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Budaun News: 10 साल पहले भी हुआ था धमाका, तब बाल-बाल बचा था परिवार
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- कस्बे के हाथा मोहल्ले में रहते हैं अख्तर के भाई और पिता
संवाद न्यूज एजेंसी
इस्लामनगर। करीब 10 साल पहले भी अख्तर के घर में धमाका हुआ था। उससे घर में आग लग गई थी। काफी सामान जल गया था, लेकिन तब परिवार के लोग बाल-बाल बच गए थे। मकान को भी कोई क्षति नहीं हुई थी।
कस्बे के मुहाली मोहल्ला निवासी अख्तर अली दो भाई हैं। उनके पिता असगर और भाई रिजवान कस्बे के दूसरे मोहल्ले हाथा में रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अख्तर भी पहले हाथा मोहल्ले में रहते थे। उस दौरान भी अख्तर, उसके पिता और भाई आतिशबाजी का काम करते थे। करीब 10 साल पहले उनके हाथा मोहल्ला स्थित घर में धमाका हुआ था।
उससे केवल घर में आग लग गई थी और काफी सामान जल गया था। उस दौरान घर में ज्यादा विस्फोटक पदार्थ नहीं रखा था। इस हादसे के बाद अख्तर मुहाली मोहल्ले में मकान बनाकर रहने लगे थे। उन्होंने यहां आतिशबाजी की पूरी दुकान खोल ली थी। वह वैवाहिक कार्यक्रमों में आतिशबाजी का ठेका लेते थे। उस हादसे में बाल-बाल बच गए थे लेकिन इस हादसे से उनका पूरा परिवार ही बिखर गया।
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इस्लामनगर। करीब 10 साल पहले भी अख्तर के घर में धमाका हुआ था। उससे घर में आग लग गई थी। काफी सामान जल गया था, लेकिन तब परिवार के लोग बाल-बाल बच गए थे। मकान को भी कोई क्षति नहीं हुई थी।
कस्बे के मुहाली मोहल्ला निवासी अख्तर अली दो भाई हैं। उनके पिता असगर और भाई रिजवान कस्बे के दूसरे मोहल्ले हाथा में रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अख्तर भी पहले हाथा मोहल्ले में रहते थे। उस दौरान भी अख्तर, उसके पिता और भाई आतिशबाजी का काम करते थे। करीब 10 साल पहले उनके हाथा मोहल्ला स्थित घर में धमाका हुआ था।
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उससे केवल घर में आग लग गई थी और काफी सामान जल गया था। उस दौरान घर में ज्यादा विस्फोटक पदार्थ नहीं रखा था। इस हादसे के बाद अख्तर मुहाली मोहल्ले में मकान बनाकर रहने लगे थे। उन्होंने यहां आतिशबाजी की पूरी दुकान खोल ली थी। वह वैवाहिक कार्यक्रमों में आतिशबाजी का ठेका लेते थे। उस हादसे में बाल-बाल बच गए थे लेकिन इस हादसे से उनका पूरा परिवार ही बिखर गया।
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