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शादी अनुदान राशि लेने को फर्जीवाड़े का सहारा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:29 PM IST
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प्राथमिक जांच में खुली पोल, 29 आवेदक दायरे में
क्षेत्र के एक गांव में गरीब बालिका शादी अनुदान राशि लेने के लिए 29 आवेदकों के फर्जी होने का मामला प्रकाश में आया है। प्राथमिक जांच में इसकी पोल खुली है। हालांकि अभी जांच गतिमान है। कई और मामले भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
गरीब कन्याओं के विवाह के लिए अनुदान योजना संचालित है। समाज कल्याण विभाग की ओर से जांचोपरांत राशि उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन इस योजना का लाभ पाने के लिए लोग फर्जीवाड़े करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के चितरी गांव का प्रकाश में आया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक चितरी गांव के करीब 29 लोगों ने शादी अनुदान राशि पाने के लिए ऑलाइन आवेदन किए। शादी का कार्ड व जरूरी दस्तावेज भी लगाए। लेकिन एक ही गांव के इतने आवेदन व एक जैसे प्रिंट के शादी के कार्ड देखकर संदेह होने पर इसकी बारीकी से जांच कराई। जिसमें फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सूत्रों की माने तो इसमें लाभ लेने के लिए फर्जी दस्तावेज और गलत जाति व आय प्रमाण पत्रों का प्रयोग किया गया है। बताते हैं कि इसी गांव के हरिराम के नाम से आवेदन हैं। जबकि इस नाम का कोई आवेदक ही नहीं है। वहीं नन्कू यादव के आवेदन पर किसी उदयपाल नाम के युवक का फोटो चस्पा है। इतना ही नहीं शिशुपाल के आवेदन में तीन लोगों की आईडी का प्रयोग किया गया है। इसमें आवेदन शिशुपाल यादव के नाम से है तो फोटो सियाराम का चस्पा है। जबकि लगाई गई पास बुक शिशुपाल ठाकुर के नाम की है। छोटे नाम के आवेदन में आधार कार्ड किसी और का लगा है। वहीं विमला देवी नामक महिला के आवेदन में रूबी नाम की बालिका के लिए आवेदन किया गया है। जबकि इस नाम की लड़की की डेढ़ वर्ष पहले ही विवाह हो चुका है। जबकि जिस लड़के की जानकारी दी गई है, वह भी शादीशुदा है। इस तरह करीब 29 आवेदन हैं। इतना ही नहीं सभी लगाए गए सभी दस्तावेज प्रधान से प्रमाणित भी हैं। हालांकि इस पर ग्राम प्रधान का कहना है कि उन्होंने कोई प्रमाण पत्र प्रमाणित नहीं किया है। उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं। इधर, ग्राम पंचायत सचिव आफाक हुसैन गाजी ने बताया कि जांच में सभी आवेदन फर्जी पाए गए हैं। इस बाबत उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। जांच चल रही है।
क्षेत्र के एक गांव में गरीब बालिका शादी अनुदान राशि लेने के लिए 29 आवेदकों के फर्जी होने का मामला प्रकाश में आया है। प्राथमिक जांच में इसकी पोल खुली है। हालांकि अभी जांच गतिमान है। कई और मामले भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
गरीब कन्याओं के विवाह के लिए अनुदान योजना संचालित है। समाज कल्याण विभाग की ओर से जांचोपरांत राशि उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन इस योजना का लाभ पाने के लिए लोग फर्जीवाड़े करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के चितरी गांव का प्रकाश में आया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक चितरी गांव के करीब 29 लोगों ने शादी अनुदान राशि पाने के लिए ऑलाइन आवेदन किए। शादी का कार्ड व जरूरी दस्तावेज भी लगाए। लेकिन एक ही गांव के इतने आवेदन व एक जैसे प्रिंट के शादी के कार्ड देखकर संदेह होने पर इसकी बारीकी से जांच कराई। जिसमें फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सूत्रों की माने तो इसमें लाभ लेने के लिए फर्जी दस्तावेज और गलत जाति व आय प्रमाण पत्रों का प्रयोग किया गया है। बताते हैं कि इसी गांव के हरिराम के नाम से आवेदन हैं। जबकि इस नाम का कोई आवेदक ही नहीं है। वहीं नन्कू यादव के आवेदन पर किसी उदयपाल नाम के युवक का फोटो चस्पा है। इतना ही नहीं शिशुपाल के आवेदन में तीन लोगों की आईडी का प्रयोग किया गया है। इसमें आवेदन शिशुपाल यादव के नाम से है तो फोटो सियाराम का चस्पा है। जबकि लगाई गई पास बुक शिशुपाल ठाकुर के नाम की है। छोटे नाम के आवेदन में आधार कार्ड किसी और का लगा है। वहीं विमला देवी नामक महिला के आवेदन में रूबी नाम की बालिका के लिए आवेदन किया गया है। जबकि इस नाम की लड़की की डेढ़ वर्ष पहले ही विवाह हो चुका है। जबकि जिस लड़के की जानकारी दी गई है, वह भी शादीशुदा है। इस तरह करीब 29 आवेदन हैं। इतना ही नहीं सभी लगाए गए सभी दस्तावेज प्रधान से प्रमाणित भी हैं। हालांकि इस पर ग्राम प्रधान का कहना है कि उन्होंने कोई प्रमाण पत्र प्रमाणित नहीं किया है। उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं। इधर, ग्राम पंचायत सचिव आफाक हुसैन गाजी ने बताया कि जांच में सभी आवेदन फर्जी पाए गए हैं। इस बाबत उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। जांच चल रही है।
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