहीं कराए जा सके हैं। इस साल भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। शहर के बाईपास से लेकर उझानी तक ही 10 ब्लैक स्पॉट हैं। जिले में 35 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट हैं, इन पर समय से सुधार के काम कराए जाएं तो हादसों में कमी आ सकती है।
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- पिछले कुछ समय में कई बड़े हादसे हुए हैं। हादसों में कमी लाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चालकों की भी लापरवाही रहती है। अब परिवहन विभाग दुर्घटना बहुल क्षेत्रों, तीव्र मोड़ों और संकरी पुलियों पर चेतावनी सूचक बोर्ड लगवाएगा। इससे पहले सर्वे कराया जाएगा।
- अंबरीश कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में तेजी से बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए परिवहन विभाग कीओर से चेतावनी सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे पहले उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं। तीव्र मोड़ और संकरी पुलियों के पास भी चेतावनी वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।
यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार हर माह जिले में 40 से 60 हादसे हो रहे हैं। इनमें 25-30 लोग जान गंवा रहे हैं। पिछले दिनों कुछ ऐसे सड़क हादसे भी हुए हैं, जिनमें वाहनों की फिटनेस, सड़कों के गड्ढे और क्षमता से अधिक लोगों का बैठा जाना वजह रही। उसावां में स्कूल बस और स्कूल वैन की भिड़ंत में पांच मौतें होने के बाद हादसे की वजह जानने के लिए प्रशासनिक अमले ने खासी माथापच्ची की।
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आखिर में यह निष्कर्ष निकला कि अगर दुर्घटनास्थल के मोड़ पर चेतावनी सूचक बोर्ड लगा होता और सड़क किनारे हो रहा गड्ढा समय रहते ठीक करा दिया गया होता तो हादसा नहीं होता। इसके बाद उझानी में हुए हादसे में पिता-पुत्र और दो स्कूली बच्चों की मौत ने लोगों को झकझोर दिया। परिवहन विभाग ने अब निर्णय लिया है कि जहां सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं, वहां चेतावनी सूचक बोर्ड लगवाए जाएंगे।
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इससे पहले जिले भर में सर्वे कराया जाएगा। जहां सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं, वहां तीव्र मोड़, संकरी पुलिया या फिर किसी अन्य वजह से हादसे होने वाले स्थानों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद वहां चेतावनी सूचक बोर्ड लगाने का अभियान शुरू होगा। सर्वे का काम जल्द ही शुरू होगा।
जिले में हैं 35 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट
जिले में हर साल ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाते हैं, लेकिन वहां सुधार के कार्य कराने में ढिलाई बरती जाती है। पिछले साल भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। इनमें से कुछ पर अब तक सुधार के काम नहीं कराए जा सके हैं। इस साल भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। शहर के बाईपास से लेकर उझानी तक ही 10 ब्लैक स्पॉट हैं। जिले में 35 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट हैं, इन पर समय से सुधार के काम कराए जाएं तो हादसों में कमी आ सकती है।
- पिछले कुछ समय में कई बड़े हादसे हुए हैं। हादसों में कमी लाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चालकों की भी लापरवाही रहती है। अब परिवहन विभाग दुर्घटना बहुल क्षेत्रों, तीव्र मोड़ों और संकरी पुलियों पर चेतावनी सूचक बोर्ड लगवाएगा। इससे पहले सर्वे कराया जाएगा।
- अंबरीश कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन