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Budaun News: 48 लाख फूंके पर नहीं जल रहीं ट्रैफिक लाइटें
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बदायूं। ट्रैफिक पुलिस की ओर से लोगों को यातायात नियमों का पालन कराने के लिए आए दिन अभियान चलाए जाते हैं। चौराहों पर जाम की हालात न बने इसके लिए शहर में कई चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गईं थीं लेकिन ये दिखावा बनी हुई हैं। करीब पांच माह से ये लाइटें बंद पड़ी हैं। इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर में जाम स्थायी समस्या बन चुका है। इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर कई बैठकें कीं। तमाम रणनीतियां तैयार कीं लेकिन लोगों को जाम से निजात नहीं मिल सकी। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका ने शहर में जाम के लिए पहचाने जाने वाले भामाशाह चौक, पशुराम चौक, दातागंज तिराहा, शहीद भगत सिंह चौक और इंदिरा चौक पर 48 लाख रुपये से ट्रैफिक लाइटें लगवाईं।
उम्मीद थी इससे जाम से निजात मिलेगी। शुरुआत में ट्रैफिक लाइट के नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। कुछ समय बाद जब लोगों को इसकी आदत होने लगी तो शहर के चौराहों पर लगीं ये लाइटें खराब होने लगीं। अब हालात ये हैं कि पांच माह से सभी पांच चौराहों पर लगीं लाइटें पूरी तरह से ठप हैं।
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ये हैं नए जाम प्वाइंट
- शहर के गोपी चौक, गांधी ग्राउंड चौराहा, रजी चौक, पथिक चौक, महाराणा प्रताप चौक पर जाम के नए प्वाइंट बनते जा रहे हैं। इन चौराहों पर दिनभर जाम जैसी स्थिति बनती रहती है। इससे लोगों को परेशानी होती है।
चौराहों पर नहीं दिखती ट्रैफिक पुलिस
- हालात ये हैं कि कुछ चौराहों को छोड़ दें तो अधिकांश पर ट्रैफिक पुलिस नहीं दिखाई देेती है। कई व्यस्त चौराहों पर होमगार्ड को तैनात कर दिया गया है। वे केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराने आते हैं। उन्हें चौराहों पर लगाने वाले जाम से कोई लेना देना नहीं है।
इन लाइटों को मेरे आने से पहले पालिका ने लगवाया था। अब ये किसके हैंडओवर है, इसको दिखवाते हैं। अगर पालिका के पास है तो इसको सही करवाया जाएगा। - दीप कुमार, ईओ
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शहर में जाम स्थायी समस्या बन चुका है। इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर कई बैठकें कीं। तमाम रणनीतियां तैयार कीं लेकिन लोगों को जाम से निजात नहीं मिल सकी। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका ने शहर में जाम के लिए पहचाने जाने वाले भामाशाह चौक, पशुराम चौक, दातागंज तिराहा, शहीद भगत सिंह चौक और इंदिरा चौक पर 48 लाख रुपये से ट्रैफिक लाइटें लगवाईं।
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उम्मीद थी इससे जाम से निजात मिलेगी। शुरुआत में ट्रैफिक लाइट के नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। कुछ समय बाद जब लोगों को इसकी आदत होने लगी तो शहर के चौराहों पर लगीं ये लाइटें खराब होने लगीं। अब हालात ये हैं कि पांच माह से सभी पांच चौराहों पर लगीं लाइटें पूरी तरह से ठप हैं।
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ये हैं नए जाम प्वाइंट
- शहर के गोपी चौक, गांधी ग्राउंड चौराहा, रजी चौक, पथिक चौक, महाराणा प्रताप चौक पर जाम के नए प्वाइंट बनते जा रहे हैं। इन चौराहों पर दिनभर जाम जैसी स्थिति बनती रहती है। इससे लोगों को परेशानी होती है।
चौराहों पर नहीं दिखती ट्रैफिक पुलिस
- हालात ये हैं कि कुछ चौराहों को छोड़ दें तो अधिकांश पर ट्रैफिक पुलिस नहीं दिखाई देेती है। कई व्यस्त चौराहों पर होमगार्ड को तैनात कर दिया गया है। वे केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराने आते हैं। उन्हें चौराहों पर लगाने वाले जाम से कोई लेना देना नहीं है।
इन लाइटों को मेरे आने से पहले पालिका ने लगवाया था। अब ये किसके हैंडओवर है, इसको दिखवाते हैं। अगर पालिका के पास है तो इसको सही करवाया जाएगा। - दीप कुमार, ईओ