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Budaun News: ड्राइविंग में महिलाओं का बढ़ा रुझान, दो हजार ने बनवाया डीएल
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एआरटीओ कार्यालय। संवाद
बदायूं। घर के काम हो या दफ्तर, पढ़ाई-लिखाई हो या खेलकूद में आधी आबादी ने परचम बुलंद किया है। अब वह कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहती हैं। इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रही है। जिले में छह माह में दो हजार से अधिक महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है। इसके अलावा करीब एक हजार से ज्यादा आवेदन लंबित हैं।
अब बदले दौर में महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। वह बच्चों को स्कूल छोड़ने से लेकर ऑफिस जाने और खरीदारी करने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना चाहती हैं। वह खुद ही कार, स्कूटी और बाइक चला रही हैं। सड़कों पर भी उनकी धमक बढ़ी है। इसलिए साल दर साल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2022-23 में 418, 2023-24 में 442 और वर्ष 2024-25 में 480 महिलाओं का ड्राइविंग लाइसेंस बना है। पिछले छह महीने में रिकार्ड आवेदन आए। उसमें से एआरटीओ ने 2020 महिलाओं के लाइसेंस जारी भी कर दिए हैं। इनमें से 980 महिलाओं ने बाइक, 560 ने कार और 480 ने बड़े वाहनों के लाइसेंस बनवाए हैं।
सड़कों पर दौड़ा रहीं स्कूटी
महिलाएं सिर्फ शौक के लिए वाहन नहीं चला रहीं, बल्कि रोजगार के तौर पर भी वह सड़कों पर दौड़ रही हैं। करीब 200 महिलाएं ऐसी हैं जो सरकारी स्कूलों तक स्कूटी से जा रही हैं।
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- ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लाइट मोटर वाहन में 75 सौ किलोग्राम वजन तक के वाहन आते हैं। ऐसे में महिला दो पहिया से लेकर चार पहिया तक चला सकती हैं। अब हैवी वाहन के लिए महिलाओं के आवेदन आने लगे हैं। - राम जनम गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन
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अब बदले दौर में महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। वह बच्चों को स्कूल छोड़ने से लेकर ऑफिस जाने और खरीदारी करने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना चाहती हैं। वह खुद ही कार, स्कूटी और बाइक चला रही हैं। सड़कों पर भी उनकी धमक बढ़ी है। इसलिए साल दर साल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2022-23 में 418, 2023-24 में 442 और वर्ष 2024-25 में 480 महिलाओं का ड्राइविंग लाइसेंस बना है। पिछले छह महीने में रिकार्ड आवेदन आए। उसमें से एआरटीओ ने 2020 महिलाओं के लाइसेंस जारी भी कर दिए हैं। इनमें से 980 महिलाओं ने बाइक, 560 ने कार और 480 ने बड़े वाहनों के लाइसेंस बनवाए हैं।
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सड़कों पर दौड़ा रहीं स्कूटी
महिलाएं सिर्फ शौक के लिए वाहन नहीं चला रहीं, बल्कि रोजगार के तौर पर भी वह सड़कों पर दौड़ रही हैं। करीब 200 महिलाएं ऐसी हैं जो सरकारी स्कूलों तक स्कूटी से जा रही हैं।
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- ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लाइट मोटर वाहन में 75 सौ किलोग्राम वजन तक के वाहन आते हैं। ऐसे में महिला दो पहिया से लेकर चार पहिया तक चला सकती हैं। अब हैवी वाहन के लिए महिलाओं के आवेदन आने लगे हैं। - राम जनम गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन