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Budaun News: प्रेमिका के बिछड़ने के प्रतिशोध में की थी दामाद की हत्या
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जरीफनगर थाने में खड़ा हत्यारोपी सतीश। स्त्रोत पुलिस
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जरीफनगर(बदायूं)। जरीफनगर थानाक्षेत्र के गांव बस्तोइयां में तीन मार्च की शाम संभल जिले के गंगावास निवासी कैलाश की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। पुलिस ने 15 हजार के इनामी हत्यारोपी को बागवाला में दहगवां जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्यारोपी ने भांजी दामाद की हत्या अपनी प्रेमिका से बिछड़ने के प्रतिशोध में की थी। पुलिस ने हत्यारोपी से तमंचा भी बरामद किया है।
एसपी देहात केके सरोज ने बताया कि संभल जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव गंगावास निवासी कैलाश (25) पुत्र कोमिल यादव की जरीफनगर थानाक्षेत्र के गांव बस्तोइया में तीन मार्च की शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कैलाश के पिता ने बस्तोइया गांव के सतीश यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या की वारदात के बाद सतीश फरार था। पुलिस उसकी तलाश में थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पा रहा था। इसके चलते उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। रविवार सुबह पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी सतीश किसी से रुपये लेने गांव के पास आया हुआ है। वह गांव बागवाला में दहगवां जाने वाले रास्ते के पास वाहन के इंतजार में खड़ा है। इस पर पुलिस ने एक होटल के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही से हत्या में इस्तेमाल किए गए एक तमंचा बरामद किया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।--
बहनों के घर मारपीट और बेइज्जती से रंजिश मान बैठा था सतीश
बदायूं। पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी सतीश ने बताया कि उसकी बहन मीना व चंद्रवती की शादी गांव मीरमपुर थाना गुन्नौर जिला संभल से हुई है। इससे उसका बहनों के घर आना-जाना था। गांव गंगावास में उसके बहनोई महीपाल की बेटी नीतू की शादी कैलाश पुत्र कोमिल सिंह के साथ हुई थी। इस वजह से कैलाश रिश्ते में उसका भांजी दामाद लगता था। उसने बताया कि जब वह गाजियाबाद में मजदूरी करता था, तब वहां की एक युवती से उसका प्रेम प्रसंग हो गया था। वह युवती को गाजियाबाद से भगाकर मीरमपुर ले आया था। बहनोई महीपाल के घर पर उसे लेकर रहने लगा था। युवती के पिता ने गाजियाबाद के वेव सिटी थाने में उसके खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मीरमपुर में दबिश दी तो वह युवती के साथ वहां से भाग आया। इस पर पुलिस कैलाश को पकड़ कर ले गई थी। बहनोई ने जब उसपर दबाव बनाया तो उसने युवती को बहनोई के साथ थाने भेज दिया। उसके बाद पुलिस ने कैलाश को छोड़ दिया था। युवती ने उसके पक्ष में ही बयान दिए थे। इससे वह पुलिस कार्रवाई से बच गया था, लेकिन जब वह बहनोई के घर पहुंचा। यहां भांजी दामाद कैलाश ने सभी के सामने उससे गाली गलौज की। बदसलूकी करते हुए मारपीट की थी। इससे बहनों के गांव में उसकी काफी बेइज्जती हुई थी। कैलाश की वजह से ही उसकी प्रेमिका फिर दोबारा आने को राजी नहीं हुई। इससे वह उससे बिछड़ गई। इसी का बदला लेने के लिए कैलाश को जान से मारने की ठान ली थी। उसने दिल्ली में यमुना किनारे एक युवक से तमंचा व कारतूस खरीदा था। संवाद
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एसपी देहात केके सरोज ने बताया कि संभल जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव गंगावास निवासी कैलाश (25) पुत्र कोमिल यादव की जरीफनगर थानाक्षेत्र के गांव बस्तोइया में तीन मार्च की शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कैलाश के पिता ने बस्तोइया गांव के सतीश यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या की वारदात के बाद सतीश फरार था। पुलिस उसकी तलाश में थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पा रहा था। इसके चलते उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। रविवार सुबह पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी सतीश किसी से रुपये लेने गांव के पास आया हुआ है। वह गांव बागवाला में दहगवां जाने वाले रास्ते के पास वाहन के इंतजार में खड़ा है। इस पर पुलिस ने एक होटल के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही से हत्या में इस्तेमाल किए गए एक तमंचा बरामद किया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
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बहनों के घर मारपीट और बेइज्जती से रंजिश मान बैठा था सतीश
बदायूं। पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी सतीश ने बताया कि उसकी बहन मीना व चंद्रवती की शादी गांव मीरमपुर थाना गुन्नौर जिला संभल से हुई है। इससे उसका बहनों के घर आना-जाना था। गांव गंगावास में उसके बहनोई महीपाल की बेटी नीतू की शादी कैलाश पुत्र कोमिल सिंह के साथ हुई थी। इस वजह से कैलाश रिश्ते में उसका भांजी दामाद लगता था। उसने बताया कि जब वह गाजियाबाद में मजदूरी करता था, तब वहां की एक युवती से उसका प्रेम प्रसंग हो गया था। वह युवती को गाजियाबाद से भगाकर मीरमपुर ले आया था। बहनोई महीपाल के घर पर उसे लेकर रहने लगा था। युवती के पिता ने गाजियाबाद के वेव सिटी थाने में उसके खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मीरमपुर में दबिश दी तो वह युवती के साथ वहां से भाग आया। इस पर पुलिस कैलाश को पकड़ कर ले गई थी। बहनोई ने जब उसपर दबाव बनाया तो उसने युवती को बहनोई के साथ थाने भेज दिया। उसके बाद पुलिस ने कैलाश को छोड़ दिया था। युवती ने उसके पक्ष में ही बयान दिए थे। इससे वह पुलिस कार्रवाई से बच गया था, लेकिन जब वह बहनोई के घर पहुंचा। यहां भांजी दामाद कैलाश ने सभी के सामने उससे गाली गलौज की। बदसलूकी करते हुए मारपीट की थी। इससे बहनों के गांव में उसकी काफी बेइज्जती हुई थी। कैलाश की वजह से ही उसकी प्रेमिका फिर दोबारा आने को राजी नहीं हुई। इससे वह उससे बिछड़ गई। इसी का बदला लेने के लिए कैलाश को जान से मारने की ठान ली थी। उसने दिल्ली में यमुना किनारे एक युवक से तमंचा व कारतूस खरीदा था। संवाद
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