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Budaun News: नौकरी बचाने के लिए फिर छात्र बने गुरुजी, 1123 शिक्षकों पर टीईटी पास करने का दबाव

Sat, 16 May 2026 01:42 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Sat, 16 May 2026 01:42 AM IST
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To save their jobs, students turn gurus again; 1,123 teachers pressured to pass the TET.
बदायूं। जिन शिक्षकों के हाथों में कभी सिर्फ बच्चों की कॉपियां और पाठ्यक्रम हुआ करता था, आज उन्हीं हाथों में फिर से प्रतियोगी परीक्षा की किताबें हैं। जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत बिना टीईटी पास शिक्षक इन दिनों अपनी नौकरी बचाने के लिए दोबारा छात्र बनने को मजबूर हैं। वजह है अदालत का वह आदेश है जिसमें बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 5,345 परिषदीय शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से 1,123 शिक्षक अब तक टीईटी पास नहीं कर सके हैं, जबकि 4,222 शिक्षक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। अब इन 1,523 शिक्षकों के सामने नौकरी बचाने की बड़ी चुनौती है। इस बार एक जुलाई को टीईटी परीक्षा प्रस्तावित है, जिसे लेकर शिक्षकों ने तैयारी तेज कर दी है। कई शिक्षकों ने शहर में ऑफलाइन कोचिंग ज्वाइन कर ली है, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक ऑनलाइन क्लासेस के जरिये तैयारी कर रहे हैं।
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स्कूल से लौटने के बाद देर रात तक पढ़ाई की जा रही है। कई शिक्षक सुबह जल्दी उठकर भी पढ़ाई कर रहे हैंं। ताकि पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच समय निकाला जा सके। सबसे अधिक परेशानी 45 से 55 वर्ष आयु वर्ग के शिक्षकों को हो रही है। कई शिक्षक मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त हुए थे, जबकि कुछ इंटरमीडिएट योग्यता के आधार पर सेवा में आए थे। उनका कहना है कि वर्ष 2010 तक नियुक्ति के समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, इसलिए अब नियम बदलना उनके लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है।
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शिक्षक संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर कई बार सरकार से राहत की मांग की है। दिल्ली में प्रदर्शन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बावजूद अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। फिलहाल जिले के सैकड़ों घरों में रात देर तक लाइट जल रही है। वजह बच्चों की पढ़ाई नहीं, बल्कि गुरुजनों की अपनी परीक्षा की तैयारी है।

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कोर्ट से दी गई है राहत
-जिन शिक्षकों की सेवा के सिर्फ पांच वर्ष बचे हैं, उन्हें कोर्ट की ओर से छूट दी गई। उनकाे टीईटी करने की कोई जरूरत है। उनके लिए इस प्रक्रिया से पूरी तरह से बाहर रखा गया है। बाकी शिक्षकों को दो साल में टीईटी पास करना अनिवार्य है।
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वर्जन-
-जिले में करीब एक हजार शिक्षक हैं, जिन्होंने अभी तक टीईटी नहीं किया है। कुछ शिक्षक टीईटी की तैयारी कर रहे हैं। इसके बारे में जानकारी मिली है।
-वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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