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Budaun News: चर्चित फईम तुर्क हत्याकांड के दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

Tue, 28 Jan 2025 12:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2025 12:31 AM IST
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Two accused of the famous Faim Turk murder case sentenced to life imprisonment
बदायूं। शहर के चर्चित फईम तुर्क उर्फ कलुआ हत्याकांड के दो आरोपियों को दोषी मानते हुए न्यायालय एडीजे प्रथम एवं सत्र न्यायाधीश ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों शातिर शहर के रहने वाले हैं। इन पर कोर्ट ने 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खंडसारी निवासी फईम तुर्क का कबूलपुरा इलाके में नन्हें उर्फ मुनव्वर निवासी ऊपरपारा से विवाद हुआ था। नन्हें वहां अपनी मीट की दुकान चलाता था।
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इसी विवाद में नन्हें ने फईम का मौके पर ही गला रेत दिया था। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां डाक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस वारदात में नन्हें के अलावा अनवर कुरैशी उर्फ लल्ला कुरैशी निवासी मोहल्ला शहबाजपुर भी शामिल था। मामले की विवेचना तत्कालीन सदर कोतवाल मनोज कुमार ने की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। अदालत ने सोमवार को इस मामले में दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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फईम तुर्क को कलुआ नाम से भी पहचाना जाता था। वह मरहूम हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा का भाई था। साल 2012 से लेकर 2016 के बीच नईम का नाम अपराध की दुनिया में छाया रहा। उस वक्त के एक सत्ताधारी का करीबी होने का फायदा उठाते हुए नईम ने दोहरा हत्याकांड, शहर में सरेराह हत्या, बलवा सरीखी वारदातों को अंजाम दिया था। उसने पूरा गैंग बना रखा था। फईम उर्फ कलुआ भी कई वारदातों में उसके साथ रहा था।
नईम के जेल में होने पर फईम ही पूरा गैंग आपरेट करता था। गैंग की मुख्य धंधा दुधारू पशुओं की गर्दन के भीतर निकलने वाला अंग था, जिसे ये लोग पोटली कहते थे। शहरभर के कसाईखानों में जहां भी पशु का वध होता था, वहां से पोटली नईम का गैंग वसूलता था। इन्हें मुरादाबाद के बड़े तस्करों को सप्लाई किया जाता था। बताया जाता है कि उस अंग से महंगी दवाएं बनती हैं। नईम अपने रसूख के दम पर पशु वध करने वालों से यह पोटली वसूलता था और महंगे दामों में एक्सपोर्ट करता था।
यह गैंग महज तीन से चार महीने में खत्म हो गया। वजह थी कि नईम की सुनयोजित ढंग से एक अन्य गैंग ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस कांड के बाद शहर की कानून व्यवस्था भी कुछ घंटों के लिए लड़खड़ा गई थी। आरोपी पक्ष के घरों में आगजनी, फायरिंग और तोड़फोड़ का सिलसिला चला था।

इस पूरे बवाल को फईम उर्फ कलुआ ने लीड किया था। जबकि इसके कुछ महीने बाद फईम का भी मर्डर हो गया। इसके बाद यह गैंग पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो गया। इसी रंजिश में नईम-फईम के पिता कासिम की भी फरवरी 2020 में गोली मारकर हत्या की गई थी।
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