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एक सप्ताह बाद फिर किया किसानों ने प्रदर्शन
बदायूं।
Updated Wed, 08 Apr 2015 11:29 PM IST
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उघैती गर्वी के किसान एक सप्ताह बाद फिर मालवीय आवास पर पहुंचे और प्रदर्शन कर खेतों में हुए नुकसान के आकलन की मांग उठाई।
इस गांव के किसानों का कहना है कि उनके खेतों में लेखपाल ने कोई सर्वे नहीं किया। इससे उन्हें राहत तक की उम्मीद नहीं है। किसानों ने इस बार डीएम से मांग की कि किसी अन्य अधिकारी से उनके गांव के किसानों के खेतों में नुकसान का सर्वे करा लिया जाए। किसानों ने कहा कि बिल्सी तहसील प्रशासन ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। इस वजह से उनको दोबारा जिला मुख्यालय आकर प्रदर्शन करने की जरूरत पड़ी। अगर, अभी भी सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। गरीब किसानों को भारी हानि हुई है लेकिन लेखपाल के कारण उन्हें मुआवजा से भी वंचित रहना पड़ रहा है। लेखपाल पर उन्होंने अवैध वसूली करने और धमकाए जाने का आरोप भी लगाए।
प्रदर्शन करने आए किसानों में मिश्री लाल, वीरवती, हितेंद्र सिंंह, फूलवती, सत्यवीर, राजेंद्र सिंह, नागेश्वरी देवी, रामौतार, राधेश्याम, कल्लू, भेषज कुमार, रामजीमल, वासुदेव, विजय, रामजीमल, सियाराम, सियाराम, छोटेलाल, नरायन, कल्लू आदि शामिल रहे।
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इस गांव के किसानों का कहना है कि उनके खेतों में लेखपाल ने कोई सर्वे नहीं किया। इससे उन्हें राहत तक की उम्मीद नहीं है। किसानों ने इस बार डीएम से मांग की कि किसी अन्य अधिकारी से उनके गांव के किसानों के खेतों में नुकसान का सर्वे करा लिया जाए। किसानों ने कहा कि बिल्सी तहसील प्रशासन ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। इस वजह से उनको दोबारा जिला मुख्यालय आकर प्रदर्शन करने की जरूरत पड़ी। अगर, अभी भी सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। गरीब किसानों को भारी हानि हुई है लेकिन लेखपाल के कारण उन्हें मुआवजा से भी वंचित रहना पड़ रहा है। लेखपाल पर उन्होंने अवैध वसूली करने और धमकाए जाने का आरोप भी लगाए।
प्रदर्शन करने आए किसानों में मिश्री लाल, वीरवती, हितेंद्र सिंंह, फूलवती, सत्यवीर, राजेंद्र सिंह, नागेश्वरी देवी, रामौतार, राधेश्याम, कल्लू, भेषज कुमार, रामजीमल, वासुदेव, विजय, रामजीमल, सियाराम, सियाराम, छोटेलाल, नरायन, कल्लू आदि शामिल रहे।