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Budaun News: 80 हजार आबादी पर डॉक्टर महज चार, कैसे हो उपचार

Sun, 09 Feb 2025 11:31 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:31 PM IST
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There are only four doctors for a population of 80 thousand, how can treatment be done
उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों डॉक्टरों की किल्लत की चपेट में है। मरीजों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन चार साल के दौरान तीन डॉक्टर तबादले पर चले गए। बदले में किसी और डॉक्टर को तैनाती भी नहीं मिल पाई है।
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करीब 80 हजार की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए सीएचसी पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती का भी प्रावधान है। इसलिए भी कि यहां एफआरयू की सुविधा है।
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एफआरयू के मानक के अनुसार, अस्पताल में फिजीशियन तो कम से कम पांच होने चाहिए। इसके अलावा हड्डी, नाक, कान और गला, बाल रोग, सर्जन और महिला रोग विशेषज्ञ का होना आवश्यक है। चार साल पहले तक आठ डॉक्टर हुआ करते थे। डॉ. निरंजन सिंह को एनेस्थीसिया का कोर्स करने के बाद जिला अस्पताल में तैनाती मिल गई। प्रमोशन के बाद वह डिप्टी सीएमओ बन गए। आपरेशन की सुविधा होने की वजह से यहां एनेस्थीसिया विशेषज्ञ होना चाहिए।
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इसके बाद सर्जन डीके राज ललितपुर, डॉ. सर्वेश कुमार म्याऊं में चिकित्साधीक्षक बना दिए गए। दंत रोग विशेषज्ञ अवनी सिंह मातृत्व अवकाश पर हैं। उनके सहायक तो अस्पताल में नजर ही नहीं आते। ईएनटी प्रेमशंकर मौर्य उझानी में तैनात होने के बाद भी दूसरी बार खुद को शाहजहांपुर जिला अस्पताल से अटैच करा चुके हैं।
बता दें कि अस्पताल में रोजाना करीब डेढ़-सौ नए पर्चे बनते हैं। तीन सौ से अधिक मरीजों की दस्तक के बाद उन्हें इनमें दो-तीन डॉक्टर ही मिल पाते हैं। इसके पीछे की वजह पर गौर करें तो चिकित्साधीक्षक को विभागीय स्तर के कार्यक्रम और बैठकों में व्यस्तता, किसी डॉक्टर की कोर्ट या फिर जेल में ड्यूटी तो कभी कोई अवकाश पर भी होता है।


ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू हुई न हेल्थ एटीएम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले साल हेल्थ एटीएम लगा था। जिस कक्ष में वह स्थापित किया गया, वह वार्ड के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। हेल्थ एटीएम को संचालित करने के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी भी नहीं है। इसी तरह ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए अत्याधुनिक फ्रीजर भी लग चुका है, डेढ़ साल में अभी तक उसके जरिये एक यूनिट ब्लड का इस्तेमाल भी नहीं हुआ। इसके बाद भी फ्रीजर को इंजीनियर दो बार आकर ठीक कर चुके हैं।



नए डॉक्टरों की तैनाती विभागीय स्तर से की जाती है। तबादले और अटैचमेंट भी विभागीय आदेश से होता है। इसके बाद भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। प्रसव के दौरान आपरेशन भी किए जाते हैं।- डॉ. राजकुमार गंगवार, चिकित्साधीक्षक
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