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बेटे की मौत के सदमें में पिता ने भी दम तोड़ा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:00 AM IST
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शोक
- फोटो : अमर उजाला
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दो लोगों की मौत हो जाने से परिवार में मचा कोहराम
भट्ठे पर ईंट पाथने का काम करता है धनपाल का परिवार
जिंदगी में किसी पिता के लिए सबसे कठिन पल वो होते हैं जब उसके बेटे की अर्थी उसके सामने उठ जाए। शायद यही सदमा बुजुर्ग बाप बर्दाश्त नहीं कर सके और बेटे की मौत की खबर सुनने के दो घंटे बाद ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया। परिवार में दो लोगों की मौत एक साथ हो जाने से कोहराम मचा हुआ है।
घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की है। गांव रूपापुर के धनपाल (45) की तबियत मंगलवार रात को बिगड़ने लगी तो उनके घरवाले उन्हें जिला अस्पताल लाए, जहां पर धनपाल ने रात करीब डेढ़ बजे दम तोड़ दिया। वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि दिमाग की नस फट जाने की वजह से उनकी मौत हुई है। घरवाले पोस्टमॉर्टम कराए बगैर ही शव ले गए। धनपाल के छोटे भाई चंद्रपाल के मुताबिक वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज भी चल रहा था।
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धनपाल के पिता चेतराम खेत पर गए हुए थे। देर रात में धनपाल की मौत की सूचना चेतराम (70) को दी गई। इससे वह सदमे में आ गए और सूचना मिलने के दो घंटे बाद ही उन्होंने करीब साढ़े चार बजे दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के मुताबिक चेतराम धनपाल से बहुत लगाव रखते थे। एक साथ दो लोगों की मौत से परिवार सहित गांव में शोक छा गया।
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अंतिम संस्कार को बेटों के आने का इंतजार
गुलड़िया। धनपाल मौर्य के तीन बेटों समेत परिवार के पांच लोग बाहर शहरों में काम करते हैं। धनपाल और चेतराम की मौत की खबर सुनकर वे लोग वहां से चल दिए हैं, लेकिन शाम होने तक नहीं पहुंच सके। इससे अंतिम संस्कार के लिए बेटों का इंतजार किया जा रहा है।
धनपाल के हैं छह बच्चे
गुलड़िया। धनपाल का परिवार बहुत गरीब है। वे लोग गांव वालों की मजदूरी करने के साथ ही भट्ठे पर ईंट पाथने का काम भी करते हैं। उनके बेटे दिल्ली एवं अन्य शहरों में मेहनत मजदूरी करने के लिए जाते हैं।