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Budaun News: नरऊ तालाब में ओवरफ्लो की असल वजह गुठाइन पर कब्जा

Sun, 09 Mar 2025 11:17 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 09 Mar 2025 11:17 PM IST
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The real reason behind overflow in Narau pond is the occupation of guthain
उझानी में गुठाइन तालाब पाटने को पड़ी मिट्टी। संवाद
उझानी। नरऊ के तालाब में ओवरफ्लो की एक वजह गुठाइन का तालाब भी है। गुठाइन के अधिकतर रकबा में कब्जा हो जाने के बाद नाले और नालियों के पानी का बहाव नरऊ की ओर हो जाता है, जिससे वह ओवरफ्लो होने लगता है। उसके ओवरफ्लो होने से आसपास के खेतों की फसलें भी जलमग्न होने लगती हैं। बारिश के दिनों में नरऊ पर गुठाइन का असर ज्यादा पड़ने का अंदेशा जताया जा रहा है।
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बाजारकलां और नझियाई मोहल्ला की सीमा में स्थित गुठाइन तालाब के असल रकबा को लेकर काफी समय पसोपेश का माहौल रहा। राजस्व विभाग के दस्तावेजों में कई लोगों के गाटा नंबर भी इसी तालाब के रकबा में बताए जाते हैं, लेकिन सरकारी भूमि का रकबा कितना है, यह कभी भी पूरी तरह स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ पाया।
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राजस्व कर्मियों के मुताबिक, कब्जा नहीं, बल्कि खेत मालिकों ने जब उन्हें बेचा तो खरीदारों ने निर्माण कार्य शुरू करा दिए थे। इसी वजह से गुठाइन के तालाब का आकार कम होता गया।
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गुठाइन तालाब का आकार निरंतर सिमटते रहने से कस्बे के नाले और नालियों के पानी का बहाव रेलवे फाटक पार पड़ोसी गांव नरऊ के तालाब की ओर बढ़ रहा है। पिछले महीना नरऊ तालाब में ओवरफ्लो की वजह से पानी नरऊ के अलावा आसपास के गांव मलिकपुर, मीहलाल नगला और अचौरा निवासी ग्रामीणों के खेतों में पहुंच गया था।
नरऊ तालाब का बंधा टूट जाने से गेहूं, सरसों और आलू की फसल को भी क्षति पहुंची थी। जानकार बताते हैं कि गुठाइन तालाब का आकार इसी तेजी से कम होता रहा तो बारिश के दिनों में नरऊ के तालाब के पास ग्रामीणों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा।



अब एसटीपी प्लांट से ही रुक सकता है नरऊ के तालाब में ओवरफ्लो
नरऊ के तालाब में निरंतर ओवरफ्लो के कारण पिछले साल नगर पालिका परिषद की ओर से समाधान की दिशा में पहल की गई थी। इसके तहत शासन को डीपीआर भी भेज दी गई। डीपीआर में नरऊ तालाब का पानी भैंसोर नदी तक पहुंचाने के लिए बुटला के पास एसटीपी प्लांट का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। प्लांट में शोधन के बाद ही नाले के जरिये तालाब में पहुंचे पानी के बहाव को भैंसोर नदी में मोड़ा एगा। भैंसोर नदी बुटला के पास से होकर निकलती है। भैंसोर में बारिश के अलावा किसी और मौसम में पानी नजर नहीं आता है।


कस्बे के नाले और नालियों के पानी के बंदोबस्त के लिए कार्रवाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। बुटला के पास एसटीपी प्लांट बन जाने के बाद नरऊ के तालाब का पानी खेतों में नजर नहीं आएगा। जल निगम को एसटीपी प्लांट बनाना है।- अब्दुल शबूर, ईओ
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