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Budaun News: ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पद पर नियुक्ति के नाम पर दो लाख रुपये ठगे
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उझानी। जल निगम में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पद पर नियुक्ति के नाम पर युवक से दो लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित ने शिकायत पुलिस से की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसे कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर अब पुलिस ने चार लोगों को नामजद करते हुए 11 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
जिरौलिया निवासी रामपाल के बेटे लव कुमार के मुताबिक 20 अगस्त 2023 को अढौली गांव का महावीर प्रसाद और उनका बेटा गौरव उसके घर पर आया। दोनों ने उसे पहले संविदा पर नौकरी दिलाने और बाद में नियमित करा देने का भरोसा दिलाया। बोले-शुरुआत में उसे जल निगम में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पद पर नियुक्त कराया जाएगा। वेतन प्रतिमाह 25 हजार रुपये होगा।
सहमति बनने के बाद लव कुमार को 10 सितंबर को अढौली में महावीर के घर बुलाया गया। वहां पहले से ही बदायूं स्थित रेलवे क्राॅसिंग निवासी प्रतिभा और सुरभि चंदेल मौजूद थे। आरोपियों ने वहां मौजूद सुमित और सुधीर तिवारी को भी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाते हुए बतौर जमानत राशि दो-दो लाख रुपये मांगे। कहा- नियुक्ति मिलने के बाद जमानत राशि वापस कर दी जाएगी।
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लव कुमार के अनुसार उसने 1.49 लाख रुपये आरोपियों के दो बैंक खातों में जमा करा दिए, 51 हजार रुपये नकद दिए। 20 दिसंबर 23 को महावीर और उसके बेटे गौरव ने लव को एसकेएसपीसीएचआर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पद पर नियुक्ति का पत्र सौंप दिया।
आरोप है कि लव जब एक जनवरी- 24 को नियुक्ति पत्र लेकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचा तो सामने आया कि उसके साथ ठगी की गई है। नियुक्त पत्र फर्जी है। फर्जीवाड़े का एहसास होने पर लव ने आरोपियों से रुपये वापस मांगे, लेकिन रकम नहीं लौटाई गई। कोर्ट के आदेश पर अब पुलिस ने महावीर, गौरव, प्रतिभा, सुरभि के अलावा छह-सात अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर ली है।
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जिरौलिया निवासी रामपाल के बेटे लव कुमार के मुताबिक 20 अगस्त 2023 को अढौली गांव का महावीर प्रसाद और उनका बेटा गौरव उसके घर पर आया। दोनों ने उसे पहले संविदा पर नौकरी दिलाने और बाद में नियमित करा देने का भरोसा दिलाया। बोले-शुरुआत में उसे जल निगम में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पद पर नियुक्त कराया जाएगा। वेतन प्रतिमाह 25 हजार रुपये होगा।
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सहमति बनने के बाद लव कुमार को 10 सितंबर को अढौली में महावीर के घर बुलाया गया। वहां पहले से ही बदायूं स्थित रेलवे क्राॅसिंग निवासी प्रतिभा और सुरभि चंदेल मौजूद थे। आरोपियों ने वहां मौजूद सुमित और सुधीर तिवारी को भी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाते हुए बतौर जमानत राशि दो-दो लाख रुपये मांगे। कहा- नियुक्ति मिलने के बाद जमानत राशि वापस कर दी जाएगी।
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लव कुमार के अनुसार उसने 1.49 लाख रुपये आरोपियों के दो बैंक खातों में जमा करा दिए, 51 हजार रुपये नकद दिए। 20 दिसंबर 23 को महावीर और उसके बेटे गौरव ने लव को एसकेएसपीसीएचआर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पद पर नियुक्ति का पत्र सौंप दिया।
आरोप है कि लव जब एक जनवरी- 24 को नियुक्ति पत्र लेकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचा तो सामने आया कि उसके साथ ठगी की गई है। नियुक्त पत्र फर्जी है। फर्जीवाड़े का एहसास होने पर लव ने आरोपियों से रुपये वापस मांगे, लेकिन रकम नहीं लौटाई गई। कोर्ट के आदेश पर अब पुलिस ने महावीर, गौरव, प्रतिभा, सुरभि के अलावा छह-सात अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर ली है।