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पॉक्सो एक्ट हटवाने के लिए आरोपियों ने बनवाई किशोरी की फर्जी टीसी
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बदायूं। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपियों ने पॉक्सो एक्ट हटवाने के लिए एक और जुर्म कर डाला। उन्होंने एक विद्यालय के नाम से किशोरी की टीसी बनवाकर बाल कल्याण समिति को पेश कर दी। जब जांच हुई तो टीसी फर्जी पाई गई। इस पर किशोरी के पिता ने आरोपी पिता-पुत्र समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मामला सहसवान इलाके का है। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने कुछ समय पहले अपनी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने किशोरी को बरामद कर न्यायालय में पेश किया। चूंकि वह नाबालिग थी, इससे किशोरी को बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया था। यहां परिवारवालों ने उसके नाबालिग होने के संबंध में टीसी और अंकपत्र पेश किए।
किशोरी के पिता के मुताबिक जिस दिन किशोरी को परिवारवालों को सुपुर्द किया जाना था, उसी दिन आरोपी के परिवार वाले किशोरी की कक्षा चार की टीसी लेकर पहुंचे। उन्होंने यह टीसी बाल कल्याण समिति को पेश की। जब बाल कल्याण समिति ने इस टीसी का विवेचक से सत्यापन कराया तो वह फर्जी पाई गई। वह जिस स्कूल के नाम से बनवाई गई, वह स्कूल शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में ही नहीं था। साल 2010 में उसकी बिल्डिंग ध्वस्त कर दी गई थी। उसके अभिलेख नष्ट हो चुके थे। ऐसे में फर्जी टीसी बनवाने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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मामला सहसवान इलाके का है। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने कुछ समय पहले अपनी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने किशोरी को बरामद कर न्यायालय में पेश किया। चूंकि वह नाबालिग थी, इससे किशोरी को बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया था। यहां परिवारवालों ने उसके नाबालिग होने के संबंध में टीसी और अंकपत्र पेश किए।
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किशोरी के पिता के मुताबिक जिस दिन किशोरी को परिवारवालों को सुपुर्द किया जाना था, उसी दिन आरोपी के परिवार वाले किशोरी की कक्षा चार की टीसी लेकर पहुंचे। उन्होंने यह टीसी बाल कल्याण समिति को पेश की। जब बाल कल्याण समिति ने इस टीसी का विवेचक से सत्यापन कराया तो वह फर्जी पाई गई। वह जिस स्कूल के नाम से बनवाई गई, वह स्कूल शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में ही नहीं था। साल 2010 में उसकी बिल्डिंग ध्वस्त कर दी गई थी। उसके अभिलेख नष्ट हो चुके थे। ऐसे में फर्जी टीसी बनवाने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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