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बिसौली तहसील के सभी कार्यालय करा दिए बंद
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2016 12:00 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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वकीलों ने एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ की नारेबाजी
उपजिलाधिकारी व तहसीलदार की अदालतों का बहिष्कार सोलहवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने तहसील के सभी कार्यालय बंद कराकर नारेबाजी की। घोषणा की कि आगामी 23 मई को मुख्यमंत्री के आगमन पर उनसे मिलकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
यहां बता दें कि वकील तहसीलदार महेंद्र सिंह व उपजिलाधिकारी गुलाब चंद्र के व्यवहार से नाराज हैं। इस कारण से सोलह दिन से लगातार बहिष्कार कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को सभी अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष भेषज शरण शर्मा की अध्यक्षता में एक मीटिंग की। मीटिंग में शर्मा ने कहा कि दोनों ही अधिकारी विरोधाभासी आदेश कर वादकारियों को गुमराह करते हैं। इसके बाद सभी अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए निकले। तहसील के सभी कार्यालय बंद कराए। वकीलों ने कहा कि इतने दिन से बहिष्कार के बावजूद अब तक इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होना न्यायसंगत नहीं है। अधिवक्ताओं ने कहा कि 23 मई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जिले में आगमन पर दोनों अधिकारियों के कारनामों का चिट्ठा उनके समक्ष खोला जाएगा। बहिष्कार करने वालों में बलवीर सिंह यादव, गजेंद्र सिंह यादव, श्याम सुंदर गुप्ता, अब्दुल कयूम, नवल कुमार शर्मा, विपिन पाठक, अनूप शर्मा, मुकेश कुमार, ओमकार सिंह पाल आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
उपजिलाधिकारी व तहसीलदार की अदालतों का बहिष्कार सोलहवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने तहसील के सभी कार्यालय बंद कराकर नारेबाजी की। घोषणा की कि आगामी 23 मई को मुख्यमंत्री के आगमन पर उनसे मिलकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
यहां बता दें कि वकील तहसीलदार महेंद्र सिंह व उपजिलाधिकारी गुलाब चंद्र के व्यवहार से नाराज हैं। इस कारण से सोलह दिन से लगातार बहिष्कार कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को सभी अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष भेषज शरण शर्मा की अध्यक्षता में एक मीटिंग की। मीटिंग में शर्मा ने कहा कि दोनों ही अधिकारी विरोधाभासी आदेश कर वादकारियों को गुमराह करते हैं। इसके बाद सभी अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए निकले। तहसील के सभी कार्यालय बंद कराए। वकीलों ने कहा कि इतने दिन से बहिष्कार के बावजूद अब तक इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होना न्यायसंगत नहीं है। अधिवक्ताओं ने कहा कि 23 मई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जिले में आगमन पर दोनों अधिकारियों के कारनामों का चिट्ठा उनके समक्ष खोला जाएगा। बहिष्कार करने वालों में बलवीर सिंह यादव, गजेंद्र सिंह यादव, श्याम सुंदर गुप्ता, अब्दुल कयूम, नवल कुमार शर्मा, विपिन पाठक, अनूप शर्मा, मुकेश कुमार, ओमकार सिंह पाल आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
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