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Budaun News: प्रशिक्षित चालकों के साथ बस चलाएंगे प्रशिक्षु
Sun, 14 Jul 2024 03:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 14 Jul 2024 03:49 AM IST
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बदायूं। परिवहन निगम के प्रशिक्षु चालकों को खुद बस चलाने के लिए करीब एक माह और इंतजार करना पड़ेगा। अभी उन्हें प्रशिक्षण के तौर प्रशिक्षित चालकों के साथ भेजा जा रहा है। कम भीड़भाड़ वाले मार्गों पर उन्हें बस चलाने के लिए दी जा रही है। वह करीब एक माह तक इसी तरह बसों को चलाएंगे। जब वह पूरी तरह से परिपक्व हो जाएंगे तो उन्हें बस सौंप दी जाएगी।
बसों में केवल चालक या परिचालक नहीं होते बल्कि बसों में बैठे यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्ही की होती है। परिवहन निगम चाहता है कि उनके सभी चालक परिपक्व हों, वह किसी भी शहर या मार्ग पर बस चला सकें। अभी चार दिन पहले परिवहन निगम को 15 चालक मिले थे। वह एक माह का प्रशिक्षण लेकर कानपुर से आए थे। इससे पहले चालकों को सीधे बस दे दी जाती थी लेकिन एआरएम अजय कुमार सिंह का कहना है कि इन प्रशिक्षित चालकों को भी करीब एक माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले उन्हें प्रशिक्षित चालकों के साथ भेजा जा रहा है, जिससे वह वाहन चलाने के ही नियम सीख लें।
पहले उन्हें कम भीड़भाड़ वाले मार्गों पर बस चलाने को दी जा रही है। जब वह धीरे-धीरे बस चलाएंगे तो भीड़भाड़ वाले मार्गों पर भी बस चलाना सीख जाएंगे। एक माह लगातार उनकी परीक्षा होगी। अगर इस दौरान कोई शिकायत नहीं आई तो वह इस परीक्षा में पास हो जाएंगे। जब वह अच्छी तरह से बस चलाने लगेंगे तो उन्हें खुद बस दे दी जाएगी।
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बसों में केवल चालक या परिचालक नहीं होते बल्कि बसों में बैठे यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्ही की होती है। परिवहन निगम चाहता है कि उनके सभी चालक परिपक्व हों, वह किसी भी शहर या मार्ग पर बस चला सकें। अभी चार दिन पहले परिवहन निगम को 15 चालक मिले थे। वह एक माह का प्रशिक्षण लेकर कानपुर से आए थे। इससे पहले चालकों को सीधे बस दे दी जाती थी लेकिन एआरएम अजय कुमार सिंह का कहना है कि इन प्रशिक्षित चालकों को भी करीब एक माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले उन्हें प्रशिक्षित चालकों के साथ भेजा जा रहा है, जिससे वह वाहन चलाने के ही नियम सीख लें।
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पहले उन्हें कम भीड़भाड़ वाले मार्गों पर बस चलाने को दी जा रही है। जब वह धीरे-धीरे बस चलाएंगे तो भीड़भाड़ वाले मार्गों पर भी बस चलाना सीख जाएंगे। एक माह लगातार उनकी परीक्षा होगी। अगर इस दौरान कोई शिकायत नहीं आई तो वह इस परीक्षा में पास हो जाएंगे। जब वह अच्छी तरह से बस चलाने लगेंगे तो उन्हें खुद बस दे दी जाएगी।
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