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व्यापारी बोले- गारमेंट उत्पादों पर 12 फीसदी जीएसटी से टूट जाएगी कमर

Wed, 22 Dec 2021 01:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 01:33 AM IST
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Traders said - 12 percent GST on garment products will break the waist
कपड़े की दुकान पर खरीदारी करते लोग। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। एक जनवरी से रेडीमेड गारमेंट्स पर जीएसटी दर बढ़कर 12 प्रतिशत हो जाएगी। इससे रेडीमेड गारमेंट्स की कीमतें बढ़ जाएंगी। अब तक रेडीमेड गारमेंट्स पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगता है। एक जनवरी से यह 12 प्रतिशत हो जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में इजाफा होने से रिटेल कारोबार बुरी तरह से प्रभावित होगा। रेडीमेड के व्यापार से जुड़े व्यापारी जीएसटी में इजाफा किए जाने का विरोध कर रहे हैं।
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कोरोना महामारी के दौरान रेडीमेड और कपड़ा कारोबार बीते दो वर्ष से मंदी की मार झेल रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के सुस्त पड़ने के बाद बाजार में रौनक लौटनी शुरू हुई है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी दरों में इजाफा होने से कारोबार एक बार फिर से प्रभावित होगा। व्यापारी वर्ग ऑनलाइन के मुकाबले रिटेल कारोबार अधिक महंगा हो जाने की वजह से ग्राहक टूटने की आशंका से ग्रस्त हैं। दुकानों में पहले से डंप पड़े माल पर एक जनवरी के बाद सात प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी चुकाने की चिंता भी कारोबारियों को सता रही है।
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शहर में शास्त्री चौक के पास रेडीमेड गारमेंट का शोरूम चलाने वाले व्यापारी अनिल गुप्ता का कहना है कि एक हजार रुपये से कम कीमत वाले रेडीमेड कपड़ों पर पांच प्रतिशत का स्लैब समाप्त कर उसे भी 12 प्रतिशत के स्लैब में शामिल किया जाना रिटेल क्षेत्र के लिए काफी बुरा साबित होगा।
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कपड़ा व्यापारियों की बात
रेडीमेड गारमेंट पर जीएसटी सात प्रतिशत बढ़ाने का नुकसान रिटेल कारोबारियों को होगा। उत्पादक से रिटेल कारोबारी तक माल ट्रेडर, स्टॉकिस्ट, होल सेलर से होते हुए पहुंचता है। यानी करीब चार चरणों में जीएसटी चुकाने के कारण कीमत बढ़ जाएगी।
- पंकज वार्ष्णेय, बिल्सी
रेडीमेड गारमेंट्स पर जीएसटी बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने से रिटेल कारोबारियों को नुकसान होगा। ऑनलाइन के मुकाबले टिकना मुश्किल हो जाएगा। ऑनलाइन ट्रेडर सीधे उत्पादक से खरीद कर एक बार ही जीएसटी चुकाएगा। इस कारण उसकी लागत कम होगी।
- सुनील सचदेवा, उझानी
रेडीमेड गारमेंट हो या कपड़े, जिले में दुकानदारों के पास अरबों रुपये का माल स्टॉक है। इस माल पर दुकानदार पांच प्रतिशत जीएसटी चुका चुके हैं। एक जनवरी के बाद बचे हुए स्टॉक पर दुकानदारों को सात प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी चुकाना होगा।

- गगन बागू, बिसौली
व्यापारियों के पास जो माल पहले से स्टॉक में है उस पर भी अतिरिक्त टैक्स चुकाना होगा। इसकी भरपाई कब होगी यह तो दुकानदार को नहीं मालूम लेकिन टैक्स चुकाना उसकी मजबूरी होगी। जीएसटी बढ़ने से कपड़ों के दाम बढ़ेंगे जिससे ग्राहक कम खरीदारी करेंगे।
-सुमित गुप्ता, कुंवरगांव
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