{"_id":"69581f70817f9f090507a77c","slug":"the-number-of-diabetes-patients-is-increasing-in-winter-badaun-news-c-123-1-sbly1018-154121-2026-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: सर्दी में मधुमेह के मरीजों की बढ़ रही संख्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: सर्दी में मधुमेह के मरीजों की बढ़ रही संख्या
Sat, 03 Jan 2026 01:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 03 Jan 2026 01:11 AM IST
विज्ञापन
बदायूं। कड़ाके की ठंड के साथ लोगों की दिनचर्या बदल गई है। शारीरिक गतिविधियों में कमी का सबसे ज्यादा असर शुगर के मरीजों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में शुगर की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 100 के करीब पहुंच गई है। जबकि कुछ दिन पूर्व तक यह संख्या 40 से 50 के बीच रहती थी। इनमें कई मरीजों का शुगर स्तर 300 से भी अधिक दर्ज किया गया है।
जिले में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान में गिरावट के कारण सुबह उठने तथा टहलने से परहेज करने वालों की संख्या बढ़ी है। इसका परिणाम यह है कि कई मरीजों की शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। चिकित्सकों का कहना है कि नियमित व्यायाम और दिनचर्या में बदलाव से इंसुलिन बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसके कारण शुगर का स्तर बढ़ जाता है और वजन भी बढ़ने लगता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि ठंड के मौसम में शुगर के मरीजों को विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है। यदि बाहर टहलने न जा सकें तो घर पर ही व्यायाम अवश्य करें।
-- -- -- -
आलू का सेवन न करें
सीएचसी सैदपुर के अधीक्षक डॉ. जुनैद मेंहदी ने बताया कि सर्दी के मौसम में बीपी, शुगर की बीमारी लोगों में अधिक प्रभावी हो रही है। इससे बचाव के लिए प्रभावित लोगों को आलू का सेवन नहीं करना चाहिए। आलू से मिलने वाली कैलोरी को लोग दिनभर में खपा नहीं पाते हैं। कैलोरी शरीर में अधिक बढ़ने पर बीपी, शुगर की बीमारी होने की अधिक संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन 40 से 60 मरीज बीपी, शुगर की नियमित जांच कराने के लिए आ रहे हैं। आलू में स्टार्च की मात्रा अधिक होने से शुगर की बीमारी को बढ़ाता है। आलू के विकल्प के तौर पर हरी सब्जियों और फलों का उपयोग करें।
विज्ञापन
-- -- --
शुगर बढ़ने के लक्षण
- बेहोशी आना
- धुंधला दिखाई देना
- मतली आना
- अधिक प्यास लगना
-- -- -- -- -- -
इस तरह करें शुगर नियंत्रित
- एक घंटा रोज तेज गति से टहलें
- प्रतिदिन साइकिल चलाएं
- पानी का अधिक सेवन करें
- भोजन में हरी सब्जी, मौसमी फल शामिल करें
-प्रतिदिन योग करेंं
कोट,
सर्दी के मौसम में मधुमेह के मरीज बढ़ जाते हैं। इस बार भी मरीज बढ़े हैं। मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था जिला अस्पताल में है। किसी भी मरीज को इलाज के लिए दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।-डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस जिला अस्पताल बदायूं
विज्ञापन
जिले में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान में गिरावट के कारण सुबह उठने तथा टहलने से परहेज करने वालों की संख्या बढ़ी है। इसका परिणाम यह है कि कई मरीजों की शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। चिकित्सकों का कहना है कि नियमित व्यायाम और दिनचर्या में बदलाव से इंसुलिन बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसके कारण शुगर का स्तर बढ़ जाता है और वजन भी बढ़ने लगता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि ठंड के मौसम में शुगर के मरीजों को विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है। यदि बाहर टहलने न जा सकें तो घर पर ही व्यायाम अवश्य करें।
विज्ञापन
आलू का सेवन न करें
सीएचसी सैदपुर के अधीक्षक डॉ. जुनैद मेंहदी ने बताया कि सर्दी के मौसम में बीपी, शुगर की बीमारी लोगों में अधिक प्रभावी हो रही है। इससे बचाव के लिए प्रभावित लोगों को आलू का सेवन नहीं करना चाहिए। आलू से मिलने वाली कैलोरी को लोग दिनभर में खपा नहीं पाते हैं। कैलोरी शरीर में अधिक बढ़ने पर बीपी, शुगर की बीमारी होने की अधिक संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन 40 से 60 मरीज बीपी, शुगर की नियमित जांच कराने के लिए आ रहे हैं। आलू में स्टार्च की मात्रा अधिक होने से शुगर की बीमारी को बढ़ाता है। आलू के विकल्प के तौर पर हरी सब्जियों और फलों का उपयोग करें।
विज्ञापन
शुगर बढ़ने के लक्षण
- बेहोशी आना
- धुंधला दिखाई देना
- मतली आना
- अधिक प्यास लगना
इस तरह करें शुगर नियंत्रित
- एक घंटा रोज तेज गति से टहलें
- प्रतिदिन साइकिल चलाएं
- पानी का अधिक सेवन करें
- भोजन में हरी सब्जी, मौसमी फल शामिल करें
-प्रतिदिन योग करेंं
कोट,
सर्दी के मौसम में मधुमेह के मरीज बढ़ जाते हैं। इस बार भी मरीज बढ़े हैं। मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था जिला अस्पताल में है। किसी भी मरीज को इलाज के लिए दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।-डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस जिला अस्पताल बदायूं