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न संशय न डर : बच्चों को टीका लगवाने को अभिभावक तैयार
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बदायूं। पांच से 12 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग होमवर्क में जुटा है। बच्चों का ब्योरा जुटाने का काम चल रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग से भी पांच से 12 वर्ष तक के बच्चों का ब्योरा मांगा गया है। अलग-अलग आयु वर्ग का टीकाकरण पहले से ही चल रहा है। 12 से 14 और 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग में भी टीकाकरण प्रगति पर है।
बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभिभावकों में कोई संशय या डर नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि उनको टीकाकरण शुरू होने का इंतजार है। बच्चों को टीका लगवाने वह खुद ले जाएंगे। स्कूलों में टीकाकरण शिविर लगाए जाते हैं तो ज्यादा बेहतर रहेगा। जिले में 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग की बात करें तो लक्ष्य के सापेक्ष 98 प्रतिशत को टीका लगाया जा चुका है। दूसरा टीका लगवाने वालों की तादाद भी करीब 50 फीसदी है। बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभिभावक जागरूक हैं। उनका कहना है कि यह उनकी जिम्मेदारी कि वे प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाएं।
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यह बोले अभिभावक
प्राथमिकता से टीका लगवाएं
मेरे पूरे परिवार ने टीका लगवाया है। दूसरी डोज भी ले ली है अब बूस्टर डोज भी लेंगे। यह अच्छी बात है कि जल्द ही पांच से 12 वर्ष तक के बच्चों का भी टीकाकरण शुरू हो रहा है। सभी को चाहिए कि बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाएं।
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-स्वाति मलिक
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टीका ही है कोरोना का उपाय
कोरोना की लहर लौट-लौटकर आ रही है। टीकाकरण ही कोरोना से बचाव का स्थायी उपाय है। मुझे नहीं लगता कि अभिभावकों में बच्चों को टीका लगवाने को लेकर किसी तरह का संशय या डर है। टीकाकरण हमारी प्राथमिकता और जिम्मेदारी है।
-सुधा रस्तोगी
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टीकाकरण को लेकर संशय नहीं
परिवार के सभी लोगों ने दोनों टीके लगवाए हैं। बच्चों का टीकाकरण शुरू होने का इंतजार है। बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाया जाएगा। अभिभावक बच्चों का टीकाकरण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसी तरह का कोई संशय नहीं है।
-सचिन कुमार
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युवा जागरूक करें
बड़े तो कोरोना का टीका लगवा चुके हैं। अब बच्चों को भी कोरोना संक्रमण की मार से बचाने की जरूरत है। युवाओं को चाहिए कि वह बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभिभावकों को जागरूक करें। अगर कहीं पर कोई भ्रांति हैं तो उसे भी दूर करें।
-अमन रस्तोगी
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बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभिभावकों में कोई संशय या डर नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि उनको टीकाकरण शुरू होने का इंतजार है। बच्चों को टीका लगवाने वह खुद ले जाएंगे। स्कूलों में टीकाकरण शिविर लगाए जाते हैं तो ज्यादा बेहतर रहेगा। जिले में 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग की बात करें तो लक्ष्य के सापेक्ष 98 प्रतिशत को टीका लगाया जा चुका है। दूसरा टीका लगवाने वालों की तादाद भी करीब 50 फीसदी है। बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभिभावक जागरूक हैं। उनका कहना है कि यह उनकी जिम्मेदारी कि वे प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाएं।
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यह बोले अभिभावक
प्राथमिकता से टीका लगवाएं
मेरे पूरे परिवार ने टीका लगवाया है। दूसरी डोज भी ले ली है अब बूस्टर डोज भी लेंगे। यह अच्छी बात है कि जल्द ही पांच से 12 वर्ष तक के बच्चों का भी टीकाकरण शुरू हो रहा है। सभी को चाहिए कि बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाएं।
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-स्वाति मलिक
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टीका ही है कोरोना का उपाय
कोरोना की लहर लौट-लौटकर आ रही है। टीकाकरण ही कोरोना से बचाव का स्थायी उपाय है। मुझे नहीं लगता कि अभिभावकों में बच्चों को टीका लगवाने को लेकर किसी तरह का संशय या डर है। टीकाकरण हमारी प्राथमिकता और जिम्मेदारी है।
-सुधा रस्तोगी
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टीकाकरण को लेकर संशय नहीं
परिवार के सभी लोगों ने दोनों टीके लगवाए हैं। बच्चों का टीकाकरण शुरू होने का इंतजार है। बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाया जाएगा। अभिभावक बच्चों का टीकाकरण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसी तरह का कोई संशय नहीं है।
-सचिन कुमार
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युवा जागरूक करें
बड़े तो कोरोना का टीका लगवा चुके हैं। अब बच्चों को भी कोरोना संक्रमण की मार से बचाने की जरूरत है। युवाओं को चाहिए कि वह बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभिभावकों को जागरूक करें। अगर कहीं पर कोई भ्रांति हैं तो उसे भी दूर करें।
-अमन रस्तोगी