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जांच होगी, प्रस्ताव जाएगा...अधिकारी बस कहते रहेंगे, हो कुछ न पाएगा
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मंडी समिति के नजदीक यहां अभी भी है जलभराव। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। अलापुर रोड पर मंडी समिति के नजदीक जर्जर सड़क पर जलभराव में करंट आने से घोड़े की मौत के बाद के पीडब्ल्यूडी और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी जरूर जागे हैं, लेकिन कार्रवाई जांच और प्रस्ताव भेजे जाने तक ही सिमटकर रह गई है। हालांकि जिस जगह पर घोड़े की मौत हुई, वहां पंपसेट लगाकर और सड़क काटकर पानी की निकास का प्रयास किया गया। इससे जलभराव तो खत्म हुआ, लेकिन उसके आगे-पीछे वही स्थिति बनी हुई है। मुख्य स्थान पर कीचड़ होने से खतरा और बढ़ गया है।
मंडी समिति के नजदीक अलापुर रोड दो-ढाई साल से खराब पड़ा है। हालात यह है कि सड़क का एक-एक पत्थर अलग हो गया है। कहीं-कहीं बजरी इकट्ठी हो गई है, तो कहीं बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस संबंध में तमाम शिकायतें हुईं, प्रदर्शन हुए, ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधियों ने कोई सुध नहीं ली। शुक्रवार को जब यहां करंट लगने से घोड़े की मौत हुई और पॉवर कॉरपोरेशन व पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के खिलाफ धारा 429 और धारा 338 के तहत एफआईआर दर्ज हुई, तो उनकी नींद टूटी। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने कर्मचारियों को भेजकर पोल में करंट बंद कराया, साथ ही विभागीय जांच शुरू करा दी।
अलापुर रोड पर जैसे ही पोल में करंट आने की सूचना मिली थी, तुरंत वहां कर्मचारियों को भेजकर करंट बंद कराया गया। पोल में करंट कैसे आया और घोड़े की मौत कैसे हुई, इसकी जांच कराई जाएगी, तभी आगे मुआवजे आदि की कुछ कार्रवाई होगी। -प्रवेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पावर कॉरपोरेशन
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-जिस जगह जलभराव है, उसके दोनों किनारों पर घर बन गए हैं। पानी निकास की व्यवस्था नहीं है। इससे जलभराव हो जाता है। फिलहाल पंपसेट लगाकर पानी निकाला गया है। यहां पर सीसी रोड और नाली बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी प्रस्ताव पास नहीं हुआ है। हम दो बार रिमांइडर भेज चुके हैं। -मनीष सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
दो से पांच साल तक सजा का प्रावधान
बार एसोसिएशन के महासचिव संदप मिश्रा बताते हैं कि इस मामले में धारा 429 और धारा 338 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। दोनों धाराएं जमानतीय हैं। धारा 429 संज्ञेय अपराध है। इसमें पांच साल की सजा और आर्थदंड का प्रावधान है, जबकि धारा 338 में दो साल की सजा और आर्थदंड का प्रावधान है। यह असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
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मंडी समिति के नजदीक अलापुर रोड दो-ढाई साल से खराब पड़ा है। हालात यह है कि सड़क का एक-एक पत्थर अलग हो गया है। कहीं-कहीं बजरी इकट्ठी हो गई है, तो कहीं बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस संबंध में तमाम शिकायतें हुईं, प्रदर्शन हुए, ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधियों ने कोई सुध नहीं ली। शुक्रवार को जब यहां करंट लगने से घोड़े की मौत हुई और पॉवर कॉरपोरेशन व पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के खिलाफ धारा 429 और धारा 338 के तहत एफआईआर दर्ज हुई, तो उनकी नींद टूटी। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने कर्मचारियों को भेजकर पोल में करंट बंद कराया, साथ ही विभागीय जांच शुरू करा दी।
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अलापुर रोड पर जैसे ही पोल में करंट आने की सूचना मिली थी, तुरंत वहां कर्मचारियों को भेजकर करंट बंद कराया गया। पोल में करंट कैसे आया और घोड़े की मौत कैसे हुई, इसकी जांच कराई जाएगी, तभी आगे मुआवजे आदि की कुछ कार्रवाई होगी। -प्रवेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पावर कॉरपोरेशन
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-जिस जगह जलभराव है, उसके दोनों किनारों पर घर बन गए हैं। पानी निकास की व्यवस्था नहीं है। इससे जलभराव हो जाता है। फिलहाल पंपसेट लगाकर पानी निकाला गया है। यहां पर सीसी रोड और नाली बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी प्रस्ताव पास नहीं हुआ है। हम दो बार रिमांइडर भेज चुके हैं। -मनीष सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
दो से पांच साल तक सजा का प्रावधान
बार एसोसिएशन के महासचिव संदप मिश्रा बताते हैं कि इस मामले में धारा 429 और धारा 338 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। दोनों धाराएं जमानतीय हैं। धारा 429 संज्ञेय अपराध है। इसमें पांच साल की सजा और आर्थदंड का प्रावधान है, जबकि धारा 338 में दो साल की सजा और आर्थदंड का प्रावधान है। यह असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।

मंडी समिति के नजदीक शनिवार को यहीं से निकाला गया पानी। संवाद- फोटो : BADAUN

सड़क किनारे गड्ढा खोदकर कुछ इस तरह पंपसैट लगाकर निकाला गया पानी। संवाद- फोटो : BADAUN