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गंगा एक्सप्रेसवे: बेलगाम रफ्तार बन रही जानलेवा, लगातार हादसों से प्रशासन अलर्ट, ट्रॉमा सेंटर खोलने की तैयारी

Tue, 12 May 2026 01:17 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं Published by: Vijay Singh Pundir Updated Tue, 12 May 2026 01:17 AM IST
सार

बदायूं जिले से करीब 92 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक्सप्रेसवे से सटे तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों वजीरगंज, बिनावर व दातागंज को चिन्हित किया गया है। इन सीएचसी पर पांच-पांच बेड रिजर्व रखे जाएंगे। इसके अलावा डॉक्टरों, स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी चौबीस घंटे तैनात रहेंगी। 

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Uncontrolled speed on Ganga Expressway is becoming fatal, preparations begin to open a trauma centre
गंगा एक्सप्रेसवे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों में जिले की सीमा से गुजर रहे एक्सप्रेसवे पर कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें एक की मौत और दर्जनों यात्री घायल हो चुके हैं। हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब प्रशासन ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। जिला प्रशासन ने एक्सप्रेसवे किनारे ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं इससे सटे तीन सीएचसी पर पांच-पांच बेड रिजर्व करने के साथ अतिरिक्त स्टाफ की भी तैनाती की जाएगी।

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जिले से करीब 92 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। चौड़ी और बेहतर सड़क होने के कारण वाहन चालक अक्सर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं। परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश हादसों में ओवरस्पीड, चालक को झपकी आना और लापरवाही मुख्य वजह बनकर सामने आई है। लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं के बाद डीएम ने स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, परिवहन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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बीते दिनों एक्सप्रेसवे पर बस पलटने, कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने और भारी वाहनों की भिड़ंत जैसी कई घटनाएं सामने आईं। हादसों के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में लगने वाला समय भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना। यही वजह है कि अब एक्सप्रेसवे किनारे ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि गोल्डन ऑवर के दौरान घायलों को तुरंत उपचार मिल सके।

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तीन सीएचसी पर पांच-पांच बेड रहेंगे रिजर्व
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक्सप्रेसवे से सटे तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों वजीरगंज, बिनावर व दातागंज को चिन्हित किया गया है। इन सीएचसी पर पांच-पांच बेड रिजर्व रखे जाएंगे। इसके अलावा डॉक्टरों, स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी चौबीस घंटे तैनात रहेंगी। डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया है कि एक्सप्रेसवे पर किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही चिकित्सा टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हो। अस्पतालों में जरूरी दवाओं, ऑक्सीजन और प्राथमिक उपचार की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस की विशेष निगरानी, नौ वाहन किए गए तैनात
गंगा एक्सप्रेसवे पर पुलिस विभाग ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नौ पुलिस वाहनों के साथ अलग-अलग टीमें एक्सप्रेसवे पर लगातार गश्त कर रही हैं। पुलिस की नजर खासतौर पर उन स्थानों पर रखी जा रही है जहां अभी तक तारों की बाड़ नहीं लगी है। अधिकारियों के अनुसार, कई बार पशुओं के अचानक सड़क पर आ जाने से भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस भी लगातार तैनात की गई हैं ताकि दुर्घटना के बाद राहत कार्य में देरी न हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात्रि के समय विशेष सतर्कता बरती जा रही है क्योंकि अधिकांश हादसे देर रात और सुबह के समय हो रहे हैं।

क्यों हो रहे लगातार हादसे
विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार है। चौड़ी और खाली सड़क मिलने पर चालक गति सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके अलावा लंबी दूरी तक लगातार वाहन चलाने से थकान और नींद भी हादसों का कारण बन रही है।

हादसों के प्रमुख कारण
निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार, लंबी दूरी तक बिना रुके ड्राइविंग, चालक को नींद या झपकी आना, मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाना, सीट बेल्ट का प्रयोग न करना, भारी वाहनों की लापरवाही, पशुओं का सड़क पर आ जाना।


हेल्पलाइन नंबर जारी

  • पुलिस आपातकालीन सेवा : 112
  • एंबुलेंस सेवा : 108, 102
  • गंगा एक्सप्रेसवे हेल्पलाइन : 14449


बीते दिनों गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे

  • 10 मई- बिसौली कोतवाली क्षेत्र में चालक को झपकी आने से बस पलटी, चार यात्री घायल।
  • 10 मई- मूसाझाग थाना क्षेत्र में टायर फटने से बस पलटी, एक की मौत, 30 घायल
  • 9 मई- दातागंज कोतवाली क्षेत्र में खड़े ट्रक में पीछे से कार घुसी, चालक घायल
  • 5 मई- इस्लानगर थाना क्षेत्र में चालक को नींद आने से बस पलटी 26 यात्री घायल
  • 3 मई- दातागंज कोतवाली क्षेत्र में छुट्टा सांड से टकराकर कार पलटी, तीन महिलाएं घायल
  • 3 मई- टायर फटने से कार पलटी, तीन यात्री घायल


गंगा एक्सप्रेसवे पर ज्यादा रफ्तार से वाहन चलाने को लेकर लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे जिले की तीन सीएचसी बिनावर, दातागंज व वजीरगंज को अपडेट करने के साथ वहां पर पांच-पांच बेड रिजर्व किए जा रहे हैं। अतिरिक्त स्टाफ की भी तैनाती रहेगी। एक्सप्रेसवे किनारे ट्रॉमा सेंटर बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। पुलिस के वाहन लगातार निगरानी में लगे है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की भी तैनाती की गई है। - अवनीश राय, डीएम

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