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Budaun News: हार्ट अटैक से दो लोगों की मौत, हीट स्ट्रोक के 10 मरीज भर्ती
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
- फोटो : udhampur news
बदायूं। गर्मी बढ़ने के साथ ही ब्लड प्रेशर (बीपी) के पुराने मरीजों को समस्या बढ़ गई है। बीपी से पीड़ित दो मरीजों को सोमवार को हार्ट अटैक आया। परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, हीट स्ट्रोक के 10 नए मरीज भर्ती हुए हैं।
आवास विकास निवासी अनिल पांडेय (55) की सोमवार सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई। परिवार के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। वहां डॉक्टर ने बताया कि अनिल को हार्ट अटैक पड़ा और मृत घोषित कर दिया। इसी तरह कोतवाली के पास रहने वाले अशरफ अली (38) को अचानक पसीना आया और सांस जल्दी-जल्दी लेने लगें। परिवार के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे तो डाक्टर ने बताया कि हार्ट अटैक आया और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसी तरह बिनावर निवासी निदा खान (19) को दो दिन से बुखार और दस्त आ रहे थे। अचेत अवस्था में परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए। उनको भर्ती किया गया। आवास विकास निवासी सुशीला शर्मा (64), कोतवाली निवासी ऊषा देवी (53), नेकपुर निवासी शीला देवी (60), कांशीराम कॉलोनी निवासी सलमान (25), कलान निवासी सत्यवती (53) सहित अन्य मरीज अचेत अवस्था में इमरजेंसी में पहुंचे। इन सभी की हालत देखते हुए डॉक्टर ने बीपी चेक किया। उसके बाद उन्हें वार्ड में भर्ती कराया गया है। डॉ. आशीष सोलंकी ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है। ज्यादातर मरीज, उल्टी, दस्त और बुखार के आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को ओपीडी में इस तरह के लक्षण के 200 से ज्यादा मरीज उपचार को आए। सभी को दवाएं देने के साथ ही बचाव की सलाह दी गई।
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इमरजेंसी का पंखा खराब
इमजरेंसी वार्ड में लगा पंखा खराब है। वहां भर्ती मरीज पसीने से तर-बतर थे। मरीज के परिवार की महिला हाथ से पंखा कर पसीने को सुखाने का प्रयास कर रही थी। अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि पंखा बनवाने के लिए पिछले दिनों उतारा गया था।
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जिला अस्पताल का मेन गेट रहा बंद
जिला अस्पताल के गेट पर निर्माण हो रहा है। इसलिए सोमवार को अस्पताल का मेन गेट बंद रहा। मरीज टीबी अस्पताल वाले रास्ते होकर ओपीडी की तरफ गए। इसी तरह इमरजेंसी में जाने वाली एंबुलेंस को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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एसएनसीयू के तीन एसी खराब, परेशान हो रहे बच्चे
जिला महिला अस्पताल में बच्चों के बना एसएनसीयू (स्पेशल नवजात शिशु देखभाल इकाई) में लगे तीन एसी खराब हैं। यहां पर भर्ती 12 नवजातों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। एसएनसीयू के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप वार्णेष्य ने बताया कि एसी को ठीक कराया जा रहा है।
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इस तरह करें बचाव
- धूप में जाने से बचें।
- पानी की बोतल हमेशा अपने साथ रखें।
-ओआरएस का घोल पीते रहें।
-हल्के और सूती कपड़े पहनें।
-मसालेदार चीजों का सेवन करने से बचें।
-जब सुबह घर से निकलें तो सिर पर गमछा रख लें।
-बीमार होने पर डाक्टर काे दिखाएं, मेडिकल स्टोर से दवा लेकर न खाएं।
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आवास विकास निवासी अनिल पांडेय (55) की सोमवार सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई। परिवार के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। वहां डॉक्टर ने बताया कि अनिल को हार्ट अटैक पड़ा और मृत घोषित कर दिया। इसी तरह कोतवाली के पास रहने वाले अशरफ अली (38) को अचानक पसीना आया और सांस जल्दी-जल्दी लेने लगें। परिवार के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे तो डाक्टर ने बताया कि हार्ट अटैक आया और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसी तरह बिनावर निवासी निदा खान (19) को दो दिन से बुखार और दस्त आ रहे थे। अचेत अवस्था में परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए। उनको भर्ती किया गया। आवास विकास निवासी सुशीला शर्मा (64), कोतवाली निवासी ऊषा देवी (53), नेकपुर निवासी शीला देवी (60), कांशीराम कॉलोनी निवासी सलमान (25), कलान निवासी सत्यवती (53) सहित अन्य मरीज अचेत अवस्था में इमरजेंसी में पहुंचे। इन सभी की हालत देखते हुए डॉक्टर ने बीपी चेक किया। उसके बाद उन्हें वार्ड में भर्ती कराया गया है। डॉ. आशीष सोलंकी ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है। ज्यादातर मरीज, उल्टी, दस्त और बुखार के आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को ओपीडी में इस तरह के लक्षण के 200 से ज्यादा मरीज उपचार को आए। सभी को दवाएं देने के साथ ही बचाव की सलाह दी गई।
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इमरजेंसी का पंखा खराब
इमजरेंसी वार्ड में लगा पंखा खराब है। वहां भर्ती मरीज पसीने से तर-बतर थे। मरीज के परिवार की महिला हाथ से पंखा कर पसीने को सुखाने का प्रयास कर रही थी। अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि पंखा बनवाने के लिए पिछले दिनों उतारा गया था।
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जिला अस्पताल का मेन गेट रहा बंद
जिला अस्पताल के गेट पर निर्माण हो रहा है। इसलिए सोमवार को अस्पताल का मेन गेट बंद रहा। मरीज टीबी अस्पताल वाले रास्ते होकर ओपीडी की तरफ गए। इसी तरह इमरजेंसी में जाने वाली एंबुलेंस को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
एसएनसीयू के तीन एसी खराब, परेशान हो रहे बच्चे
जिला महिला अस्पताल में बच्चों के बना एसएनसीयू (स्पेशल नवजात शिशु देखभाल इकाई) में लगे तीन एसी खराब हैं। यहां पर भर्ती 12 नवजातों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। एसएनसीयू के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप वार्णेष्य ने बताया कि एसी को ठीक कराया जा रहा है।
इस तरह करें बचाव
- धूप में जाने से बचें।
- पानी की बोतल हमेशा अपने साथ रखें।
-ओआरएस का घोल पीते रहें।
-हल्के और सूती कपड़े पहनें।
-मसालेदार चीजों का सेवन करने से बचें।
-जब सुबह घर से निकलें तो सिर पर गमछा रख लें।
-बीमार होने पर डाक्टर काे दिखाएं, मेडिकल स्टोर से दवा लेकर न खाएं।

जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद- फोटो : udhampur news

जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद- फोटो : udhampur news

जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद- फोटो : udhampur news