{"_id":"687bfc61328db89d500719db","slug":"tubewell-operator-injured-in-jackal-attack-in-ujhani-dies-badaun-news-c-123-1-sbly1035-143444-2025-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: उझानी में सियार के हमले में घायल नलकूप चालक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: उझानी में सियार के हमले में घायल नलकूप चालक की मौत
विज्ञापन
हीरालाल की फाइल फोटो
- फोटो : mathura
उझानी। पिछले दिनों सियार के हमले में लहूलुहान नलकूप चालक हीरालाल की फिर हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां से रेफर कराकर सैफई ले जा रहे थे। रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव रौली निवासी नलकूप चालक हीरालाल (40) पर सियार ने चार जुलाई को हमला कर दिया था। हमले में उनका चेहरा और गर्दन के पास का हिस्सा लहूलुहान हो गया था। भाई रजनेश ने सीएचसी में उनका एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया था। उसी दिन शाम को उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया था। छह- सात दिन तक इलाज के बाद परिजन उन्हें घर ले गए। भाई रजनेश ने बताया कि तीन दिन पहले हालत बिगड़ने पर हीरालाल को फिर से राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। शुक्रवार शाम करीब सात बजे उनकी हालत नाजुक बताते हुए मेडिकल कॉलेज से सैफई रेफर कर दिया गया। रास्ते में उनकी मौत हो जाने पर शरीर में सांस बताते हुए परिवार के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार ने बताया कि एंबुलेंस से हीरालाल को मृतावस्था में ही लाया गया था। उनके एंटी रैबीज के इंजेक्शन भी लग चुके थे। संक्रमण फैलने से मौत होने की आशंका है। भतीजे ने बताया कि उनके चाचा के कोई संतान नहीं है। चाची प्रेमवती इसके बाद से बदहवास हैं।
-- -- -- -
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के गांव रौली निवासी नलकूप चालक हीरालाल (40) पर सियार ने चार जुलाई को हमला कर दिया था। हमले में उनका चेहरा और गर्दन के पास का हिस्सा लहूलुहान हो गया था। भाई रजनेश ने सीएचसी में उनका एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया था। उसी दिन शाम को उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया था। छह- सात दिन तक इलाज के बाद परिजन उन्हें घर ले गए। भाई रजनेश ने बताया कि तीन दिन पहले हालत बिगड़ने पर हीरालाल को फिर से राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। शुक्रवार शाम करीब सात बजे उनकी हालत नाजुक बताते हुए मेडिकल कॉलेज से सैफई रेफर कर दिया गया। रास्ते में उनकी मौत हो जाने पर शरीर में सांस बताते हुए परिवार के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार ने बताया कि एंबुलेंस से हीरालाल को मृतावस्था में ही लाया गया था। उनके एंटी रैबीज के इंजेक्शन भी लग चुके थे। संक्रमण फैलने से मौत होने की आशंका है। भतीजे ने बताया कि उनके चाचा के कोई संतान नहीं है। चाची प्रेमवती इसके बाद से बदहवास हैं।
विज्ञापन