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Budaun News: हाइड्रोसील का इंजेक्शन लगाने से मरीज की हालत बिगड़ी, विवेचना के आदेश
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बदायूं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद तौसीफ रजा की कोर्ट ने थाना उसावां के वार्ड- 8 निवासी नीरज कुमार के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए उसमें लगाए आरोपों पर केस दर्ज कर पुलिस को विवेचना करने का आदेश दिया है। नीरज कुमार ने हाइड्रोसील बीमारी का गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए डाॅ. सुनील वर्मा सहित अन्य के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।
पीड़ित नीरज कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत बताया कि 10 अप्रैल को उसकी कस्बा उसावां में मेनरोड स्थित दुकान पर जीतू वर्मा नाम का एक व्यक्ति आया। वह बोला कि डाॅ. वर्मा हाइड्रोसील बीमारी के स्पेशलिस्ट हैं। खुद को डॉक्टर का रिश्तेदार बताया। एक इंजेक्शन लगाकर हाइड्रोसील बीमारी का इलाज करने का दावा किया।
बताया कि डॉ. सुनील वर्मा प्रत्येक रविवार को लखपेड़ा, मेला कोठी, कस्बा सांड़ी, जिला हरदोई में बैठते हैं। 12 अप्रैल को उसने डॉ. वर्मा को दिखाया। डॉ. वर्मा ने एक इंजेक्शन अपने पास से लगाया। उस इंजेक्शन के लगते ही शरीर में रिएक्शन होने लगा। उसने तुरंत डॉक्टर को दिखाया तो वह बोले, थोड़ी देर के बाद सब ठीक हो जाएगा। ज्यादा तकलीफ बढ़ने पर उसने अल्ट्रासाउंड कराया। उसमें इंफेक्शन आया, जबकि डॉ. वर्मा की दवाई कराने से पहले उसे केवल हाइड्रोसील की ही परेशानी थी। इलाज में डाॅ. वर्मा ने 15 हजार रुपये लिये। बाद में भारी संक्रमण होने के कारण एक लाख रुपये ऑपरेशन व दवाई में खर्च हो गए। शिकायत करने पर एसएचओ बसंतराम ने उसे तीन बार थाने बुलाया, जिसमें उसके 20 हजार रुपये खर्च हुए।
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एसएचओ पर बिना बयान दर्ज किए झूठी रिपोर्ट लगाने का आरोप लगाया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए माना है कि प्रथम दृष्ट्या गंभीर अपराध दिख रहा है। सही तथ्य विवेचना के माध्यम से ही सामने आ सकते हैं। कोर्ट ने उसावां के प्रभारी निरीक्षक को आदेशित किया है कि प्रार्थनापत्र में वर्णित तथ्यों के आधार पर उचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार विवेचना करें और कृत कार्रवाई से न्यायालय को समयावधि के अंदर अवगत कराएं।
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पीड़ित नीरज कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत बताया कि 10 अप्रैल को उसकी कस्बा उसावां में मेनरोड स्थित दुकान पर जीतू वर्मा नाम का एक व्यक्ति आया। वह बोला कि डाॅ. वर्मा हाइड्रोसील बीमारी के स्पेशलिस्ट हैं। खुद को डॉक्टर का रिश्तेदार बताया। एक इंजेक्शन लगाकर हाइड्रोसील बीमारी का इलाज करने का दावा किया।
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बताया कि डॉ. सुनील वर्मा प्रत्येक रविवार को लखपेड़ा, मेला कोठी, कस्बा सांड़ी, जिला हरदोई में बैठते हैं। 12 अप्रैल को उसने डॉ. वर्मा को दिखाया। डॉ. वर्मा ने एक इंजेक्शन अपने पास से लगाया। उस इंजेक्शन के लगते ही शरीर में रिएक्शन होने लगा। उसने तुरंत डॉक्टर को दिखाया तो वह बोले, थोड़ी देर के बाद सब ठीक हो जाएगा। ज्यादा तकलीफ बढ़ने पर उसने अल्ट्रासाउंड कराया। उसमें इंफेक्शन आया, जबकि डॉ. वर्मा की दवाई कराने से पहले उसे केवल हाइड्रोसील की ही परेशानी थी। इलाज में डाॅ. वर्मा ने 15 हजार रुपये लिये। बाद में भारी संक्रमण होने के कारण एक लाख रुपये ऑपरेशन व दवाई में खर्च हो गए। शिकायत करने पर एसएचओ बसंतराम ने उसे तीन बार थाने बुलाया, जिसमें उसके 20 हजार रुपये खर्च हुए।
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एसएचओ पर बिना बयान दर्ज किए झूठी रिपोर्ट लगाने का आरोप लगाया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए माना है कि प्रथम दृष्ट्या गंभीर अपराध दिख रहा है। सही तथ्य विवेचना के माध्यम से ही सामने आ सकते हैं। कोर्ट ने उसावां के प्रभारी निरीक्षक को आदेशित किया है कि प्रार्थनापत्र में वर्णित तथ्यों के आधार पर उचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार विवेचना करें और कृत कार्रवाई से न्यायालय को समयावधि के अंदर अवगत कराएं।