{"_id":"6939c3815b3aeb8d690af0a9","slug":"the-rose-team-came-first-in-the-rangers-training-camp-badaun-news-c-123-1-sbly1001-152575-2025-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: रेंजर्स प्रशिक्षण शिविर में गुलाब टोली रही प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: रेंजर्स प्रशिक्षण शिविर में गुलाब टोली रही प्रथम
विज्ञापन
गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में रेंजर्स शिविर के दौरान हाथ मिलाती छात्रा।स्रोत कॉलेज
बदायूं। गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में बुधवार को तीन दिवसीय रेंजर्स प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया। वहीं निर्णयक मंडल ने गुलाब टोली को प्रथम स्थान, शिव शक्ति टोली को द्वितीय स्थान और सेवा सेतु टोली को तृतीय स्थान दिया।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. सुधीर चौहान ने शिविर में छात्राओं के प्रदर्शन की सराहना की। कहा कि रेंजर्स प्रशिक्षण छात्राओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करता है। महाविद्यालय के सचिव गौरव रस्तोगी ने छात्राओं को निरंतर भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
चीफ कमिश्नर महेश चंद्र सक्सेना ने कहा कि रेंजरिंग छात्रों को प्रकृति से जोड़ती है और कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन के कौशल सिखाती है। डॉ. निशि अवस्थी ने भी रेंजर्स के साहस, समर्पण और टीमवर्क की प्रशंसा की। शिविर के अंतिम दिन रेंजर्स ने टोली बनाकर टेंट हाउस तैयार किए और रचनात्मक कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
तीन दिन तक चली इस प्रशिक्षण गतिविधि का संचालन रेंजर प्रशिक्षक मोहम्मद असरार के निर्देशन में हुआ। प्राचार्य डॉ. सरला चक्रवर्ती ने कहा कि रोवर्स और रेंजर्स की गतिविधियों का उद्देश्य सामुदायिक सेवा, आउटडोर रोमांच, नेतृत्व क्षमता और कौशल विकास को बढ़ावा देना है। रेंजर्स इंचार्ज डॉ. शालू गुप्ता ने कहा कि रेंजरिंग निस्वार्थ सेवा और समाज में सकारात्मक योगदान का प्रतीक है। इस मौके पर डॉ. शिल्पी तोमर, रेंजर्स सह-प्रभारी डॉ. शिल्पी शर्मा, मीडिया प्रभारी डॉ. सोनी मौर्य, शुभी भसीन, इति अधिकारी, वंदना वर्मा आदि मौजूद रही।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. सुधीर चौहान ने शिविर में छात्राओं के प्रदर्शन की सराहना की। कहा कि रेंजर्स प्रशिक्षण छात्राओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करता है। महाविद्यालय के सचिव गौरव रस्तोगी ने छात्राओं को निरंतर भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विज्ञापन
चीफ कमिश्नर महेश चंद्र सक्सेना ने कहा कि रेंजरिंग छात्रों को प्रकृति से जोड़ती है और कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन के कौशल सिखाती है। डॉ. निशि अवस्थी ने भी रेंजर्स के साहस, समर्पण और टीमवर्क की प्रशंसा की। शिविर के अंतिम दिन रेंजर्स ने टोली बनाकर टेंट हाउस तैयार किए और रचनात्मक कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
तीन दिन तक चली इस प्रशिक्षण गतिविधि का संचालन रेंजर प्रशिक्षक मोहम्मद असरार के निर्देशन में हुआ। प्राचार्य डॉ. सरला चक्रवर्ती ने कहा कि रोवर्स और रेंजर्स की गतिविधियों का उद्देश्य सामुदायिक सेवा, आउटडोर रोमांच, नेतृत्व क्षमता और कौशल विकास को बढ़ावा देना है। रेंजर्स इंचार्ज डॉ. शालू गुप्ता ने कहा कि रेंजरिंग निस्वार्थ सेवा और समाज में सकारात्मक योगदान का प्रतीक है। इस मौके पर डॉ. शिल्पी तोमर, रेंजर्स सह-प्रभारी डॉ. शिल्पी शर्मा, मीडिया प्रभारी डॉ. सोनी मौर्य, शुभी भसीन, इति अधिकारी, वंदना वर्मा आदि मौजूद रही।