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Budaun News: उधार दिए रुपये न मिलने से फंदे पर लटककर व्यापारी ने दी जान
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रिँकू उर्फ प्रदीप का फाइल फोटो।
कादरचौक। उधार दिए रुपये न मिलने और मांगने पर मारपीट करने से आहत गल्ला व्यापारी ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। व्यापारी की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। गिरफ्तारी होने के बाद ही व्यापारी का शव फंदे से उतारा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कस्बा में थाने के पीछे रहने वाले रिंकू उर्फ प्रदीप (45) पुत्र सुरेश चंद्र लकड़ी की टाल चलाते थे। उनका गल्ला का भी व्यापार था। उनका पास के गांव मौसमपुर के रहने वाले भूरे उर्फ किताब सिंह पुत्र बच्चू पर चार लाख रुपये बकाया था। मृतक के भतीजे अमन कुमार ने बताया कि दोनों एक साथ व्यापार करते थे। धीरे-धीरे भूरे ने 4.23 लाख रुपये उधार ले लिया। भूरे से चार बार में 20 हजार रुपये दे दिए।
4.03 लाख रुपये भूरे पर थे। कई बार रुपये को लेकर थाने में भी शिकायत की गई। दो बार पुलिस ने उसका शांति भंग में चालान भी किया लेकिन रुपये नहीं दिए। मंगलवार को वह रुपये मांगने उसके घर गया। आरोप है कि भूरे से रिंकू के साथ मारपीट की और गांव वालों के सामने बेइज्जत की किया। घर पहुंचकर उसने पूरी बात बताई।
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खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। काफी देर तक उसको नींद नहीं आई। परिवार के लोगों ने उसको समझाया तो वह सो गया। बुधवार की सुबह परिवार के लोगों ने देखा तो उसका शव कमरे में फंदे के सहारे लटका मिला। यह देख परिवार में कोहराम मच गया। चीख पुकार सुनकर आस पास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने शव को फंदे से उतारने की कोशिश लेकिन परिवार के लोग भूरे की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा करने लगे। परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपी भूरे को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर लेती तब तक शव नहीं उतरने देंगे। पुलिस ने दबिश देकर भूरे को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद परिवार के लोग शांत हो गए। पुलिस ने शव उतारने के बाद कार्रवाई शुरू की।
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सहन नहीं कर सका बेइज्जती
-परिजनों का कहना है कि भूरे ने उसके साथ मारपीट की और गालियां दीं। यह बेइज्जती वह सहन नहीं कर सका। इसी वजह से उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। उनकी मौत से परिवार समेत आस पास के रहने वाले लोगाें में भी शोक छाया हुआ है।
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तीन भाइयों में बीच का था रिंकू
रिंकू तीन भाई थे। एक भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। अब उनकी मौत से परिवार टूट गया है। परिजन रो-रोकर यही कह रहे थे कि रुपये नहीं मिलते लेकिन लेने वाले को अभद्रता नहीं करना सा। भूरे की वजह से ही उनकी मौत हुई है। उन्होंने पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कोट,
परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया जाएगा। - डॉ. देवेंद्र कुमार, सीओ उझानी
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कस्बा में थाने के पीछे रहने वाले रिंकू उर्फ प्रदीप (45) पुत्र सुरेश चंद्र लकड़ी की टाल चलाते थे। उनका गल्ला का भी व्यापार था। उनका पास के गांव मौसमपुर के रहने वाले भूरे उर्फ किताब सिंह पुत्र बच्चू पर चार लाख रुपये बकाया था। मृतक के भतीजे अमन कुमार ने बताया कि दोनों एक साथ व्यापार करते थे। धीरे-धीरे भूरे ने 4.23 लाख रुपये उधार ले लिया। भूरे से चार बार में 20 हजार रुपये दे दिए।
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4.03 लाख रुपये भूरे पर थे। कई बार रुपये को लेकर थाने में भी शिकायत की गई। दो बार पुलिस ने उसका शांति भंग में चालान भी किया लेकिन रुपये नहीं दिए। मंगलवार को वह रुपये मांगने उसके घर गया। आरोप है कि भूरे से रिंकू के साथ मारपीट की और गांव वालों के सामने बेइज्जत की किया। घर पहुंचकर उसने पूरी बात बताई।
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खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। काफी देर तक उसको नींद नहीं आई। परिवार के लोगों ने उसको समझाया तो वह सो गया। बुधवार की सुबह परिवार के लोगों ने देखा तो उसका शव कमरे में फंदे के सहारे लटका मिला। यह देख परिवार में कोहराम मच गया। चीख पुकार सुनकर आस पास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने शव को फंदे से उतारने की कोशिश लेकिन परिवार के लोग भूरे की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा करने लगे। परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपी भूरे को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर लेती तब तक शव नहीं उतरने देंगे। पुलिस ने दबिश देकर भूरे को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद परिवार के लोग शांत हो गए। पुलिस ने शव उतारने के बाद कार्रवाई शुरू की।
सहन नहीं कर सका बेइज्जती
-परिजनों का कहना है कि भूरे ने उसके साथ मारपीट की और गालियां दीं। यह बेइज्जती वह सहन नहीं कर सका। इसी वजह से उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। उनकी मौत से परिवार समेत आस पास के रहने वाले लोगाें में भी शोक छाया हुआ है।
तीन भाइयों में बीच का था रिंकू
रिंकू तीन भाई थे। एक भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। अब उनकी मौत से परिवार टूट गया है। परिजन रो-रोकर यही कह रहे थे कि रुपये नहीं मिलते लेकिन लेने वाले को अभद्रता नहीं करना सा। भूरे की वजह से ही उनकी मौत हुई है। उन्होंने पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कोट,
परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया जाएगा। - डॉ. देवेंद्र कुमार, सीओ उझानी

रिँकू उर्फ प्रदीप का फाइल फोटो।